09/06/2025
बिहार सरकार की बस सेवा - गांव चलना में नया सफर!
दोस्तों, गांव चलना में बिहार सरकार की ओर से शुरू हुई नई बस सेवा ने सफर को बनाया है और भी आसान और सुरक्षित! खास तौर शुरू की गई ये बसें न सिर्फ आरामदायक हैं, बल्कि ढेर सारी आधुनिक सुविधाओं से भी लैस हैं।
क्या है खास?
सीसीटीवी कैमरा: हर पल आपकी सुरक्षा के लिए।
पैनिक बटन: आपातकाल में तुरंत मदद।
इमरजेंसी एग्जिट: हर स्थिति में सुरक्षित निकास।
पुश बैंक सीटें: लंबे सफर में भी पूरा सुकून।
जीपीएस ट्रैकिंग: रास्ते की हर जानकारी आपके साथ।
मोबाइल चार्जिंग पॉइंट: कनेक्टेड रहें, बिना रुकावट।
म्यूजिक सिस्टम : सफर में संगीत का आनंद।
माइक सेवा : बस कंडक्टर के द्वारा हर स्टॉपेज की जानकारी।
सुबह 5.30 बजे चलने वाली ये बस हमारे पंचायत चलना को जिला भागलपुर से जोड़ रही हैं, वो भी किफायती किराए में!
बिहार सरकार का ये कदम हमारे गांव के लिए नई उम्मीद की किरण है। आइए, इस शानदार सेवा का फायदा उठाएं और अपने सफर को बनाएं सुरक्षित, सुविधाजनक और शानदार!
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नोट: गांव चलना में बस सेवा की जानकारी बिहार सरकार की बिहार राज्य पथ परिवहन निगम के वेबसाइट पर आधारित है।
14/05/2023
इस दशक के महान लोगों की सबसे गलत सलाह है "अपना पैशन फॉलो करो"
अरे पैशन सबसे सस्ती चीज है। कोई भी किसी के लिए भी पेसनेट हो सकता है। बिना मेहनत किए, बिना बारीकियां समझे, बिना अड़चने समझे, बिना सक्सेस रेसियो समझे, बिना अपनी औकात समझे, आप कभी भी किसी भी चीज के लिए पैसनेट हो सकते हैं। लेकिन जरूरी नही जो आपका पैशन हो उसके आप एक्सपर्ट हों।
सा रे गा मा नही आता लेकिन म्यूजिक के लिए पैशनेट, क्लॉज शॉट और फुल शॉट का अंतर नही पता लेकिन एक्टिंग के लिए पैशनेट। ये एकतरफा प्रेम जैसा है, चाहे जिस से कर लो पड़ोस की पिंकी से या प्रियंका चोपड़ा से। कौन रोक रहा है। ज्यादातर पैशन तो समाज ने हमारे दिमाग में डाले हैं। की फलां चीज कूल है तो पैशनेट हो गए उसके लिए। फलां चीज का भौकाल है, फलां चीज में बहुत पैसा है वगैरह। ये सारे आइडिया उधार के हैं।
पैशन फॉलो करने से पहले ये जरूर देख ले की आप वाकई उसमें अच्छे भी हैं या देखा देखी घुसे जा रहे हैं। "कम कमाऊंगा लेकिन खुश रहूंगा" ये जरूरी नही, हो सकता है कम भी न कमा पाओ। तो दूसरों से बोलने से पहले खुद को टटोला जाए की वाकई ये पैशन मेरा ही है ? #कालचक्र
कुछ पोस्ट अब जरा भ्रांतियों पर किए जायेंगे तो पेज Lakshmi Pratap Singh को फेवरिट कर लो
01/05/2023
पढ़ना-लिखना सीखो, ओ मेहनत करने वालों
पढ़ना-लिखना सीखो, ओ भूख से मरने वालों
क ख ग घ को पहचानों, अलिफ़ को पढ़ना सीखो
अ आ इ ई को हथियार, बनाकर लड़ना सीखो
ओ सड़क बनाने वालों, ओ भवन उठाने वालों
खुद अपनी किस्मत का फैसला अगर तुम्हें करना है
अगर देश की बागडोर को क़ब्ज़े में करना है
बोझ उठाने वाले ओ रेल चलाने वालो ।
क ख ग घ को पहचानों, अलिफ़ को पढ़ना सीखो
अ आ इ ई को हथियार, बनाकर लड़ना सीखो
पूछो, मज़दूरी की ख़ातिर लोग भटकते क्यों हैं?
