Education of mp

Education of mp education

30/04/2016

31 मई, 2016 को होगी CPCT
MAP-IT द्वारा अगली CPCT परीक्षा की तिथि निर्धारित कर दी गई है। यह परीक्षा 31 मई, 2016 को होगी। इस हेतु आॅनलाइन एडमिशन लेने की अंतिम तिथि 12 मई, 2016 है।
May 31, 2016 will be cpct

20/02/2016

चम्बल नदी

• चम्ब‍ल नदी का पौराणिक नाम धर्मावती चर्मवती है।
• यह नदी इन्दौबर जिले की महू तहसील के समीप जानापाव पहाड़ी से 616 मीटर उचाई से निकली है यह मध्य पदेश की दूसरी सबसे बड़ी नदी है।
• यह नदी उत्तौर पूर्व दिशा की ओर बहती है।
• चम्बदल नदी प्रदेश के धार, उज्जै न, रतलाम नीमच, मंदसौर, नीमच जिलो में बहती हुई इटावा उत्तचरप्रदेश से 38 किलोमीटर दूर युमना नदी में मिल जाती है।
• यह यमुना में दक्षिण की ओर से मिलने वाली सबसे बडी नदी है।
• चम्बमल नदी की सहायक नदी सिंध, कालीसिंध, पार्वती, क्षिप्रा नदी है ।
• चम्बमल नदी मध्य प्रदेश व राजस्थािन के बीच रेखा बनाती है।
• चम्बमल नदी पर गॉधीसागर बॉध मंदसौर, राणाप्रपात सागर चित्तौाड़गढ़ राजस्थाान तथा जवाहर सागर या कोटा बैराज, कोटा राजस्थारन बॉध बनाए गए है।
• इस नदी के तट पर महू, श्योसपुर, रतलाम बसे है।

चंबल नदी मध्य भारत में यमुना नदी की सहायक नदी है। यह नदी "जानापाओ पर्वत " महू से निकलती है। इसका प्राचीन नाम "चरमवाती " है। इसकी सहायक नदिया शिप्रा, सिंध, कलिसिन्ध, ओर कुननों नदी है। यह नदी भारत में उत्तर तथा उत्तर-मध्य भाग में राजस्थान तथा मध्य प्रदेश से होकर बहती है। यह नदी दक्षिण मोड़ को उत्तर प्रदेश राज्य में यमुना में शामिल होने के पहले राजस्थान और मध्य प्रदेश के बीच सीमा बनाती है। इस नदी पर चार जल विधुत परियोजना चल रही है। 01 गांधी सागर 02 राणा सागर 03 जवाहर सागर 04 कोटा वेराज (कोटा)। प्रसिद्ध चूलीय जल प्रपातचंबल नदी (कोटा) मे है।

यह एक बारहमासी नदी है। इसका उद्गम स्थल जानापाव की पहाडी(मध्य प्रदेश) है। यह दक्षिण में महू शहर के, इंदौर के पास, विंध्य रेंज में मध्य प्रदेश में दक्षिण ढलान से होकर गुजरती है। चंबल और उसकी सहायक नदियां उत्तर पश्चिमी मध्य प्रदेश के मालवा क्षेत्र के नाले, जबकि इसकी सहायक नदी, बनास, जो अरावली पर्वतों से शुरू होती है इसमें मिल जाती है। चंबल, कावेरी, यमुना, सिन्धु, पहुज भरेह के पास पचनदा में, उत्तर प्रदेश राज्य में भिंड और इटावा जिले की सीमा पर शामिल पांच नदियों के संगम समाप्त होता है।

महाभारत के अनुसार राजा रंतिदेव के यज्ञों में जो आर्द्र चर्म राशि इकट्ठा हो गई थी उसी से यह नदी उदभुत हुई थी- 'महानदी चर्मराशेरूत्क्लेदात् ससृजेयतःततश्चर्मण्वतीत्येवं विख्याता स महानदी'। कालिदास ने भी मेघदूत-पूर्वमेघ 47 में चर्मण्वती नदी को रंतिदेव की कीर्ति का मूर्त स्वरूप कहा गया है- आराध्यैनं शदवनभवं देवमुल्लघिताध्वा, सिद्धद्वन्द्वैर्जलकण भयाद्वीणिभिदैत्त मार्गः। व्यालम्बेथास्सुरभितनयालंभजां मानयिष्यन्, स्रोतो मूत्यभुवि परिणतां रंतिदेवस्य कीर्तिः'। इन उल्लेखों से यह जान पड़ता है कि रंतिदेव ने चर्मवती के तट पर अनेक यज्ञ किए थे। महाभारत में भी चर्मवती का उल्लेख है -

चंबल नदी, (राजस्थान और मध्य प्रदेश की सीमा पर) 'ततश्चर्मणवती कूले जंभकस्यात्मजं नृपं ददर्श वासुदेवेन शेषितं पूर्ववैरिणा' अर्थात इसके पश्चात सहदेव ने (दक्षिण दिशा की विजय यात्रा के प्रसंग में) चर्मण्वती के तट पर जंभक के पुत्र को देखा जिसे उसके पूर्व शत्रु वासुदेव ने जीवित छोड़ दिया था। सहदेव इसे युद्ध में हराकर दक्षिण की ओर अग्रसर हुए थे। चर्मण्वती नदी को वन पर्व के तीर्थ यात्रा अनु पर्व में पुण्य नदी माना गया है - 'चर्मण्वती समासाद्य नियतों नियताशनः रंतिदेवाभ्यनुज्ञातमग्निष्टोमफलं लभेत्'। श्रीमदभागवत में चर्मवती का नर्मदा के साथ उल्लेख है - 'सुरसानर्मदा चर्मण्वती सिंधुरंधः' इस नदी का उदगम जनपव की पहाड़ियों से हुआ है। यहीं से गंभीरा नदी भी निकलती है। यह यमुना की सहायक नदी है। महाभारत में अश्वनदी का चर्मण्वती में, चर्मण्वती का यमुना में और यमुना का गंगा नदी में मिलने का उल्लेख है – मंजूषात्वश्वनद्याः सा ययौ चर्मण्वती नदीम्, चर्मण्वत्याश्व यमुना ततो गंगा जगामह। गंगायाः सूतविषये चंपामनुययौपुरीम्'।

सहायक नदियां

बनास नदी, क्षिप्रा नदी, काली सिंध, पार्वती, छोटी कालीसिंध, कूनो इत्यादि चम्बल की सहायक नदियाँ हैं|

मुहाना

उत्तर प्रदेश में बहते हुए 925 किलोमीटर की दूरी तय करके यमुना नदी में मिल जाती है। चम्बल नदी का कुल अपवाह क्षेत्र 19,500 वर्ग किमी. हैं ।

