09/02/2025
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JAYANTI GROUP OF EDUCATION deals about computer courses, university courses i.e. CCC,DCA,ADCA,TALLY.
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05/12/2024
of Ultra Modern at Pant Nagar Bansi By Leading Social Worker Ji.
Jagdambika Pal शिशिर गर्ग fans
31/10/2024
#जयंती_ग्रुप_ऑफ_एजुकेशन परिवार की तरफ से समस्त देशवासियों को दीपावली की हार्दिक बधाई अनन्त शुभकामनाएं।।
Jayanti Group Of Education शिशिर गर्ग JIIT Computer Classes
11/10/2024
आपके अपने संस्थान पंतनगर बांसी में #नवरात्रि_स्पेशल_ऑफर का लाभ उठाइए,किसी भी #कंप्यूटर_कोर्स में एडमिशन लीजिए और पाइए 20% की भारी छूट।।
शिशिर गर्ग
fans Jayanti Group Of Education Microsoft Word Bansi Siddharthnagar मनोज गर्ग computer_knowledge_computer
20/06/2024
Admission Open;-
CCC,DCA, ADCA Tally
JIIT Computer Classes Pantnagar Bansi Siddharth Nagar
Confused English...!!
11/12/2023
10/12/2023
Raj Chaurasiya makes ICard Microsoft Word
Well Done Keep it UP..👍🏻👍🏻
JIIT Computer Classes Jiit Bansi Jayanti Group Of Education Bansi Siddharthnagar शिशिर गर्ग
11/11/2023
Happy Diwali
JIIT Computer Classes
Jiit Bansi
Jayanti Group Of Education
11/11/2023
JIIT Computer Classes
04/11/2023
मेरी क्युरी फिजिक्स और केमिस्ट्री दोनों विषयों में (1903 में फिजिक्स और 1911 में केमिस्ट्री में) नोबेल जीतने वाली दुनियाँ की पहली महिला थी l वह पेरिस यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर बनने वाली भी पहली महिला थी l यही उसकी मुलाकात पियरे क्यूरी से हुई जो बाद में उसके पति बने और दोनों ने मिलकर रेडिएशन की खोज की l जिसके लिये नोबल कमेटी ने उनके पति को नोबल के लिये नामित किया l यहाँ महिला होने कारण नोबल कमेटी मेरी को नोबल के लिये नहीं नामित करना चाहती थी लेकिन पियरे के एतराज जताने पर विवश होकर कमेटी को मेरी को नोबल देना पड़ा l
मैरी के दो बेटियां हुईं l 1897 में आइरीन और 1904 में ईव l ईव के जन्म के डेढ़ साल बाद (1906 में) एक दुर्घटना में मैरी के पति पीयरे की मृत्यु हो गई l
हम कल्पना नहीं कर सकते कि लगातार अपनी प्रयोगशाला में व्यस्त रहने वाली मैरी के लिए दो बच्चियों की परवरिश अकेले करना कितना मुश्किल रहा होगा l उस समय पेरिस में बच्चियों के लिए जिस तरह की स्कूली शिक्षा उपलब्ध थी, वह मैरी को नापसंद थी. उसने अपनी बच्चियों को घर पर ही पढ़ाया l
1911 में दूसरी बार मेरी क्यूरी को रेडियम और पोलोनियम की खोज के लिये केमिस्ट्री का नोबल दिया गया l जिसका इस्तेमाल आज केंसर के इलाज में होता है l लगातार रेडियम के संपर्क में रहने के कारण मेरी की सेहत बिगड़ गयी l और 1934 में 66 वर्ष की आयु में मेरी का निधन हो गया l
अमेरिका ने क्युरी का सम्मान करते हुये उन्हे अपने देश में उपलब्ध एक ग्राम रेडियम दान करने की घोषणा की l मेरी ने कहा कि रेडियम उन्हे नहीं उनके संस्थान को दे दिया जाये ताकि उनकी मौत के बाद उस पर उसके परिवार का कब्जा ना हो l
माँ की छाया में पली-बढीं दोनों बेटियों ने भी असाधारण सफलताएं हासिल कीं l बड़ी बेटी आइरीन को 1935 में फिजिक्स का नोबेल मिला जबकि बचपन से ही कला और लेखन में दिलचस्पी रखने वाली छोटी बेटी ईव को युद्ध पत्रकारिता के पुलित्ज़र अवार्ड के लिए नॉमिनेट किया गया. बाद में वह यूनिसेफ की ‘फर्स्ट लेडी’ बनीं l ईव को 1965 में शांति के लिये नोबल पुरस्कार मिला l इस प्रकार दुनियाँ में मात्र एक परिवार है जिसके सभी सदस्यों को नोबल पुरस्कार मिला है l दोनों पेरेंट्स और दोनों बेटियां ... विलक्षण प्रतिभा का धनी एेसा परिवार दुनियाँ के इतिहास में दूसरा नहीं है l इस प्रकार यह पाँच नोबल जीतने वाला दुनियाँ का एक मात्र परिवार बना l
: copied @ सुभाष जाखड़
(2022 की पोस्ट)
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