पढ़ो, तुम्हारी सूखी रोटी गिद्ध लपकते क्यों हैं?
पूछो, माँ-बहनों पर यों बदमाश झपटते क्यों हैं?
पढ़ो, तुम्हारी मेहनत का फल सेठ गटकते क्यों हैं?
पढ़ो, लिखा है दीवारों पर मेहनतकश का नारा
पढ़ो, पोस्टर क्या कहता है, वो भी दोस्त तुम्हारा
पढ़ो, अगर अंधे विश्वासों से पाना छुटकारा
पढ़ो, किताबें कहती हैं – सारा संसार तुम्हारा
पढ़ो, कि हर मेहनतकश को उसका हक़ दिलवाना है
पढ़ो, अगर इस देश को अपने ढंग से चलवाना है
पढ़ना-लिखना सीखो ओ मेहनत करने वालों
पढ़ना-लिखना सीखो ओ भूख से मरने वालों।।
— सफदर हाशमी
29/04/2023
फीस समय की या अनुभव की?
एक विशाल जहाज का इंजन खराब हो गया। लाख कोशिशों के बावजूद कोई इंजीनियर उसे ठीक नहीं कर सका। फिर किसी ने एक मैकेनिकल इंजीनियर का नाम सुझाया जिसे इस तरह के काम का 30 से अधिक वर्षों का अनुभव था। उसे बुलाया गया। इंजीनियर ने वहां पहुंचकर इंजन का ऊपर से नीचे तक बहुत ध्यान से निरीक्षण किया। सब कुछ देखने के बाद इंजीनियर ने अपना बैग उतारा और उसमें से एक छोटा सा हथौड़ा निकाला। फिर उसने इंजन पर एक जगह हथोड़े से धीरे से खटखटाया। और कहा कि अब इंजन चालू करके देखें। और सब हैरान रह गए जब इंजन फिर से चालू हो गया। इंजन ठीक करके इंजीनियर चला गया। जहाज के मालिक ने जब इंजीनियर से जहाज की मरम्मत करने की फीस पूछी, तो इंजीनियर ने कहा- 20,000 डॉलर।
"क्या?!" मालिक चौंका। "आपने लगभग कुछ नहीं किया। मेरे आदमियों ने मुझे बताया था कि तुमने एक हथोड़े से इंजन पर सिर्फ थोड़ा सा खटखटाया था। इतने छोटे काम के लिए इतनी फीस? आप हमें एक विस्तृत बिल बनाकर दें।"
इंजीनियर ने बिल बनाकर दे दिया। उसमें लिखा था:
हथौड़े से खटखटाया: $2
कहां और कितना खटखटाना है: $19,998
फिर इंजीनियर ने जहाज के मालिक से कहा - अगर मैं किसी काम को 30 मिनट में कर देता हूं तो इसलिए कि मैंने 30 साल यह सीखने में लगा दिए कि उसे 30 मिनट में कैसे किया जाता है। मैंने आपको 30 मिनट नहीं दिए, इतने समय में मेरे 30 वर्षों का अनुभव दिया है। फीस कितना समय लगा उसकी नहीं मेरे अनुभव की है। जहाज का मालिक बहुत शर्मिंदा हुआ और उसने ख़ुशी ख़ुशी इंजीनियर को उसकी फीस दे दी।
तो किसी की विशेषज्ञता और अनुभव की सराहना करें... क्योंकि ये उनके वर्षों के संघर्ष, प्रयोग, मेहनत और आंसुओं का परिणाम हैं।💕
09/03/2023
सुनहरा मौका
अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में दाखिले का सुनहरा मौका
सभी साथियों से गुजारिश है कि अपने आस-पड़ोस मिलने जुलने वाले सभी बच्चों को बताएं कि फॉर्म्स आ गए हैं। अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के जल्द से जल्द फिल कर ले।