06/07/2024
Department of Political Science, Bareilly College
Department Of Political Science
06/07/2024
18/03/2023
Mid term exam of Pre.Ph.D Course Work Of Political Science at Bareilly College, Bareilly
17/03/2023
राजनीति विज्ञान प्री पीएचडी कोर्स वर्क मैं राजनैतिक अवधारणाओं को लेकर चर्चा
बरेली कॉलेज राजनीति विज्ञान प्री पीएचडी कोर्स वर्क के तहत आज राजनीति विज्ञान से जुड़ी हुई मूलभूत अवधारणाओ के ऊपर चर्चा एवं विश्लेषण की प्रक्रिया आयोजित की गई। प्रथम सत्र में राजनीति विज्ञान की प्रोफेसर वंदना शर्मा द्वारा राज्य, संप्रभुता, राज्य द्वारा संपादित किए जाने वाले कार्य,। राज्य की उत्पत्ति के सिद्धांत एवं नागरिक समाज की अवधारणा के साथ-साथ प्रजातांत्रिक व्यवस्था में नागरिक समाज के योगदान की विस्तार से चर्चा की। द्वितीय सत्र में प्रोफेसर नीलम गुप्ता ने अरस्तु ,प्लेटो , मैक्यावली के राजनीतिक सिद्धांतों पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए आदर्श राज्य की अवधारणा को समझाया। तृतीय सत्र के मुख्य वक्ता थे डॉक्टर रमेश त्रिपाठी जिन्होंने राजनीति विज्ञान के विषय में शोध प्रस्ताव तैयार करने के लिए आवश्यक मूलभूत तत्वों की चर्चा की।
राजनीति विज्ञान विभाग की विभागाध्यक्ष एवं कोर समन्वयक प्रोसेसर मनमीत कौर ने भारतीय संविधान एवं राजनीतिक व्यवस्था की आधारभूत विशेषताओं को शोधार्थियों के लिए स्पष्ट किया उन्होंने विभिन्न सत्रों के विषय विशेषज्ञों को स्मृति चिन्ह एवं शॉल उड़ाकर सम्मानित भी किया।
11/03/2023
11/03/2023
राजनीति शास्त्र प्री पीएचडी कोर्स वर्क बरेली कॉलेज बरेली के प्रथम तकनीकी सत्र के मुख्य वक्ता थे प्रोफ़ेसर उमा चरण, प्रोफेसर उमाचरण ने अपने व्याख्यान के दौरान विद्यार्थियों को सैंपलिंग किस प्रकार की जाए तथा शोध की आवश्यकता के अनुरूप सैंपल साइज का चुनाव किस प्रकार किया जाए इस पर विस्तार से जानकारी दी।
द्वितीय सत्र के वक्ता जीएसएम इंस्टिट्यूट बिहार से आए हुए प्रोफेसर विवेक शर्मा ने शोधार्थियों को एक्सेल के अनुप्रयोग और इसके व्यावहारिक पहलुओं से अवगत कराया। उन्होंने पावर पॉइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से शोधार्थियों को एक्सेल का प्रयोग किस प्रकार से शोध को बेहतर बनाने के लिए किया जा सकता है इस प्रक्रिया की जानकारी दी।
कोर्स, समन्वयक प्रोसेसर मनमीत कौर ने तकनीकी सत्रों का संचालन किया। प्रोफेसर वंदना शर्मा और प्रोफेसर नीलम गुप्ता के निर्देशन में शोधार्थियों ने अपने विषय से जुड़ी प्रारंभिक प्रस्तुतियां दीं। इस अवसर पर प्रोफेसर एन एलशर्मा ,प्रोफेसर निरुपम शर्मा ,डॉ रमेश त्रिपाठी ईएचएस इंस्टिट्यूट के एसके सूरी, फैज मोहम्मद, शीतू शुक्ला आदि उपस्थित रहे
10/03/2023
राजनीति शास्त्र विषय के प्री पीएचडी कोर्स वर्क के तहत आज व्याख्यानमाला में प्रथम सत्र के मुख्य वक्ता थे प्रोफेसर अनूप अग्रवाल प्रोफेसर अनूप अग्रवाल ने रिसर्च मेथाडोलॉजी के तहत शोध प्रस्ताव तैयार करने के लिए निर्धारित प्रारूप को विद्यार्थियों के लिए स्पष्ट किया, अनूप अग्रवाल ने कहा कि विद्यार्थियों को ऐतिहासिक भौगोलिक एवं सांस्कृतिक परिवेश को ध्यान में रखकर ही शोध प्रस्ताव तैयार करना चाहिए।
द्वितीय सत्र की मुख्य वक्ता साहू राम स्वरूप महिला महाविद्यालय में राजनीति शास्त्र विभाग की विभागाध्यक्ष प्रोफेसर प्रीति पाठक ने विद्यार्थियों को सामाजिक आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर शोध करने का सुझाव दिया उन्होंने स्पष्ट किया कि शोध तभी प्रासंगिक हो सकता है जब वह सामाजिक आवश्यकताओं को पूरा करने में अपना योगदान देता ।हो।
कोर्स की समन्वयक राजनीति शास्त्र विभाग की प्रभारी प्रोफ़ेसर मनमीत कौर ने सभी शोधार्थियों को परिकल्पना निर्धारण की अवधारणा को समझाया उन्होंने यह भी बताया कि शोध विषय का चयन करते समय सावधानियां बरती जाए तो शोध हमेशा प्रासंगिक बना रह सकता है। इस अवसर पर प्रोफेसर वंदना शर्मा प्रोफेसर नीलम गुप्ता डॉक्टर रमेश त्रिपाठी उपस्थित रहे।
03/03/2023
Presentation on "Data Collection Topic" by Muskan student of M.A. Prev Department of Political Science !!
