Baba ram sa pir

Baba ram sa pir suresh kumar nama jagsa 7023518669

06/06/2023

एक घर मे तीन भाई और एक बहन थी...बड़ा और छोटा पढ़ने मे बहुत तेज थे। उनके मा बाप उन चारो से बेहद प्यार करते थे मगर मझले बेटे से थोड़ा परेशान से थे।

बड़ा बेटा पढ़ लिखकर डाक्टर बन गया।
छोटा भी पढ लिखकर इंजीनियर बन गया। मगर मझला बिलकुल अवारा और गंवार बनके ही रह गया। सबकी शादी हो गई । बहन और मझले को छोड़ दोनों भाईयो ने Love मैरीज की थी।

बहन की शादी भी अच्छे घराने मे हुई थी।
आखीर भाई सब डाक्टर इंजीनियर जो थे।

अब मझले को कोई लड़की नहीं मिल रही थी। बाप भी परेशान मां भी।
बहन जब भी मायके आती सबसे पहले छोटे भाई और बड़े भैया से मिलती। मगर मझले से कम ही मिलती थी। क्योंकि वह न तो कुछ दे सकता था और न ही वह जल्दी घर पे मिलता था।

वैसे वह दिहाडी मजदूरी करता था। पढ़ नहीं सका तो...नौकरी कौन देता। मझले की शादी कीये बिना बाप गुजर गये ।

माँ ने सोचा कहीं अब बँटवारे की बात न निकले इसलिए अपने ही गाँव से एक सीधी साधी लड़की से मझले की शादी करवा दी।
शादी होते ही न जाने क्या हुआ की मझला बड़े लगन से काम करने लगा ।
दोस्तों ने कहा... ए चन्दू आज अड्डे पे आना।

चंदू - आज नहीं फिर कभी
दोस्त - अरे तू शादी के बाद तो जैसे बिबी का गुलाम ही हो गया?
चंदू - अरे ऐसी बात नहीं । कल मैं अकेला एक पेट था तो अपने रोटी के हिस्से कमा लेता था। अब दो पेट है आज
कल और होगा।

घरवाले नालायक कहते थे कहते हैं मेरे लिए चलता है।
मगर मेरी पत्नी मुझे कभी नालायक कहे तो मेरी मर्दानगी पर एक भद्दा गाली है। क्योंकि एक पत्नी के लिए उसका पति उसका घमंड इज्जत और उम्मीद होता है। उसके घरवालो ने भी तो मुझपर भरोसा करके ही तो अपनी बेटी दी होगी...फिर उनका भरोसा कैसे तोड़ सकता हूँ । कालेज मे नौकरी की डिग्री मिलती है और ऐसे संस्कार मा बाप से मिलते हैं ।

इधर घरपे बड़ा और छोटा भाई और उनकी पत्नीया मिलकर आपस मे फैसला करते हैं की...जायदाद का बंटवारा हो जाये क्योंकि हम दोनों लाखों कमाते है मगर मझला ना के बराबर कमाता है। ऐसा नहीं होगा।

मां के लाख मना करने पर भी...बंटवारा की तारीख तय होती है। बहन भी आ जाती है मगर चंदू है की काम पे निकलने के बाहर आता है। उसके दोनों भाई उसको पकड़कर भीतर लाकर बोलते हैं की आज तो रूक जा? बंटवारा कर ही लेते हैं । वकील कहता है ऐसा नहीं होता। साईन करना पड़ता है।

चंदू - तुम लोग बंटवारा करो मेरे हिस्से मे जो देना है दे देना। मैं शाम को आकर अपना बड़ा सा अगूंठा चिपका दूंगा पेपर पर।
बहन- अरे बेवकूफ ...तू गंवार का गंवार ही रहेगा। तेरी किस्मत अच्छी है की तू इतनी अच्छे भाई और भैया मिलें
मां- अरे चंदू आज रूक जा।

बंटवारे में कुल दस विघा जमीन मे दोनों भाई 5- 5 रख लेते हैं ।
और चंदू को पुस्तैनी घर छोड़ देते है
तभी चंदू जोर से चिल्लाता है।

अरे???? फिर हमारी छुटकी का हिस्सा कौन सा है?
दोनों भाई हंसकर बोलते हैं
अरे मूरख...बंटवारा भाईयो मे होता है और बहनों के हिस्से मे सिर्फ उसका मायका ही है।

चंदू - ओह... शायद पढ़ा लिखा न होना भी मूर्खता ही है।
ठीक है आप दोनों ऐसा करो।
मेरे हिस्से की वसीएत मेरी बहन छुटकी के नाम कर दो।
दोनों भाई चकीत होकर बोलते हैं ।
और तू?

चंदू मां की और देखके मुस्कुराके बोलता है
मेरे हिस्से में माँ है न......
फिर अपनी बिबी की ओर देखकर बोलता है..मुस्कुराके...क्यों चंदूनी जी...क्या मैंने गलत कहा?