19/02/2016

नर्मदा नदी

• नर्मदा नदी को मध्यशप्रदेश की जीवन रेखा कहा जाता है वही ताप्तीर नदी को मध्य।प्रदेश की गंगा कहा जाता है।
• नर्मदा नदी विंध्याशचल पर्वत माला की मैकाल पर्वत माला से अमरकंटक अनुपपूर से 1057मीटर उचाई से निकली है ।
• यह मध्यसप्रदेश की पहली सबसे बडी नदी है जो पूर्व से पश्चिम दिशा में बहती हुई गुजरात से होकर खम्भाात की खाडी अरब सागर में गिरती है।
• नर्मदा नदी भारत की पॉच वी बड़ी नदी है।
• नर्मदा नदी की कुल लबांई १३१२ किलो मीटर है तथा मध्यसप्रदेश में इसी लबांई 1077 किलो तथा गुजरात में इसकी लबांई 235 किलो है/
• नर्मदा नदी को गंगा के समान ही पवित्र माना जाता है ओंकारेश्वार, महेश्वरर, निमाड़, भेड़ाघाट इसी नदी के तट पर स्थित है।
• नर्मदा नदी मण्डसला जिले को कुण्डाली में घेरते हुए उत्तवर दिशा की ओर मुड़ जाती है।
• नर्मदा नदी प्रदेश के अनुपपुर, उमरिया, शहडोल, कटनी, जबलपुर, डिंडोरी, मण्डमला, नरसिंहपुर, होशंगबाद, हरदा, धार, देवास, खरगोन, बडवानी,खण्डकवा, अलीराजपुर जिलो में बहती है।
• नर्मदा नदी के उद्गम स्थाल अमरकंटक से 8 किलो मीटर दूर कपिलधारा जलप्रपात तथा 100 किलोमिटर दूर दुग्धिधारा जलप्रपात तथा जबलपुर से 15 किलो मीटर दूर धुऑधार जलप्रपात तथा खरगोन जिले की महेश्विर तहसील से 5 किलो मिटर दूर सहस्त्र धारा जलप्रपात स्थित है।
• नर्मदा नदी भारत के उत्त‍री एवं दक्षिणी भागों के बीच विभाजन रेखा का काम करती है।
• इंदिरा सागर पुनासा डेम तथा सरदार सरोवर बॉध नर्मदा नदी पर है।

नर्मदा मध्य भारत के मध्य प्रदेश और गुजरात राज्य में बहने वाली एक प्रमुख नदी है। महाकाल पर्वत के अमरकण्टक शिखर से नर्मदा नदी की उत्पत्ति हुई है। इसकी लम्बाई प्रायः 1310 किलोमीटर है। यह नदी पश्चिम की तरफ जाकर खम्बात की खाड़ी में गिरती है। इस नदी के किनारे बसा शहर जबलपुर उल्लेखनीय है। इस नदी के मुहाने पर डेल्टा नहीं है। जबलपुर के निकट भेड़ाघाट का नर्मदा जलप्रपात काफी प्रसिद्ध है। इस नदी के किनारे अमरकंटक, नेमावर, शुक्लतीर्थ आदि प्रसिद्ध तीर्थस्थान हैं जहाँ काफी दूर-दूर से यात्री आते रहते हैं। नर्मदा नदी को ही उत्तरी और दक्षिणी भारत की सीमारेखा माना जाता है।

उद्गम एवं मार्ग

नर्मदा नदी भारत में विंध्याचल और सतपुड़ा पर्वतश्रेणियों के पूर्वी संधिस्थल पर मध्यप्रदेश के अमरकंटक नामक स्थान से निकलती है। यह विंध्याचल और सतपुड़ा के बीचोबीच पश्चिम दिशा की ओर प्रवाहित होती है तथा मंडला और जबलपुर, होशंगाबाद से होकर गुजरती है। उद्गम से लेकर मुहाने तक इसकी कुल लंबाई प्रायः 1310 किलोमीटर है। यह सागरतल से 3000 फीट की ऊँचाई पर स्थित अमरकंटक (स्थिति: 22 डिग्री 41 मिनट उत्तरी अक्षांश तथा 81 डिग्री 48मिनट पूर्वी देशान्तर) नामक स्थान के एक कुंड से निकलती है। यह कुंड मंदिरों के समूहों से घिरा है। अनूपपुर जिले (पूर्व में शहडोल जिले) में 40 मील बहने के बाद यह मंडला की ओर बहती है। मंडला के बाद उत्तर की ओर एक सँकरा चाप बनाती हुई यह जबलपुर की ओर मुड़ जाती है। इसके बाद 30 फीट ऊँचे धुँआधार नामक प्रपात को पार कर यह दो मील तक एक संकरे मार्ग से होकर बहने के बाद जलोढ़ मिट्टी के उर्वर मैदान में प्रवेश करती है, जिसे "नर्मदाघाटी" कहते हैं। यह घाटी विंध्य और सातपुड़ा पहाड़ियों के मध्य में स्थित है। जबलपुर और होशंगाबाद के बीच इसके किनारे 40फ़ तक ऊँचे हैं। इसी बीच में एक 340फ़ ऊँचा प्रपात भी है। पहाड़ियों से बाहर आने के बाद पुन: यह एक खुले मैदान में प्रवेश करती है। इसी स्थान पर आगे ओमकारेश्वर एवं महेश्वर नामक नगर इसके किनारे बसे है। यहाँ उत्तरी किनारे पर कई मंदिर, महल एवं स्नानघाट बने हुए हैं। इसके बाद यह भरुच पहुँच कर अंत में खंभात की खाड़ी में गिर जाती है।यह मप्र की जीवनरेखा है ।

नर्मदा नदी का अपवाहक्षेत्र लगभग 36,000 वर्ग मील है। इसकी प्रमुख सहायक नदियाँ बंजार, शेर और शक्कर, तवा, गंजाल और छोटा तवा आदि हैं, जो क्रमश: मंडला, नरसिंहपुर एवं होशंगाबाद जिले में इससे मिलती हैं। यह मुहाने से 30 मील अंदर तक 70 टन के जहाजों के चलाने योग्य रहती है। ज्वार का प्रभाव इसमें 55 मील अंदर तक रहता है। किनारे ऊँचे-ऊँचे होने के कारण यह सिंचाई के अयोग्य है। महाभारत और रामायण ग्रंथों में इसे "रेवा" के नाम से पुकारा गया है, अत: यहाँ के निवासी इसे गंगा से भी पवित्र मानते हैं। लोग ऐसा मानते हैं कि साल में एक बार गंगा स्वयम् एक काली गाय के रूप में आकर इसमें स्नान करती एवं अपने पापों से मुक्त हो श्वेत होकर लौटती है।

