Darul Uloom Faizan A Jamiya Al Tahiri Lolawa Sharif

Darul Uloom Faizan A Jamiya Al Tahiri Lolawa Sharif जामिया अल ताहिरी लोलावा शरीफ जिला बालोतरा राजस्थान

आज रात बागोड़ा में पीर सैय्यद शादाब अली जिलानी कादरी लोलावा शरीफ शिरकत फरमाएंगे
27/04/2026

आज रात बागोड़ा में पीर सैय्यद शादाब अली जिलानी कादरी लोलावा शरीफ शिरकत फरमाएंगे

3 मई रविवार को बाद नमाज ए ईशा एक शानदार अजीमुशान उर्स ए ताहिरी लोलावा शरीफ में मनाया जाएगा आप सभी हजरात से गुजारिश है कि...
27/04/2026

3 मई रविवार को बाद नमाज ए ईशा एक शानदार अजीमुशान उर्स ए ताहिरी लोलावा शरीफ में मनाया जाएगा आप सभी हजरात से गुजारिश है कि आप ज्यादा से ज्यादा तादाद में शिरकत फरमाए और दावत को आम करे

जामिया अल ताहिरी लोलावा शरीफ की तरफ से आप तमामी हजरात को ईद उल फितर की बहुत बहुत मुबारक हो
21/03/2026

जामिया अल ताहिरी लोलावा शरीफ की तरफ से आप तमामी हजरात को ईद उल फितर की बहुत बहुत मुबारक हो

दरगाह पीर सैय्यद ताहिर हसन जिलानी रहमतुल्लाह की बारगाह में जामिया अल ताहिरी की तरफ से पीर सैय्यद शादाब अली जिलानी पीर सै...
18/03/2026

दरगाह पीर सैय्यद ताहिर हसन जिलानी रहमतुल्लाह की बारगाह में जामिया अल ताहिरी की तरफ से पीर सैय्यद शादाब अली जिलानी पीर सैय्यद मोहिब अली जिलानी साहब की जेरे सरपरस्ती में 27 वे रोज़े की इफ़्तारी का आयोजन किया गया जिसमे बाड़मेर बालोतरा जोधपुर जालौर सिरोही गुजरात के लोगो ने शिरकत की एवं सभी ने मिलकर रोजेदारों ने इफ़्तार किया और जामिया की तरफ से लिए आने वाले मेहमानों के लिए समस्त इंतजाम किया गया था नमाज के बाद पीर सैय्यद शादाब अली जिलानी कादरी साहब ने पूरे मुल्क के लिए अमन वह चेन की दुआ मागी गई क़शीर तादाद में शिरकत फरमाने वाले मेहमानों का दिल से शुक्रिया

जामिया अल ताहिरी लोलावा शरीफ बालोतरा राजस्थान

दावत ए इफ्तार की पुरखुलूस अपीलतमाम आशिकाने रसूल और अकीदतमन्दों को बड़े मसर्रत के साथ इत्तला दी जाती है कि जामिया अल ताहिर...
10/03/2026

दावत ए इफ्तार की पुरखुलूस अपील

तमाम आशिकाने रसूल और अकीदतमन्दों को बड़े मसर्रत के साथ इत्तला दी जाती है कि जामिया अल ताहिरी, लोलावा शरीफ में, पीरे तरीकत रहबरे शरीयत आले अली शहजादे गौस-ए-आजम ओलाद-ए-कुतबे जमन पीर सैय्यद शादाब अली जिलानी कादरी (मदज़िल्लहुमुल आली) की तरफ से एक खुसूसी इफ्तार दावत का एहतमाम किया गया है।

तारीख: 17 मार्च (बरोज मंगलवार)
वक्त: 27वें रोजे की शाम (इफ्तार के वक्त)
मुकाम: जामिया अल ताहिरी, लोलावा शरीफ

आप तमाम हज़रात से गुजारिश है कि इस बरकत भरी महफ़िल और इफ्तार दावत में शिरकत फरमाकर सवाब-ए-दारैन हासिल करें।
मिन-जानिब:
खिद्मतगुजारान, जामिया अल ताहिरी लोलावा शरीफ

17 रमज़ान सन 2 हिजरी (13 मार्च 624 A.D.) जुमे के दिन इस्लामी तारीख की पहली जंग हुई थी जिसे जंग-ऐ-बद्र के नाम से जाना जाता...
07/03/2026

