23/08/2026
दामोदर द्वादशी और चतुर्थ सावन सोमवार एक साथ - जानिए महत्व और पूजन विधि - Damodar Dwadashi and Fourth Sawan Somwar Together - Know the Significance and Worship Method :
24 अगस्त 2026, सोमवार का दिन धार्मिक दृष्टि से विशेष माना जा रहा है। इस दिन दामोदर द्वादशी के साथ श्रावण मास का चतुर्थ एवं अंतिम सावन सोमवार व्रत रहेगा। सावन सोमवार भगवान शिव को समर्पित होता है, जबकि दामोदर द्वादशी भगवान विष्णु के दामोदर स्वरूप की उपासना का विशेष दिन माना जाता है।
इस दिन शिव और विष्णु दोनों की आराधना का अवसर मिलने से भक्तों के लिए यह दिन विशेष आध्यात्मिक महत्व रखता है।
🔱 चतुर्थ सावन सोमवार का महत्व
सावन का प्रत्येक सोमवार भगवान शिव की आराधना के लिए विशेष माना जाता है। 24 अगस्त को सावन का चौथा और अंतिम सोमवार है। इस दिन भगवान शिव का जलाभिषेक, रुद्राभिषेक और बेलपत्र अर्पित करने की परंपरा है।
मान्यता है कि सावन सोमवार का व्रत श्रद्धापूर्वक करने से भगवान शिव की कृपा प्राप्त होती है, मन को शांति मिलती है और जीवन में सुख-समृद्धि के लिए शुभ फल प्राप्त होते हैं। अविवाहित युवक-युवतियां भी अच्छे जीवनसाथी की कामना से यह व्रत करते हैं।
🪔 दामोदर द्वादशी का महत्व
दामोदर भगवान श्रीकृष्ण का एक प्रिय नाम है। दामोदर द्वादशी पर भगवान विष्णु और श्रीकृष्ण के दामोदर स्वरूप की पूजा करने की परंपरा है।
इस दिन भगवान विष्णु का स्मरण, विष्णु मंत्र का जाप, दीपदान और दान-पुण्य करना शुभ माना जाता है। भक्त अपनी श्रद्धा के अनुसार भगवान को फल, पुष्प और नैवेद्य अर्पित कर सकते हैं।
🛕 सावन सोमवार पूजन विधि
● प्रातःकाल सूर्योदय से पहले उठकर स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र धारण करें।
● भगवान शिव के सामने सावन सोमवार व्रत का संकल्प लें।
● मंदिर जाकर या घर में शिवलिंग के समक्ष सबसे पहले शुद्ध जल और गंगाजल अर्पित करें।
● इसके बाद दूध, दही, शहद, घी और गंगाजल से पंचामृत अभिषेक कर सकते हैं।
● शिवलिंग पर बेलपत्र, सफेद पुष्प, अक्षत और धतूरा आदि श्रद्धानुसार अर्पित करें।
● भगवान शिव को चंदन लगाएं और धूप-दीप जलाएं।
● ॐ नमः शिवाय मंत्र का जाप करें।
● शिव चालीसा या भगवान शिव की स्तुति का पाठ करें।
● अंत में भगवान शिव की आरती करें और अपनी मनोकामना के लिए प्रार्थना करें।
🪷 दामोदर द्वादशी की पूजन विधि
● स्नान करके स्वच्छ वस्त्र धारण करें और भगवान विष्णु या श्रीकृष्ण की प्रतिमा के सामने दीपक जलाएं।
● भगवान को पीले पुष्प, तुलसी दल, फल और नैवेद्य अर्पित करें।
● भगवान विष्णु का ध्यान करते हुए ॐ नमो भगवते वासुदेवाय मंत्र का जाप करें।
● विष्णु सहस्रनाम, श्रीहरि स्तुति या भगवान विष्णु से संबंधित पाठ करें।
● भगवान की आरती करें और परिवार की सुख-समृद्धि की प्रार्थना करें।
● अपनी सामर्थ्य के अनुसार जरूरतमंद व्यक्ति को भोजन, वस्त्र या अन्य उपयोगी सामग्री का दान करें।
🌿 इस दिन क्या करें?
● शिवलिंग पर श्रद्धापूर्वक जल चढ़ाएं।
● बेलपत्र अर्पित करें।
● भगवान शिव और श्रीहरि दोनों का स्मरण करें।
● सात्त्विक भोजन या अपनी क्षमता के अनुसार फलाहार करें।
● दिनभर भगवान के नाम का जाप और धार्मिक पाठ करें।
● जरूरतमंद व्यक्ति की सहायता एवं दान-पुण्य करें।
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आप का आज का दिन मंगलमयी1,अहो - आप स्वस्थ रहे, सुखी रहे - इस कामना के साथ।