हिन्दू धर्म में महत्व

जबलपुर में नर्मदा
नर्मदा, समूचे विश्व में दिव्य व रहस्यमयी नदी है, इसकी महिमा का वर्णन चारों वेदों की व्याख्या में श्री विष्णु के अवतार वेदव्यास जी ने स्कन्द पुराण के रेवाखंड़ में किया है। इस नदी का प्राकट्य ही, विष्णु द्वारा अवतारों में किए राक्षस-वध के प्रायश्चित के लिए ही प्रभु शिव द्वारा अमरकण्टक (जिला शहडोल, मध्यप्रदेश जबलपुर-विलासपुर रेल लाईन-उडिसा मध्यप्रदेश ककी सीमा पर) के मैकल पर्वत पर कृपा सागर भगवान शंकर द्वारा १२ वर्ष की दिव्य कन्या के रूप में किया गया। महारूपवती होने के कारण विष्णु आदि देवताओं ने इस कन्या का नामकरण नर्मदा किया। इस दिव्य कन्या नर्मदा ने उत्तर वाहिनी गंगा के तट पर काशी के पंचक्रोशी क्षेत्र में १०,००० दिव्य वर्षों तक तपस्या करके प्रभु शिव से निम्न ऐसे वरदान प्राप्त किये जो कि अन्य किसी नदी और तीर्थ के पास नहीं है :'

प्रलय में भी मेरा नाश न हो। मैं विश्व में एकमात्र पाप-नाशिनी प्रसिद्ध होऊँ, यह अवधि अब समाप्त हो चुकी है। मेरा हर पाषाण (नर्मदेश्वर) शिवलिंग के रूप में बिना प्राण-प्रतिष्ठा के पूजित हो। विश्व में हर शिव-मंदिर में इसी दिव्य नदी के नर्मदेश्वर शिवलिंग विराजमान है। कई लोग जो इस रहस्य को नहीं जानते वे दूसरे पाषाण से निर्मित शिवलिंग स्थापित करते हैं ऐसे शिवलिंग भी स्थापित किये जा सकते हैं परन्तु उनकी प्राण-प्रतिष्ठा अनिवार्य है। जबकि श्री नर्मदेश्वर शिवलिंग बिना प्राण के पूजित है। मेरे (नर्मदा) के तट पर शिव-पार्वती सहित सभी देवता निवास करें।

सभी देवता, ऋ़षि मुनि, गणेश, कार्तिकेय, राम, लक्ष्मण, हनुमान आदि ने नर्मदा तट पर ही तपस्या करके सिद्धियाँ प्राप्त की। दिव्य नदी नर्मदा के दक्षिण तट पर सूर्य द्वारा तपस्या करके आदित्येश्वर तीर्थ स्थापित है। इस तीर्थ पर (अकाल पड़ने पर) ऋषियों द्वारा तपस्या की। उनकी तपस्या से प्रसन्न होकर दिव्य नदी नर्मदा १२ वर्ष की कन्या के रूप में प्रकट हो गई तब ऋषियों ने नर्मदा की स्तुति की। तब नर्मदा ऋषियों से बोली कि मेरे (नर्मदा के) तट पर देहधारी सद्गुरू से दीक्षा लेकर तपस्या करने पर ही प्रभु शिव की पूर्ण कृपा प्राप्त होती है। इस आदित्येश्वर तीर्थ पर हमारा आश्रम अपने भक्तों के अनुष्ठान करता है।

09/02/2016

विश्वि के प्रमुख दिवस
• विश्व् जल दिवस - २२ मार्च
• अन्तवराष्ट्री य महिला दिवस - 8 मार्च
• विश्व् स्वाटस्य्वस दिवस - 7 अप्रैल
• विश्व् पृथ्वीव दिवस - 22 अप्रैल
• विश्व् श्रमिक दिवस - 1 मई
• अन्तवराष्ट्री य उर्जा दिवस - 3 मई
• शाहिद दिवस - 30 जनवरी
• विश्व पर्यावरण दिवस - 5 जून
• अन्त राष्ट्रीवयसाक्षरता दिवस - 8 सितम्बपर
• विश्व् डाक दिवस - 9 अकटुबर
• विश्व् खाघ्र दिवस - 16 अक्टुरबर
• विश्व् एड्स दिवस - 1 दिसम्बुर
• संयुक्त राष्ट्रस दिवस - 24 अक्टु बर
• विश्व् मानवाधिकार दिवस - 10 दिसम्बबर

09/02/2016

मध्यभारत का पठार

• इस पठार का क्षेत्रफल 10.66 प्रतिशत है।
• चम्ब‍ल द्वारा निक्षे‍पित मिट्टी से निर्मित है।
• यह पठार कर्क रेखा के निकट होने के कारण जलवायु की दृष्टि से यह अत्यासधिक गर्म तथा ठण्डा् प्रदेश है यहॉ ग्रीष्मर कालीन औसत तापमान 40 डिग्री से 42.5 डिग्री से.ग्रे. तथा शीतकालीन तापमान 8 डिग्री से 10 डिग्री से.ग्रे. तक रहता है।
• इस पठार में वर्ष बहुत कम होती है।
• यह जलोढ़ मिट्टी पाई जाती है।
• इस पठार में गेहॅू, गन्नाा, सरसों, चना, मूगफली जैसी फसल होती है यह क्षेत्र सरसों उत्पाीदन की हाण्डीय के नाम से प्रसिद्ध है यह मोटे अनाज, ज्वार, बाजरा भी होते है।
• इस पठार में चम्बयल, सिंध, क्वावरी, पार्वती, कुनू आदि नदियॉ प्रवाहित होती है जो उत्तपर व उत्त रपूर्व की ओर प्रवाहित होती है।
• चम्बपल एवं बेतवा इस क्षेत्र की वरदान है प्रमुख नदी चम्ब ल है।
• इस पठारीय क्षेत्र में जिले, मुरैना, शिवपुरी, श्योनपुर, ग्वाहलियर, जिले के अलावा पश्चिमी भिन्डत, नीमच मन्दइसौर तथा गुना जिले के कुल भाग आते है।
• शिवपुरी में कत्थाु बनाने का कारखाना है।
• चीना मिट्टी, चुना पत्थेर, क्वा र्टजाइट, स्लेनट तथा इमारती पत्थतर क्षेत्र की प्रमुख संपदा है।
• औघोगिक विकास :- ग्वाेलियर- बिस्कुवट, कृत्रिम रेशे, चीना मिट्टी तथा चमड़ा उघोग, शिवपुरी-कत्थान उघोग, डबरा - ग्वाटलियर में शक्क‍र कारखाना
• दर्शनीय स्थाल :- शिवपुरी का माधव राष्रीवप य उघान, घाटीगांव ग्वा लियर, करेरा शिवपुरी, तथा चम्बुल अभ्यानरण दर्शनीय स्थाल है ।
• शिवपुरी में महारानी सांख्याप राजे सिंधियां की समाधि।
• ग्वाुलियर में तात्यांटोपे की समाधि तथा तात्यााटोपे को शिवपुरी में फांसी दी गई थी।
• ब्रज, अबधी, एवं बुन्देटलखण्डीर इस पठार की प्रमुख बोली है।
• यह प्रमुख्याब रूप से सहरिया जनजाति पाई जाती है।