17 रमज़ान सन 2 हिजरी (13 मार्च 624 A.D.) जुमे के दिन इस्लामी तारीख की पहली जंग हुई थी जिसे जंग-ऐ-बद्र के नाम से जाना जाता है। अल्लाह ताला ने क़ुरान में जंग-ए-बदर के दिन का नाम यौमुल “फुरकान” रखा है।
जंग में लश्करों की तादात:

मुसलमान 313, घोड़े 2, ऊंट 70, जंगी सामान की तादात बहुत कम थी, लश्कर में कमज़ोर और ज़ईफ़ थे
कुफ्फारे मक्का 1000, घोड़े 300, ऊंट 700, जंगी सामान से लैश थे।
आगाज़ ए जंग:
जंग ए बद्र का आगाज़ 17 रमज़ान सन 2 हिजरी में हुआ। सहाबा की जमाअत भले ही कम थी लेकिन जोश व खरोश में कुफ्फार से कहीं ज़्यादा थी।

शहादत:
जंग ए बद्र में कुल 14 सहाबा शहीद हुए जिनमें 6 मुहाजरीन और 8 अंसार थे। शहीदों को वहीं दफ़न किया गया।

ये जंग हक़ और बातिल के बीच थी ये जंग अहले ईमान और कुफ़्फ़ार के बीच में थी और अल्लाह ने इस जंग में मुसलमानो को अजीम फतेह नसीब कर के हक़ का परचम हमेशा के लिए बुलंद कर दिया और उस दिन के बाद से ता क़यामत तक हमेशा हक़ बातिल से फतहयाब होगा।
जंग-ए-बद्र के बाद मुसलमानो के इज़्ज़त व इक़बाल का झंडा बुलंद हो गया कुफ़्फ़ार की अजमत उस दिन के बाद खाक में मिल गई।उस दिन के बाद से इस्लाम ने ऐसा फैलना शरू किया के आज तक वो सिलसिला जारी है और ता क़यामत तक जारी रहेगा।
इस जंग की फतह पर एहसान जताते हुए अल्लाह ताला ने क़ुरान पाक में फ़रमाया है :
और यक़ीनन अल्लाह ने तुम लोगों की मदद फ़रमाई बद्र में जब की तुम लोग कमज़ोर और बे-सरो-सामान थे तो तुम लोग अल्लाह से डरते रहो ताकि तुम लोग शुक्र गुज़ार हो जाओ !
▪️अल्लाह के मदद के बिना कोई भी फतह मुमकिन नही।
▪️जंग में तादाद मायने नही रखती जंग में जज्बा-ए-ईमानी मायने रखता है।

अस्सलाम वालेकुम व रहमतुल्लाही व बरकातहू​अलहम्दुलिल्लाह! माहे रमजान का मुकद्दस चांद नजर आ गया है।​जामिया अल ताहिरी, लोलाव...
18/02/2026

अस्सलाम वालेकुम व रहमतुल्लाही व बरकातहू

​अलहम्दुलिल्लाह! माहे रमजान का मुकद्दस चांद नजर आ गया है।

​जामिया अल ताहिरी, लोलावा शरीफ की जानिब से, और पीरे तरीकत, रहबरे शरीयत, शहजादे गौस,ए आजम सैय्यद शादाब अली जिलानी कादरी (लोलावा शरीफ) की दुआओं के साथ, आप तमाम ग़ुलामाने मुस्तफा अकीदतमंदों और अहले इस्लाम को 'माहे रमजान' की तहे दिल से बहुत-बहुत मुबारकबाद।

​अल्लाह रब्बुल इज्जत इस बरकत वाले महीने में हमारी इबादतों, रोजों और दुआओं को कुबूल फरमाए और हुजूर गौस ए आजम के सदके हम सबको नेक राह पर चलने की तौफीक अता फरमाए।
​आमीन!


​आपकी दुआओं का तालिब:
जामिया अल ताहिरी, लोलावा शरीफ 🕌

✨ तारीख गवाह है: जब रहनुमा बुलंद हौसला रखता है, तो मंजिलें खुद कदम चूमती हैं! ✨​"इल्म की शमा से रोशन होगा सारा जहाँ,खुल ...
14/02/2026

✨ तारीख गवाह है: जब रहनुमा बुलंद हौसला रखता है, तो मंजिलें खुद कदम चूमती हैं! ✨

​"इल्म की शमा से रोशन होगा सारा जहाँ,
खुल रहा है आज लोलावा शरीफ में दीन का कारवाँ।"