चंदूनी अपनी सास से लिपटकर कहती है। इससे बड़ी वसीएत क्या होगी मेरे लिए की मुझे मां जैसी सासु मिली और बाप जैसा ख्याल रखना वाला पति।
बस येही शब्द थे जो बँटवारे को सन्नाटा मे बदल दिया ।
बहन दौड़कर अपने गंवार भैया से गले लगकर रोते हुए कहती है की..मांफ कर दो भैया मुझे क्योंकि मैं समझ न सकी आपको।

चंदू - इस घर मे तेरा भी उतना ही अधिकार है जीतना हम सभी का।
बहुओं को जलाने की हिम्मत कीसी मे नहीं मगर फिर भी जलाई जाती है क्योंकि शादी के बाद हर भाई हर बाप उसे पराया समझने लगते हैं । मगर मेरे लिए तुम सब बहुत अजीज हो चाहे पास रहो या दुर।

माँ का चुनाव इसलिए कीया ताकी तुम सब हमेशा मुझे याद आओ। क्योंकि ये वही कोख है जंहा हमने साथ साथ 9 - 9 महीने गुजारे। मां के साथ तुम्हारी यादों को भी मैं रख रहा हूँ।

दोनों भाई दौड़कर मझले से गले मिलकर रोते रोते कहते हैं
आज तो तू सचमुच का बाबा लग रहा है। सबकी पलको पे पानी ही पानी। सब एक साथ फिर से रहने लगते है।

22/08/2022

𝙱𝚊𝚋𝚊 𝚛𝚊𝚖 𝚍𝚎𝚟 𝚓𝚒 𝚋𝚑𝚊𝚓𝚊𝚗

29/07/2022

एक बार एक गांव में मंदिर का काम चल रहा था, मंदिर आदिवासी और गरीब लोग बना रहे थे, एक मूर्तिकार बड़ी मूर्ति बना रहा था! कुछ दिन बाद मंदिर बनकर तैयार हो गया, मंदिर में पुजारियो द्वारा हवन कार्य मूर्ति स्थापना और मूर्ति प्राण प्रतिष्ठा आदि कार्य सम्पन्न हो गया, अगले दिन मन्दिर दर्शन के लिए खोल दिया । बह मूर्तिकार जिसने मूर्ति बनाई वो भी दर्शन को आया था । बह खुशी के मारे बिना चप्पल उतारे मन्दिर में प्रवेश कर गया ।
पुजारी उस पर क्रोधित हुआ और कहा,
"मुर्ख तू जाहिल है क्या चप्पल पहनकर मन्दिर में नही आते जा चप्पल बहार उतार के आ !"
मूर्तिकार बोला"
"पुजारी जी जब में चप्पल पहनकर मूर्ति बना रहा था और चप्पलों से उस पर चढ़ जाता था तब किसी ने मना क्यों नही किया ?
पुजारी बोला,
"बेबकूफ हमने अपने मन्त्रो से मूर्ति में प्राण डाल दिए है समझ गया...अब ये मूर्ति नहीं भगवान है !"
बेचारा मूर्तिकार चुपचाप अपने घर चला गया, कुछ दिन बाद बह दोवारा मन्दिर गया तो देखा की मन्दिर में ताला लगा था, उसको किसी ने बताया की पुजारी जी का बेटा खत्म हो गया है। यह सुनकर वह दौड़ कर पुजारी के घर गया । वहा देखा सब लोग रो रहे थे । बह धीरे से पुजारी के पास जाकर बोला की आप रो क्यों रहे है, जैसे अपने मूर्ति में अपने मन्त्रो से प्राण डाल दिए वेसे ही अपने बेटे में प्राण डाल दीजिए, यह सुनकर सब अचंभे से उसकी तरफ देखने लगे ।
पुजारी बोला,
"क्या ऐसा कभी होता है कोई मरा हुआ दुबारा जीवित होता है ?"
मूर्तिकार बोला,
"तो आपने मन्दिर में जो बात बोली क्या वो झूठ थी... अगर आप पत्थर की मूर्ति में जान डाल सकते हैं तो अपने बेटे में भी जान क्यों नहीं डाल सकते ?"
और इस प्रश्न का उत्तर आज तक नही मिला है !!!

बाप ने बेटे को बिजली बिल जमा करने के लिए रुपये दिए..पता नहीं बेटे को क्या सूझी कि उसने उस रुपए से लॉटरी की टिकट ख़रीद ली....
27/07/2022

बाप ने बेटे को बिजली बिल जमा करने के लिए रुपये दिए..

पता नहीं बेटे को क्या सूझी कि उसने उस रुपए से लॉटरी की टिकट ख़रीद ली..

बाप ने पूछा.. "तूने बिजली बिल भर दिया था न क्योंकि कल बिल जमा करने का आख़री दिन था "

बेटे ने डरते हुए बताया....."नहीं उस रुपए से लॉटरी की टिकट ख़रीद ली ,क्योंकि हम लॉटरी में एक नई चमचमाती बोलेरो गाड़ी जीत सकते हैं "

बाप ने खूब मारा !

जब बाप ने अगले दिन सुबह घर का दरवाजा खोला तो सामने एक बिल्कुल नयी चमचमाती हुई बोलेरो गाड़ी खड़ी थी !

पूरे परिवार की आँखों में आंसू थे।सभी एक दूसरे को आश्चर्य औऱ बेहद उत्सुकता से देख रहे थे।सबसे ज्यादा आंसू बेटे की आँखों में थे औऱ वह बहुत बेचैन दिख रहा था...
क्योंकि वो बोलेरो गाड़ी बिजली विभाग की थी....औऱ
वो बिजली की लाइन काटने आए थे।

बाप ने फिर बहुत मारा !

इसलिए जरूरी कामों के लिए नालायक बेटों के भरोसे बिलकुल न रहें औऱ समय से अपना बिजली बिल ख़ुद जमा करे.. 👈😉😂

03/01/2022
18/07/2021

SURESH NAMA JAGSA

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