08/02/2016

मध्यपप्रदेश की भौतिक संरचना
1. मध्यय उच्चभ प्रदेश
मालवा का पठार
मध्याभारत का पठार
बुन्देरलखण्ड का पठार
रीवा पन्नाठ का पठार
2- सतपुड़ा मैकाल श्रेणी
सतपुड़ा श्रेणी
मैकाल श्रेणी
नर्मदा सोन घाटी
3- पूर्वी पठार
बघेलखण्डु का पठार

मालवा का पठार
• इस पठार का क्षेत्रफल 26.62 प्रतिशत है
• यह पठार दक्क न ट्रेप के बैसाल्टत चट्टानों के क्षरण से निर्मित है।
• इस पठार में मुख्यरत: काली मिट्टी के साथ -साथ लैटेराइट मिट्टी भी पाई जाती है।
• इस पठार की मुख्यन फसल गेहॅू, कपास, एवं सोयाबीन है तथा सम्पूीर्ण मालवा क्षेत्र में देश का दो तिहाई सोयाबीन उत्पा्दित किया जाता है।
• इस पठार की जलवायु समशीतोष्णे है ।
• चीनी यात्री फाहाान ने मालवा की जलवायु को विश्वो की सर्वाश्रेष्ठा जलवायु कहा है।
• भोपाल के समीन सिहोर अनाज मण्डी के लिए प्रसिद्ध है।
• विदिशा जिले का गंजबसोदा सर्वाधिक तापमान वाला क्षेत्र है।
• देवास में कुमार गन्धबर्व समारोह गन्धकर्व निवास किया है।
• इस पठार की सबसे उची चोटी सिंगार की चोटी 881 मीटर है इसके अलावा जानापाव 854 एवं धजारी 810 मीटर है।
• इस पठार में सर्वाधिक साल, सगौन, एवं तेन्दुइपत्ते् के वृक्ष पाये जाते है।
• इस पठार के अन्तसर्गत 18 जिले आते है जिनके नाम - नीमच, मंदसौर, रतलाम, झाबुआ, अलीराजपुर, धार, इन्दौेर, उज्जै8न, भोपाल, सिहोर, विदिशा, सागर गुना, अशोकनगर, शाजापुर, देवास, राजगढ़, रायसेन जिले है।
• प्रमुख औघोगिक क्षेत्र- पीथमपुर- धार मध्यभप्रदेश का डेट्राइट, मण्डीूदीप- रायसेन, पीलूखेडी- राजगढ़, मेघनगर- झाबुआ, मक्सीर- शाजापुर, लटेरी गंजबसौदा- विदिशा, इलेक्ट्रॉतनिक्स कॉम्लेजग क्सर- इन्दौखर, लेदर कॉम्लेरम क्स्- देवास, स्टेपनलेस स्ट्री ल कॉम्‍प्लेशक्सु - सागर, बैंक नोट प्रेस- देवास आदि प्रमुख औघोगित क्षेत्र है।
• सूती कपड़े की मील इन्दौसर, उज्जैटन, मंदसौर जिले में है तथा सूती कपड़े की मील के कारण इन्दौ र को मध्यसप्रदेश का मुंबई कहा जाता है।
• इस पठार की प्रमुख नदियॉ, माही, क्षिप्रा, चम्बमल, सिंध, कालीसिंध पार्वती है।
• वन बिहार राष्ट्री य भोपाल है।
• महाकालेश्व र- उज्‍जैन, चमुंडा देवी- देवास, आंनद की नगदी माण्डुक- धार, बौदो का अध्याम्मिक केन्द्र् सांची रायसेन, महेश्वषर- खरगोन/ धार, गोमटगिरि - इन्दौंर तथा मोहनखेड़ा जैसे आध्याधत्मिक नगर इसी पठार पर है।
• एशिया की सबसे बडी ताजुल मस्जिद भोपाल में है जो मालवा के पठार के अन्त र्गत आती है।
• चन्दे री- अशोक नगर, महेश्वपरी- धार जैसी विश्वॉ प्रसिद्ध साडि़यों का निर्माण इसी पठार में किया जाता है।
• भील- झाबुआ तथा सहरिया इस पठार की प्रमुख जनजातियॉ है इस पठार में मालवी तथा निमाड़ी के साथ-साथ भीली बोलियॉ भी बोली जाती है।
• इस पठार में मांच प्रमुख लोक नाट्य है वही संज्जाॉ, आखातीज, एवं गणगौर माता प्रमुख त्यौसहार है।
• उदयगिरी की गुफाऍ - विदिशा, भीमबेटिका रायसेन, रातापानी सौलाना- रतलाम, सरदारपुर धार, रालामण्डतल - इंदौर को वन्य जीव संरक्षण केन्द्रम है।
• बाजबहादुर एव रानी रूपमती की समाधि इसी पठार पर है तथा गुना जिले में गैस पाईप लाईन, जबकि विजयपुर में उर्वरक कारखाना है।

