11/05/2016
पहचानिए "अभी (Present) की ताकत"
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मेरे पास 100 रुपये हैं. 45 रुपये से मैंने अपना पूराना उधार चूका दिया. 15 रुपये मैंने भविष्य के लिए बैंक में FDR में डाल दिए और 40 रुपये मेरे पास Present में खर्च के लिए बचे.
मित्रों इसी प्रकार हमारे मन में जो विचार आते है उनका भी यही हाल होता है. अगर हम अभी 5 मिनट के अंदर आने वाले विचारों को 100 मान लें तो उनमें से 45 विचार पिछली बातों के आते हैं, 15 विचार भविष्य के आते हैं और मान कर चलिए मित्रों सिर्फ 40 विचार ही "अभी यानि Present" के आते है यानि जो काम हम कर रहे होते हैं.
कुछ example लेते है :-
1) हम खेल रहे हैं तो खेलते समय भी ये विचार ऐसे ही चलते हैं (यानि 45 विचार पिछली बातों के, 15 विचार भविष्य के बारे में और 40 विचार अभी यानि Present में खेल के). तो अगर खेल में हम ज्यादा अच्छा नहीं कर पाए तो इसमें बुरा मानने की जरुरत नहीं है. (हमने Present में दिया भी तो सिर्फ 40% था out of 100%).
2) हम पढ़ाई कर रहे हैं तो पढ़ते समय भी ये विचार ऐसे ही चलते हैं (यानि 45 विचार पिछली बातों के, 15 विचार भविष्य के बारे में और 40 विचार अभी यानि Present में पढ़ाई के). तो अगर पढ़ाई में हम ज्यादा अच्छा नहीं कर पाए तो इसमें बुरा मानने की जरुरत नहीं है. (हमने Present में दिया भी तो सिर्फ 40% था out of 100%).
मित्रों इसी प्रकार हर चीज होती है जब हम उस वक़्त के बारे में 40% विचार ही देते हैं तो हमारे नंबर भी तो 40% ही आएंगे. जिस दिन हम "अभी यानि Present" में 100% देने लग जायेंगे तो उसी दिन से हमारे पढ़ाई में नंबर, ऑफिस में Progress, खेल में सफलता 100% मिलने लग जाएगी.
बुजुर्गों ने बिलकुल सही कहा है :-
जब जो काम करो, उस पर, उस वक़्त 100% ध्यान केंद्रित करो यानि "अभी (Present) की ताकत" को पहचानो, जैसे
1) अगर खेलना है तो खेल में 100% ध्यान लगाओ, हमें अच्छा player बनने से कोई नहीं रोक सकता.
2) अगर पढ़ना है तो पढ़ने में 100% ध्यान लगाओ, हमें पढ़ाई में Top में आने से कोई नहीं रोक सकता.
3) अगर ऑफिस में काम कर रहे है तो काम में 100% ध्यान लगाओ, हमें अपनी जिंदगी में Progress से कोई नहीं नहीं रोक सकता.
मित्रों जिन जिन लोगों ने इस राज़ को समझ लिया वो आज की तारीख में बुलंदियों के शिखर पर है और जो इस "अभी (Present) की ताकत" को नहीं समझते, वो जिंदगी भर शिखर तक पहुँचाने के रास्ते ही तलाशते रह जाते हैं.
मित्रों, इसलिए जब भी, जो भी करो ( कुछ भी करो, कोई काम छोटा नहीं होता, छोटी होती है हमारी सोच) बस हमें अपने 100% विचार "अभी (Present)" पर रखने हैं. जब कभी भी जो काम करें और आपका मन दाएं बाएं (यानि Past और Future) जाये तो एकदम से Present का Break मारिए.
Try करके देखिये सिर्फ कुछ ही दिनों की मेहनत से ही आप इस "बुलंदी तक पहुँचाने की कला" सीख जायेंगे.
खेलते समय, पढ़ते समय, टीवी देखते समय, खाना खाते समय, बातें करते समय, ऑफिस में काम करते समय - "Just give your 100% at that very Particular Moment. Catch The Moment and then see the MAGIC."
मित्रों ध्यान रहे :-
बारिश की बूँदें ,,
भले ही छोटी हों ,,
लेकिन उनका लगातार बरसना ,,
बड़ी बड़ी नदियों का बहाव बन जाता है.
ऎसे ही ,,
हमारे छोटे छोटे प्रयास निश्चित ही हमारी तथा समाज में दूसरों की जिन्दगी में बड़ा परिवर्तन लाने में सक्षम है.
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