06/07/2024
अभ्यास का महत्त्व
प्राचीन समय में विद्यार्थी गुरुकुल में ईमानदार ही पढ़ते थे। बच्चे को शिक्षा ग्रहण करने के लिए गुरुकुल में भेजा गया था। आश्रम में गुरु के सानिध्य में बालक गुरुकुल की देखभाल करते थे। और अध्ययन भी करते थे।
वरदराज को भी सभी तरह के गुरुकुल भेजे गए। वहाँ आश्रम में अपने साथियों के साथ घुलने मिलने लगा।
लेकिन वह पढ़ाई में बहुत ही कमजोर था। गुरुजी की कोई भी बात बहुत कम समझ में आती थी। इस कारण सभी के बीच वह उपहास का कारण बनता है।
उसका सारा साथी अगली कक्षा में चला गया लेकिन वह आगे नहीं बढ़ पाया।
गुरुजी जी ने भी अंततः उन्हें कहा, “बेटा वरदराज! मैंने सारे प्रयास करके देख लिए है। अब यही उचित होगा कि तुम यहां अपना समय बर्बाद मत करो। अपने घर चले जाओ और घरवालों की काम में मदद करो।”
वरदराज ने यह भी सोचा कि शायद विद्या मेरी किस्मत में नहीं हैं। और भारी मन से गुरुकुल से घर के लिए निकल गया। दोपहर का समय था। रास्ते में उसे प्यास लगने लगी। इधर उधर देखने पर उसने पाया कि थोड़ी दूर पर ही कुछ महिलाएं सोते से पानी भर रही थीं। वह कुवे के पास गया।
वहाँ रस्सी पर आने जाने से निशान बने हुए थे, तो उसने महिलाओ से पूछा, “यह निशान आप कैसे बना सकते हैं।”
तो एक महिला ने जवाब दिया, “बेटे यह निशान हमने नहीं बनाया।” यह तो पानी के कठिन समय में इस कोमल रस्सी के बार-बार आने से ठोस पत्थर पर भी ऐसे निशान बन गए हैं।”
वरदराज सोच में पड़ गया। उन्होंने सोचा कि जब एक कोमल रस्सी के बार-बार आने से एक ठोस पत्थर पर गहरा निशान बन सकता है तो निरंतर अभ्यास से विद्या ग्रहण क्यों नहीं किया जा सकता है।
वरदराज तालाब सारे उत्साह के साथ वापस गुरुकुल आया और अथक परिश्रम की। गुरुजी ने भी बहुत ख़ुशी से सहयोग किया। कुछ ही सालों बाद यही मंदबुद्धि बालक वरदराज आगे बढ़ता संस्कृत व्याकरण का महान विद्वान बना। जिन्होंने लघुसिद्धान्तकौमुदी, मध्यमसिद्धान्तकौमुदी, सारसिद्धान्तकौमुदी, गीर्वानपद्मंजरी की रचना की।
शिक्षा(Moral):
दोस्तो अभ्यास की शक्ति का तो कहना ही क्या हैं।. यह आपके हर सपने को पूरा करेगी। अभ्यास बहुत जरूरी है क्योंकि वो खेल में हो या अध्ययन में या किसी ओर चीज में। बिना अभ्यास के आप सफल नहीं हो सकते। यदि आप बिना अभ्यास के केवल भाग्य के अनुरूप बैठे रहेंगे, तो अंत में मैं आपको पछतावे के सिवा और कुछ हाथ नहीं लगाऊंगा। इसलिए अभ्यास के साथ धैर्य, परिश्रम और लगन की भावना आप अपनी मंजिल को पाने के लिए जीते हैं।