30/01/2016

mppsc प्रश्नपत्र

51- 11 अक्टु'बर 2014 को लोकनायक जय प्रकाश नारायण के जन्मादिवस की वर्षगॉठ पर सांसद आदर्श ग्राम योजना कार्यक्रम का प्रारंभ किया गया ।
52- पेनिसिलीन की खोज एलेक्जेंयडर फ्लेमिंग ने की है।
53- वर्ष का सबसे बड़ा दिन २१ जून है।
54- 'ऑडी' जर्मनी देश की कार बनाने वाली कम्पवनी है।
55- 'वल्डक इकॉनोमिक आउटलुक रिपोर्ट' अन्तवर्राष्ट्री य मुद्रा कोष जारी करता है।
56- 'मैत्री एक्सइप्रेस' रेल सेवा का सम्बरन्धर भारत-बांग्लाजदेश से है।
57- 'यू एण्ड मि' अभियान डेंगू से सम्बसधित है।
58- 'इग्नााइटिस माइन्ड्स ' नामक किताब ए.पी.जे. अब्दुाल कलाम में लिखी।
59- मध्यइप्रदेश की सरकार ने मातृ एवं शिशु स्वा‍स्य्।ह अभियान काक ब्रांड एम्बेॉसेडर माधुरी दीक्षित को नियुक्तय किया गया है।
60- संस्का रों की कुल १६ संख्या होती है।
61- अभिलेखों में अशोक शासन का उल्लेाख 'पियदस्सी ' एवं 'देवानामप्रिय' के रूप में किया गया है।
62- मध्यकप्रदेश राज्यि संग्रहालय भोपाल को पूर्व में एडवर्ड संग्रहालय नाम से जाना जाता था।
63- 'शाहनामा' के लेखक फिरदौसी थे।
64- विलियम बैंटिक के द्वारा सती प्रथा 1829 में समाप्तर की गई।
65- 'इण्डिका' का लेखक मेगस्थीनीज थे।
66- रेग्यू्लेटिंग एक्टय 1773 में पारित किया गया ।
67- खुसरों जहॉगीर मुगल बादशाह का पुत्र था।
68- मुहम्म्दशाह मुगल बादशाह 'रंगीला' के नाम से जाना जाता था।
69- गुरू नानक ने अपना उत्तसराधिकारी गुरू अंगद नियुक्ता किया था।
70- विषुवतरेखीय वन प्रदेश में पिग्मीि पाए जाते है।
71 ग्रेट बैरियर रीफ प्रशान्तस महासागर में स्थित है।
72- चार्ल्से वुड का आदेश-पत्र शिक्षा से सम्बहधित है।
73- विश्वि पृथ्वीआ दिवस २२ अप्रैल को मनाया जाता है।
74- गरजती चालीस, प्रचण्डश पचासा एवं चीखता साठा दक्षिणी गोलार्थ में पश्चिमी पवनें है।
75- 'अल्फाेल्‍फा' एक प्रकार की घास है।
76- ओजोन पर्त को सर्वाधिक नुकसान पहॅुचाने वाली प्रदुषक क्लोदरोफ्लूरोकार्बन है।
77- देवप्रयाग में अलकनंदा और भागीरथी मिलती है ।
78- केरल राज्या में सबरीमाला स्थित है।
79- सन्टोरस विश्वल का 'कॉफी पोर्ट' कहलाता है।
८०- समान वर्षा वाले क्षेत्र को जोड़ने वाली रेखा आईसोहाट कही जाती है।

29/01/2016

एमपीपीएससी २०१५ प्रश्‍नपत्र
1- सार्वधिक 'लवणता' मृत सागर में पायी जाती है ।
२- कृषि प्रदूषण सामाजिक प्रदूषण नहीं है।
३- गुजरात का तटीय क्ष्ो त्र सुनामी प्रभावित क्षेत्र नहीं है।
४- अनुसूचित जाति तथा अनुसूचित जनजाति को अनुच्छेद 17 के अन्त-र्गत मौलिक, सामाजिक-आर्थिक, राजनीतिक तथा सांस्कृततिक अधिकार दिया गया है।
५- वर्ष 1990 में अनु‍सूचित जाति एवं जनजाति राष्ट्रीजय आयोग की रिपोर्ट के अनुसार अनुसूचित जाति एवं जनजाति के अत्या‍चार का कारण ऋणग्रस्तटता नहीं है।
६- अनुसूचित जाति तथा अनुसूचित जनजाति के अधिनियम 1989 के अन्त-र्गत अत्याुचार निवारण कानून लागू किया गया था।
7- जे.सी. बोस ने पेड- पौधों में जीवन का आविष्काहर किया है।
8- सतत विकास का आधार पर्यावरणीय दृष्टिकोण का है।
9- काला प्राथमिक रंग नहीं है।
10- बाईनरी भाषा २ अंकों की बनी होती है।
11- सुपर कम्युा टर सबसे बड़ा, सबसे तेज एवं सबसे महॅगा कम्युिया टर है।
12- एक बाईट में 8 बिट्स होते है।
13- न्यूानतम मेमोरी साईज की इकाई है के. बी.
14- कम्युईट टर अंडरस्टेंहडिग का कार्य नहीं करता है।
15- विजय भाटकर भारतीय सुपर कम्यु अंडटर का जनक कहा जाता है।
16- पेंट ब्रश कम्युी टर भाषा नहीं है।
17- रियो डी जेनेरो स्थाुन पर 2016 के ग्रीष्मक ओलम्पिक खेल प्रस्ताईवित है।
18- कम्युडी टर में जहॉ ऐसेसरीज जुड़ती है पोर्ट कहते है।
19- प्रथम पृष्ठे जो सामान्य त: आप वेबसाइट पर देखते हैं गृह पृष्ठ होता है।
20- संध्याप अग्रवाल का सम्ब्न्धय क्रिकेट खेल से है।
21- 2015 की विम्बाल्डबन चैम्पियनशिप में पुरूष एकल का विजेता नोवाक जोकोविक है।
22- म.प्र.क्रिकेट संघ का मुख्यातलय इन्दौ र में है।
23- नरेन्द्र हिरवानी ने वेस्टकइंडीज टीम के विरूद्ध एक टेस्टं मैच में 16 विकेट लिए थे।
24- राष्ट्री य खेल दिवस 29 अगस्त के दिन मनाया जाता है।
25- एक पोलो टीम में 4 खिलाड़ी होते है।
26- मानव अधकारी संरक्षण अधिनियम 1993 का उद्देश्यि मानव अधिकारों को बेहतर संरक्षण से है।
27- ऐशबाग स्टेीडियम भोपाल शहर में स्थित है।
28- मानव अधकारी संरक्षण अधिनियम 28 सितम्बदर 1993 को लागू किया गया।
29- सेंधवा में भीमा नायक नेतृत्व में आदिवासियों ने आन्दो लन किया था।
30- राष्ट्रमपति द्वारा 1993 में मानवाधिकार संरक्षण अध्या देश संविधान के अनुच्छेंद 123 के अन्तवर्गत जारी किया गया था।
31- रानी दुर्गावती ने म. प्र. के गोंडवाना क्षेत्र में शासन किया ।
32- मध्य प्रदेश शासन द्वारा संगीत के क्षेत्र में दी जाने वाली फेलोशिप अलाउदीन खॉ है।
33- मध्य प्रदेश में भील जनजाति भारत में सबसे अधिक पायी जाती है।
34- 73 वें संविधान संशोधन का अभिपालन करने वाला पहला राज्यव मध्य प्रदेश है।
35- ''मध्ययप्रदेश पशुचिकित्सा एवं पशुपालन वि.वि.'' जबलपुर में है।
36- गणेश शंकर विद्यार्थी पुरस्कासर पत्रकारिता के क्ष्ोवत्र से संबंधित है।
37- विष्णुु चिंचालकर चित्रकार थे।
38- सन्तण सिंगाजी मध्य प्रदेश के निमाड़ क्षेत्र के निवासी थे।
39- '' बिखरे मोती'' के रचयिता सुभद्राकुमारी चौहान है।
40- मध्यणप्रदेश में करेन्सीक प्रिंटिग प्रेस देवास में है।
41- धूपगढ़ चोटी सतपुड़ा रेंज में स्थित है।
४२- 'फेथोमीटर' का उपयोग समुद्र की गहराई नापने में किया जाता है।
43- भारतीय वन अनुसंधान संस्थाेन की क्षेत्रीय अनुसंधान शाखा मध्य प्रदेश के जबलपुर जिले में स्थित है।
44- नौकायन के क्षेत्र में मध्य्प्रदेश से अर्जून अवार्ड प्राप्तर जी.एल.यादव है।
45- माउण्ट ऐवरेस्टन शिखर पर चढ़ने वाली पहली महिला जंको ताईबी थी।
46- दुध का घनत्व् हाईड्रोमीटर द्वारा मापा जाता है।
47- भूकम्पर की तीव्रता सिस्मोटग्राफ से मापी जाती है।
48- माइक्रोस्कोरप का प्रयोग सूक्ष्म एवं पास की वस्तुह के अध्यथयन करने में किया जाता है।
49- 'O' रक्तप समुह का व्य्क्ति सार्वभौमिक प्रदाता हो सकता है।
50- गॉधी शांति पुरस्का्र 2013 का विजेता एक पर्यावरणविद् है।

