17/08/2024
इस तरह की घटनाओं के सबसे ज्यादा दोषी ऐसी घटनाओं को अतार्किक रूप से बचाव करने वाले लोग भी हैं, जो पहनावे, व्यवसाय, समय,जीवन शैली के आधार पर पीड़ित का चरित्र हनन करते हैं। 😢🙏😔
सैद्धांतिक रुप से हम सब आजाद है पर वास्तविक रूप में हमारा समाज आज भी कई बुराइयों और कुरीतियों का गुलाम है
हम सब इस तरह की घटनाओं आदी हो गए है
किसी भी पीड़ित की पीड़ा हमारे अंतर्मन को छू नहीं पाती और वो बस एक खबर बन कर रह जाती है
हम उसको खबर की तरह लेते है थोड़ा सरकार को कोसते है फिर अगली खबर का इंतजार करते है🙏🙏🙏✍️✍️✍️✍️