25/07/2026
मुझे New Gen पर गर्व होता है।
इसलिए नहीं कि वे हर बात में सही होते हैं, बल्कि इसलिए कि वे हर बात पर सवाल करते हैं। उन्हें सिर्फ़ धर्म के नाम पर, परंपरा के नाम पर या अंधविश्वास के नाम पर बहकाना इतना आसान नहीं है। वे किसी भी दावे को आँख मूँदकर नहीं मानते, बल्कि उसकी दलील और हक़ीक़त जानना चाहते हैं।
यही आदत किसी भी मज़बूत लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताक़त होती है। क्योंकि जब नौजवान सवाल पूछना छोड़ देते हैं, तब समाज में अंधभक्ति और ख़ामोशी बढ़ने लगती है।
आज अगर सड़कों पर निकलकर हालात देखें, तो महसूस होता है कि हमें ऐसी नई पीढ़ी की ज़रूरत है जो नफ़रत नहीं, समझदारी चुने… अफ़वाह नहीं, सच तलाश करे… और भीड़ का हिस्सा बनने के बजाय अपनी अक़्ल से फ़ैसले ले।
मुझे पूरी उम्मीद है कि अगर इस देश का भविष्य ऐसे सोचने वाले नौजवानों के हाथों में होगा, तो यह देश सिर्फ़ आगे ही नहीं बढ़ेगा, बल्कि अपनी असली पहचान—इंसानियत —को भी महफ़ूज़ रख पाएगा।
आचार्य दिलीप मिश्रा
फाउंडर - पीसीएस कैम्पस बाराबंकी
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पी सी बी क्लासेज, सफेदाबाद--बाराबंकी
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