22/07/2015
07/07/2015

मध्य प्रदेश राज्य की परीक्षाओं के विशेष महत्वपूर्ण तथ्य
मुख्यमंत्री – श्री शिवराज सिंह चौहान
राज्यपाल – श्री राम नरेश यादव
राज्य की राजधानी – भोपाल
राज्य की भाषा – हिन्दी
गठन – 1 नवंबर, 1956
कुल जिले – 51
राज्य का राजकीय पक्षी – दूधराज
राज्य का राजकीय पशु – बारहसिंहा
राज्य का राजकीय पुष्प – लिली
राज्य का राजकीय फल – आम
राज्य का राजकीय वृक्ष – बरगद
साक्षरता दर – 69.3%
पुरुष साक्षरता दर – 78.7%
महिला साक्षरता दर – 59.2%
लोकसभा सीटों की संख्या – 29
राज्यसभा सदस्यों की संख्या – 11
विधानसभा सीटों की संख्या – 230
राज्य का जनघनत्व – 236 व्यक्ति प्रति वर्ग किमी
कुल जनसंख्या (वर्ष 2011 के अंतिम आंकड़ों के अनुसार) – 7,26,26,809
पुरुष जनसंख्या – 3,76,12,306
महिला जनसंख्या – 3,50,14,503
दशकीय जनसंख्या वृद्धि दर – 20,30%
सर्वाधिक जनसंख्या वाला जिला – इंदौर
न्यूनतम जनसंख्या वाला जिला – हरदा
सर्वाधिक लिंगानुपात वाला जिला – बालाघाट
न्यूनतम लिंगानुपात वाला जिला – भिंड
सर्वाधिक जनघनत्व वाला जिला – भोपाल
न्यूनतम जनघनत्व वाला जिला – डिंडोरी
सर्वाधिक साक्षरता दर वाला जिला – जबलपुर
न्यूनतम साक्षरता दर वाला जिला – अलीराजपुर
सर्वाधिक पुरुष साक्षरता दर वाला जिला – जबलपुर/इंदौर
न्यूनतम पुरुष साक्षरता दर वाला जिला – अलीराजपुर
सर्वाधिक महिला साक्षरता दर वाला जिला – भोपाल
न्यूनतम महिला साक्षरता दर वाला जिला – अलीराजपुर
सर्वाधिक नगरीय जनसंख्या प्रतिशत वाला जिला – भोपाल
न्यूनतम नगरीय जनसंख्या प्रतिशत वाला जिला – डिंडोरी
सर्वाधिक अनुसूचित जाति (SC) प्रतिशतता वाला जिला – उज्जैन
न्यूनतम अनुसूचित जाति प्रतिशतता वाला जिला – झाबुआ
सर्वाधिक अनुसूचित जनजाति प्रतिशतता वाला जिला – अलीराजपुर
न्यूनतम अनुसूचित जनजाति वाला जिला – भिंड
सर्वाधिक शिशु जनसंख्या वाले दो जिले हैं – इंदौर एवं धार
न्यूनतम शिशु जनसंख्या वाले दो जिले हैं – हरदा एवं अनूपपुर
सर्वाधिक तथा न्यूनतम दशकीय वृद्धि दर वाले दो-दो जिले क्रमश: – इंदौर व झाबुआ और अनुपपुर व बैतूल
सर्वाधिक तथा न्यूनतम अनुसूचित जाति की जनंसख्या क्रमश: – इंदौर और झाबुआ
भारत में जनसंख्या के आधार पर मध्य प्रदेश का स्थान – छठा
साक्षरता दर के मामले में राज्य का देश में स्थान – 28वां
महिला साक्षरता में राज्य का स्थान – 28वां
राज्य में औसत लिंगानुपात – 931 (महिला प्रति हजार पुरुष)
मध्य प्रदेश में शिशु लिंगानुपात – 918
मध्य प्रदेश के उस जिले का नाम जिसका लिंगानुपात राज्य के लिंगानुपात के बराबर है – रीवा जिला (930)
निम्नतम शिशु लिंग अनुपात जिला – मुरैना
उच्चतम शिशु लिंग अनुपात वाला जिला – अलीराजपुर
क्षेत्रफल – 3,08,252 वर्ग किमी.
क्षेत्रफल की दृष्टि से मध्य प्रदेश का स्थान – दूसरा
क्षेत्रफल की दृष्टि से सबसे बड़ा जिला – छिन्दवाड़ा
क्षेत्रफल की दृष्टि से सबसे छोटा जिला – दतिया
प्रदेश का सबसे बड़ा शहर – इंदौर
सीमावर्ती राज्य – पूर्व में छत्तीसगढ़ पश्चिम में राजस्थान और गुजरात, उत्तर में उत्तर प्रदेश तथा दक्षिण में महाराष्ट्र
प्रदेश की अधिकतम सीमा से जुड़ने वाला राज्य – उत्तर प्रदेश (10 जिलों में)
न्यूनतम सीमा से जुड़ने वाला राज्य – गुजरात
मध्य प्रदेश की दक्षिणी सीमा से जुड़ने वाली नदी – ताप्ती
मध्य प्रदेश की उत्तरी सीमा से जुड़ने वाली नदी – चम्बल
मध्य प्रदेश के मध्य से गुजरने वाली रेखा – कर्क रेखा
मध्य प्रदेश के प्रथम मुख्ममंत्री – श्री रविशंकर शुल्क
राज्य के प्रथम राज्यपाल – पट्टाभि सीतारमैया
प्रथम विश्वविद्यालय – डॉ. हरिसिंह गौर (सागर)
प्रथम बायोस्फीयर रिजर्व – पचमढ़ी
प्रथम जीवाश्म राष्ट्रीय उद्यान – मण्डला
राज्य का प्रथम अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा – भोपाल
‘झीलों का शहर’ उपनाम से जाना जाने वाला शहर – भोपाल
प्रदेश का एकमात्र हिल स्टेशन जिसे सतपुड़ा की रानी कहा जाता है – पचमढ़ी
मध्य प्रदेश में सड़कों की कुल लंबाई – 73,311 किमी.
मध्य प्रदेश का सबसे बड़ा रेलवे जंक्शन – इटारसी
मध्य प्रदेश में रेल सेवा विभाग का मुख्यालय – भोपाल
मध्य प्रदेश में कुल हवाई अड्डे – 5 (खजुराहो, ग्वालियर, भोपाल, इन्दौर एवं जबलपुर)
1 नवंबर, 2000 को मध्य प्रदेश में अलग होकर बनने वाला राज्य – छत्तीसगढ़
मध्य प्रदेश के प्रमुख लोकगीत – आल्हा, कलगी, तुर्रा, नागपन्थी, गायन, भरथरी इत्यादि
मध्य प्रदेश के प्रमुख लोकनृत्य – गणगौर, काटी, फेफारिया, आड़ा-खाड़ा नाच, डंडा नाच, मटकी नाच, रजवाड़ी, राई नृत्य, खैरा नृत्य, कानड़ा नृत्य इत्यादि
मध्य प्रदेश में सर्वाधिक बोली जाने वाली बोली – बुन्देलखंडी
मध्य प्रदेश की प्रमुख नदियां – नर्मदा, चम्बल, सोन, ताप्ती व बेतवा
मध्य प्रदेश की सबसे बड़ी नदी – नर्मदा
भारत की 5वीं सबसे बड़ी नदी – नर्मदा
राज्य की प्रमुख जनजातियां – गोण्ड भील, बैगा, कोरकू, भारिया, कोल, हल्बा, सहारिया, सउर, खैखार, पनिका, केवार इत्यादि
प्रदेश की प्रमुख फसलें – चावल, गेहूं, ज्वार, चना, सोयाबीन, गन्ना व कपास
राज्य की प्रमुख व्यापारिक फसल – सोयाबीन
राज्य के प्रमुख टाइगर रिजर्व – कान्हा, पन्ना, बाधवगढ़ पेंच, सतपुड़ा
मध्य प्रदेश के प्रमुख राष्ट्रीय उद्यान – कान्हा किसली, माधव, बांधवगढ़, पन्ना, सतपुड़ा, वन विहार, सोन, नरसिंह गढ़ इत्यादि
मध्य प्रदेश का पहला राष्ट्रीय उद्यान – कान्हा किसली
राज्य में पाए जाने वाले प्रमुख खनिज – ग्रेफाइट, अभ्रक, शीशा, बॉक्साइट, तांबा, संगमरमर, चूना पत्थर, कोयला, घीया पत्थर, स्लेट इत्यादि
राज्य का उच्च न्यायालय – जबलपुर
मध्य प्रदेश का हीरा, डायस्फोर, पाइरोफिलाइट तथा तांबा, अयस्क के उत्पादन में देश में स्थान – प्रथम
मध्य प्रदेश में वन क्षेत्र का प्रतिशत – 31%
राज्य में सर्वाधिक आरक्षित वन – उज्जैन
राज्य में सबसे कम आरक्षित वन – राजगढ़
राज्य में सबसे अधिक वन वाला जिला – बालाघाट जिला
राज्य में सबसे कम वन वाला जिला – शाजापुर जिला
वनों का राष्ट्रीयकरण (1970) करने वाला प्रथम राज्य – मध्य प्रदेश
मध्य प्रदेश का न्यूज प्रिन्ट कारखाना – नेपानगर
मध्य प्रदेश में राज्य सतर्कता आयोग की स्थापना – 1 मार्च, 1964
राज्य में मानवाधिकार आयोगा का गठन – दिसंबर 1994
प्रदेश में राज्य वित्त आयोग का गठन – दिसंबर 1994
राज्य में जवाहर लाल नेहरू पुलिस अकादमी स्थित है – सागर में
पंचायत चुनावों में महिलाओं को 50 प्रतिशत आरक्षण देने वाला पहला राज्य – मध्य प्रदेश
राज्य का प्रथम रत्न परिष्कृत केंद्र – जबलपुर
राज्य का पहला विशेष आर्थिक जोन – इंदौर
राज्य में तेल शोधक कारखाना – बीना (सागर)
राज्य का सबसे बड़ा अभयारण्य – नौरोदेही
राज्य का सबसे छोटा अभयारण्य – राला मण्डल
राज्य का सबसे छोटा राष्ट्रीय उद्यान – वन बिहार
खनिज उत्पादन में मध्य प्रदेश का स्थान – तृतीय
राज्य में क्रिस्टल आई टी पार्क की स्थापना – इंदौर
राज्य में ऑप्टिकल फाइबर का कारखाना – मण्डीद्वीप
अल्कोहल एंड कार्बन डाई-ऑक्साइड प्लांट – रतलाम
करेंसी प्रिंटिंग प्रेस – देवास
सिक्योरिटी पेपर मिल – होशंगाबाद
रेलवे कोच फैक्ट्री – भोपाल
राज्य में सर्वाधिक उद्योग वाला जिला – पीथमपुरा (धारा जिला)
सबसे कम उद्योग वाला जिला – पन्ना जिला
राज्य में सर्वाधिक पवन चक्की – इंदौर
राज्य के प्रमुख पर्यटक स्थल – कान्हा किसली, महेश्वर, खजुराहो, ग्वालियर का किला, सांची स्तूप, पचमढ़ी, भीमबेटका, माण्डू, बांधवगढ़, इत्यादि
राज्य के प्रमुख धार्मिक स्थल – चित्रकूट, उज्जैन इत्यादि

