20/12/2025
यही सच्चाई है जो लोग अनुसूचित वर्ग में तरक्की कर चुके हैं वे लोग उन वंचित लोगों को तरक्की करने से रोक रहे हैं, मेरे गांव की ही बात है यहां से एक व्यक्ति 50 वर्ष पूर्व IAS हुए थे अनुसूचित वर्ग से संबंधित हैं आज उनका बेटा भी IAS बन गया है दिल्ली में कई कोठी तथा करोड़ के मालिक हैं तथा गांव में लगभग 100 बीघा खेत एकत्रित कर लिया है वह चाहते तो दो-चार स्कूल खोल सकते थे लेकिन उन्होंने समाज के लिए या अनुसूचित वर्ग के लिए कुछ नहीं किया, संता इस प्रकार प्राप्त नहीं होगी
17/08/2025
ये दुर्गा भाभी हैं, इनका असली नाम दुर्गावती देवी था। ये वही दुर्गा भाभी हैं, जिन्होंने साण्डर्स वध के बाद क्रांतिकारी राजगुरू और भगतसिंह जी को लाहौर से अंग्रेजों की नाक के नीचे से निकालकर कोलकत्ता ले गयीं।
इनके पति महान क्रन्तिकारी भगवती चरण थे, ये भी कहा जाता है कि चंद्रशेखर आजाद के पास आखिरी वक्त में जो माउजर था, वो भी दुर्गा भाभी ने ही उनको दिया था।
14 अक्टूबर 1999 में वो इस दुनिया से गुमनाम ही विदा हो गयी कुछ एक दो अखबारों ने उनके बारे में छापा बस।
ऐसी वीरांगना को हम शत शत नमन करते हैं।
15/08/2025
मात्र 18 वर्ष की अल्पायु में मातृभूमि के लिए अपने प्राणों का बलिदान देने वाले महान क्रांतिकारी खुदीराम बोस का ये फोटो, जिसमें वे अंग्रेजों की कैद में हैं
14/08/2025
ये हैं डॉ. गुरतेज संधू, भारतीय मूल के वैज्ञानिक,
जिन्होंने टेक्नोलॉजी की दुनिया में वो कर दिखाया
जो कभी इतिहास के सबसे बड़े इनोवेटर थॉमस एडिसन ने भी नहीं किया था।
डॉ. संधू के नाम 1500+ से ज्यादा पेटेंट दर्ज हैं,
जबकि एडिसन के नाम 1093 पेटेंट थे।
उन्होंने कंप्यूटर मेमोरी, माइक्रोचिप्स और स्टोरेज टेक्नोलॉजी में
ऐसे आविष्कार किए जिनका इस्तेमाल पूरी दुनिया हर दिन करती है —
लेकिन अफसोस, अपने ही देश में उनका नाम शायद ही कोई जानता है।
ये तस्वीर और कहानी हमें एक सच्चाई याद दिलाती है —
हम अपने असली हीरोज़ को भूलकर सिर्फ शोहरत और ग्लैमर का पीछा करते हैं।
अब वक्त है कि हम अपने वैज्ञानिकों, शोधकर्ताओं और असली चेंजमेकर को
वो पहचान दें जिसके वो हक़दार हैं। 🙏