​अल्हम्दुलिल्लाह! आज लोलावा शरीफ की मुकद्दस सरजमीं पर एक नए युग का आगाज हुआ है। पीरो-मुर्शिद हजरत सैय्यद ताहिर हसन जिलानी (र.अ.) के रूहानी फैजान और हमारे दिलों की धड़कन, हुजूर पीरो-मुर्शिद सैय्यद शादाब अली जिलानी कादरी साहब की जेरे-सरपरस्ती में आज 'जामिया अल ताहिरी' का संग-ए-बुनियाद निहायत ही अदब और जोश के साथ रखा गया।
​💎 पीर साहब का 'अजीम' जज्बा और समाज के लिए फिक्र
​तारीफ उस रब की जिसने हमें ऐसा रहनुमा अता किया! हुजूर पीर साहब ने जिस 'दीनी और दुनियावी' तालीम के मिशन का बीड़ा उठाया है, वह उनकी कौम के प्रति बेपनाह मोहब्बत का सुबूत है। उन्होंने अपनी रातों का सुकून और अपना वक्त सिर्फ इसलिए कुर्बान किया है ताकि हमारे बच्चे कुरान के हाफिज भी बनें और दुनिया के बड़े पदों पर आसीन होकर समाज का नाम रोशन करें।
​पीर साहब की यह मेहनत, उनकी दूरअंदेशी और कौम के बच्चों के प्रति उनकी यह तड़प वाकई काबिल-ए-तारीफ है। उन्होंने साबित कर दिया कि एक सच्चा रहनुमा वही है जो आने वाली नस्लों के मुस्तकबिल की फिक्र करता है।
​🤝 वक्त है... कंधे से कंधा मिलाकर खड़े होने का!
​पीर साहब ने इस इल्मी किले की बुनियाद रख दी है, अब यह हम सबका फर्ज है कि हम उनके साथ चट्टान बनकर खड़े हों।
​✅ यह इदारा हमारे ईमान और अकीदे की हिफाजत का किला बनेगा।
​✅ पीर साहब के इस मिशन को मजबूत करना हर एक फर्द की जिम्मेदारी है।
​✅ आइए, जात-पात से ऊपर उठकर इस 'जामिया अल ताहिरी' को कामयाबी की बुलंदियों तक पहुँचाने के लिए अपना तन-मन-धन न्योछावर करें।
​🤲 दुआ-ए-खैर
​मौला करीम हमारे हुजूर पीर साहब के साये को ता-देर हम पर सलामत रखे। उनके इस नेक इरादे को अपनी बारगाह में कुबूल फरमाए और इस इदारे को पूरी दुनिया के लिए खैर व बरकत का मरकज बनाए।
​"हुजूर पीर साहब! आप कदम बढ़ाएं, यह पूरा समाज आपकी एक पुकार पर हाजिर है। हम इस मिशन को मुकम्मल करके ही दम लेंगे।"

"इल्म की शमा से रोशन होगा सारा जहाँ,खुल रहा है आज धानेरा में दीन का कारवाँ।"अल्हम्दुलिल्लाह! धानेरा (गुजरात) की सरजमीं आ...
14/02/2026

"इल्म की शमा से रोशन होगा सारा जहाँ,
खुल रहा है आज धानेरा में दीन का कारवाँ।"

अल्हम्दुलिल्लाह! धानेरा (गुजरात) की सरजमीं आज नूरानी हो गई है। हुज़ूर पीरो-मुर्शिद सैय्यद ताहिर हसन जिलानी (लोलवा शरीफ) के रूहानी फैज़ान से और हुज़ूर पीरो-मुर्शिद सैय्यद शादाब अली जिलानी कादरी (सज्जादा नशीन, दरगाह लोलवा शरीफ) की सरपरस्ती और जेरे-कयादत में 'दारुल उलूम गौसिया-ए-गरीब नवाज' बनकर तैयार है।
​कल, 15 फरवरी 2026 को इसका शानदार इफ्तिताह
Grand Opening होने जा रहा है। यह इदारा न सिर्फ तालीम का मरकज़ बनेगा, बल्कि आने वाली नस्लों के ईमान और अकीदे की हिफाज़त का किला भी साबित होगा।

मूसला कुंभार समाज सेवा ट्रस्ट की यह कोशिश काबिल-ए-तारीफ है। मौला करीम इस इदारे को दिन-दुगनी और रात-चौगुनी तरक्की अता फरमाए और इसे उम्मते मुस्लिमा के लिए खैर व बरकत का सबब बनाए।
आमीन

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