मालवा का पठारमालवा का पठार विंध्य पहाड़ियों के आधार पर त्रिभुजाकार पठार है। इसके पूर्व में बुदेंलखंड और उत्तर पश्चिम में...
12/06/2015

मालवा का पठार

मालवा का पठार विंध्य पहाड़ियों के आधार पर त्रिभुजाकार पठार है। इसके पूर्व में बुदेंलखंड और उत्तर पश्चिम में अरावली पहाड़ियाँ स्थित है। इसकी ढाल उत्तर पूर्व की ओर है। यहाँ की नदियाँ चंबल, काली सिंध, बेतवा, केन आदि है। इस पठार के दक्षिणी ओर दकन का पठार है, जो काफी कटा फटा है। उत्तर में नदियों के कछारी निक्षेप तथा यमुना के खादर क्षेत्र स्थित है। मालवा का पठार भौतिक बनावट के अनुसार उत्तर की आरे विंध्य उच्छृंग तथा दक्षिण की ओर की दकन लावा के पठार में विभाजित है। विंध्य पहाड़ियों पर सागौन के वन हैं, सामान्य ऊँचे क्षेत्रों मे गाँव तथा नगर बसे हैं। इस पठार में 25 इंच तक वर्षा होती है, पर वर्षा अनिश्चित है। ज्वार, गेहूँ, चना तथा तिलहन के अतिरिक्त लावा की काली रेगर भूमि पर कपास पैदा होती है। इंदौर, ग्वालियर, लश्कर, भोपाल तथा उज्जैन यहाँ के प्रसिद्ध नगर हैं।