03/03/2023
तकनीक ने बदले हैं शोध के तरीके
राजनीति शास्त्र विषय के प्री पीएचडी कोर्स वर्क के तहत आज व्याख्यानमाला के प्रथम सत्र की मुख्य वक्ता थी प्रोफेसर नीलम गुप्ता जिन्होंने शोधार्थियों को केस स्टडी के माध्यम से शोध कार्य कैसे किया जा सकता है इस प्रक्रिया की विस्तार से जानकारी दी उन्होंने विभिन्न प्रकार के केस स्टडी को और उनकी उपादेयता को भी विस्तार से विद्यार्थियों को समझाया। द्वितीय सत्र की मुख्य वक्ता प्रोफेसर रेनू चौधरी ने ओपन एक्सेस पब्लिकेशन शोध कार्यों के लिए किस प्रकार उपयोगी है इसकी क्या मर्यादा आएं हैं और वर्तमान तकनीक एवं सूचना के उपयोग में शोधार्थी किस प्रकार से इसका उपयोग कर सकते हैं इसकी विस्तार से चर्चा की।
समन्वय प्रोफेसर मनमीत कौर ने विद्यार्थियों को शोध विषय के चयन को लेकर अपेक्षित सावधानियों से अवगत कराया। तकनीकी सत्रों का संचालन राजनीति शास्त्र की प्रोफेसर वंदना शर्मा द्वारा किया गया।
03/03/2023
बौद्धिक ईमानदारी के बिना शोध सामाजिक उपादेयता का उद्देश्य पूरा नहीं कर सकता।
राजनीति शास्त्र विषय की प्री पीएचडी कोर्स वर्क के तहत आज की व्याख्यानमाला के प्रथम सत्र के मुख्य वक्ता थी प्रोफेसर वंदना शर्मा ।प्रोफेसर वंदना शर्मा ने बौद्धिक ईमानदारी तथा शोध के बीच संबंध को स्पष्ट करते हुए बताया कि अब शोध का अपना एक बाजार विकसित हो गया है और ऐसे में और भी आवश्यक हो जाता है कि शोध को लेकर बौद्धिक ईमानदारी बरती जाए, उन्होंने बताया इमानदारी और सत्य निष्ठा दो ऐसे मूल्य हैं जो शोधकर्ता को विश्वसनीय तो बनाते ही हैं शोध कार्य को लेकर निष्पक्षता और पारदर्शिता भी निर्मित करते हैं। जो यूजीसी विनियम 2018 का उल्लेख करते हुए तो वंदना शर्मा ने बताया कि बौद्धिक चोरी ना केवल विधिक अपराध है वरन नैतिक अपराध भी है।
द्वितीय सत्र के मुख्य वक्ता के रूप में समाजशास्त्री प्रोफेसर रविंद्र बंसल ने अपने व्याख्यान में शोध कार्य के लिए प्रयोग किए जाने वाले विभिन्न ग्राफिक्स और बार डायग्राम को विस्तार से समझाया उन्होंने बताया कि ग्राफिक्स और बार डायग्राम के प्रयोग से आप अपने शोध कार्य की प्रासंगिकता में वृद्धि कर सकते हैं। कोर्स की समन्वयक प्रोफेसर मनमीत कौर ने विद्यार्थियों को होने वाली मिड टर्म परीक्षा और राजनीति शास्त्र विषय में किए जाने वाले शोध उपयोगी विषय की जानकारी दी। इस अवसर पर प्रोफेसर नीलम गुप्ता डॉक्टर रमेश त्रिपाठी, मनोनीत सिंह जहीर उद्दीन कुरैशी और राजनीति शास्त्र विभाग के अनेक शोधार्थी उपस्थित रहे।
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