16/10/2026
🇮🇳❤️ क्या आपने कभी गौर किया है कि बाजार में मिलने वाली पेन ड्राइव, मेमोरी कार्ड या फोन की रैम हमेशा 2GB, 4GB, 8GB, 16GB, 32GB या 64GB के साइज में ही क्यों आती है? कभी 3GB, 5GB या 7GB की पेन ड्राइव क्यों नहीं मिलती?
इसके पीछे का असली राज छुपा है कंप्यूटर और डिजिटल इलेक्ट्रॉनिक्स की बुनियादी भाषा 'बाइनरी सिस्टम' में। कंप्यूटर हमारी तरह दशमलव प्रणाली (1 से 10 की गिनती) नहीं समझता, वह केवल दो ही अंक समझता है—0 और 1। 0 का मतलब स्विच बंद और 1 का मतलब स्विच चालू।
चूंकि आधार केवल 2 होता है, इसलिए मेमोरी की एड्रेसिंग और सिलिकॉन चिप का डिजाइन हमेशा 2 की घात में यानी हर बार सीधे दोगुने क्रम में आगे बढ़ता है। सिलिकॉन वेफर पर जब मेमोरी ग्रिड बनाई जाती है, तो स्टोरेज क्षमता बढ़ाने के लिए चिप्स को बराबर अनुपात में जोड़ा जाता है। यदि कोई कंपनी 3GB या 5GB की चिप बनाने की कोशिश करे, तो आधा सर्किट बेकार छूट जाएगा और लागत कई गुना बढ़ जाएगी। यही कारण है कि दुनिया भर की सभी स्टोरेज डिवाइसेज हमेशा 2, 4, 8, 16 के क्रम में ही तैयार की जाती हैं।
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