11/06/2015

महिला-बाल विकास विभाग में 3 हजार 215 पर्यवेक्षक सहित लगभग 5 हजार पद स्वीकृत

जल विद्युत विकास अनुबंध का प्रारूप अनुमोदित
स्पेशल प्रोजेक्ट के लिये पद सृजन
मंत्रि-परिषद के निर्णय

मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में आज इंदौर जिले के ग्राम उज्जैनी स्थित नर्मदा-क्षिप्रा संगम स्थल पर सम्पन्न मंत्रि-परिषद की बैठक में महिला-बाल विकास विभाग में पर्यवेक्षक के 3 हजार 215 पद मंजूर किये गये। निर्णय के अनुसार नियमित पर्यवेक्षक संवर्ग को पुनर्स्थापित करते हुए इस संवर्ग की भर्ती, पदोन्नति सहित सभी प्रशासनिक नियंत्रण महिला-बाल विकास विभाग को सौंप दिया जायेगा। विभाग से संबंधित अभिलेख एवं योजनाओं के पर्यवेक्षण एवं निगरानी का कार्य समय-समय पर जारी निर्देशों के अंतर्गत त्रि-स्तरीय पंचायत राज संस्थाओं द्वारा पूर्वानुसार किया जायेगा।

पर्यवेक्षक के पदों की स्वीकृति इस शर्त के साथ दी गयी है कि वर्तमान में महिला-बाल विकास विभाग में 1019 संविदा पर्यवेक्षक पदस्थ हैं, लिहाजा जैसे-जैसे संविदा पर्यवेक्षक के पद रिक्त होते जायेंगे, वे नियमित पर्यवेक्षक पदों में परिवर्तित होते जायेंगे। नियमित पर्यवेक्षक पद पर रिक्त पदों की पूर्ति व्यापम के माध्यम से की जायेगी। इसमें कार्यरत संविदा पर्यवेक्षकों को अनुभव का लाभ दिया जायेगा। उन्हें प्रत्येक पूर्ण वर्ष की सेवा के लिये 4 अंक तथा 5 वर्ष या उससे अधिक सेवा के लिये अधिकतम 20 अंक का वेटेज दिया जायेगा। कार्यरत संविदा पर्यवेक्षकों को इस परीक्षा में बैठने एवं नियमित पद पर नियुक्ति के लिये आयु सीमा का कोई बंधन नहीं होगा।

स्पेशल प्रोजेक्ट कोर्ट के लिये पद

मंत्रि-परिषद ने 13वें वित्त आयोग के अंतर्गत गठित उच्च स्तरीय मानिटरिंग समिति की अनुशंसा के अनुरूप 31 मार्च, 2015 तक के लिये स्पेशल कोर्ट स्थापित किये जाने के लिये 900 पद के सृजन का निर्णय लिया। निर्णय लिया गया कि 13वें वित्त आयोग के अधीन 5 वर्ष से ज्यादा अवधि के लंबित प्रकरणों के शीघ्र निराकरण के लिये अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (प्रवेश स्तर) के 100 पद तथा संविदा के आधार पर अमले के 800 पद सृजित किये जायें। इनमें शीघ्रलेखक, प्रस्तुतकार, प्रवर्तन लिपिक, साक्ष्य लेखक, आदेशिका लेखक, कार्यालय भृत्य के पद शामिल हैं।

मंत्रि-परिषद ने लोकसेवाओं के प्रदाय की गारंटी अधिनियम में राजस्व विभाग के अमले की अन्य विभाग की सेवाओं में भूमिका को दृष्टि में रखते हुए डाटा इन्ट्री ऑपरेटर के संविदा पर 876 पद सृजित करने का निर्णय लिया।

मंत्रि-परिषद ने लोकसभा चुनाव के लिये 1 अप्रैल, 2014 से 31 अक्टूबर, 2014 तक के लिये 753 पद स्वीकृत कर भरने की अनुमति प्रदान की। साथ ही मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग के मुख्यालय के लिये नगरीय निकायों/त्रि-स्तरीय पंचायतों के आम निर्वाचन वर्ष 2014-15 के कार्य संपादन के लिये 15 पद को अस्थाई रूप से 30 जून, 2015 तक की अवधि के लिये सृजित करने की स्वीकृति दी गयी।

जल विद्युत विकास अनुबंध

मध्यप्रदेश शासन द्वारा लघु जल विद्युत परियोजनाओं से विद्युत के उत्पादन के लिये प्रोत्साहन नीति 2011 लागू की गयी है। नीति में प्रदेश में जल विद्युत परियोजनाएँ स्थापित की जा सकेंगी। इसके लिये राज्य शासन द्वारा लघु जल आधारित विद्युत परियोजना नीति-2011 में परियोजनाओं के क्रियान्वयन के लिये हस्ताक्षरित किये जाने वाले लघु जल विद्युत विकास अनुबंध का मंत्रि-परिषद ने अनुमोदन किया।

अन्य निर्णय

मंत्रि-परिषद ने आबकारी उप निरीक्षक का वेतनमान एवं ग्रेड-पे पुलिस उप निरीक्षक के लिये स्वीकृत वेतनमान तथा ग्रेड-पे के समकक्ष तथा सहायक जिला आबकारी अधिकारी का वेतनमान एवं ग्रेड-पे पुलिस निरीक्षक के लिये स्वीकृत वेतनमान एवं ग्रेड-पे के समकक्ष करने का निर्णय लिया।

मंत्रि-परिषद् ने राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतीकरण योजना में 11वीं पंचवर्षीय योजना अवधि में स्वीकृत पन्ना, बालाघाट और उमरिया जिलों की योजनाओं की क्वांटिटी वेरियेशन के आधार पर ग्रामीण विद्युतीकरण से प्राप्त पुनरीक्षित स्वीकृति पद उल्लेखित नियम एवं शर्तों पर सहमति प्रदान की।

मंत्रि-परिषद् ने महिलाओं में सशक्त नेतृत्व क्षमता विकसित करने तथा राज्य के सामाजिक एवं आर्थिक विकास में उनकी भागीदारी सुनिश्चित करने के लिये “मुख्यमंत्री सामुदायिक नेतृत्व क्षमता विकास कार्यक्रम’’ में प्रशिक्षण की व्यवस्था 2014-15 के अकादमिक सत्र से लागू करने का निर्णय लिया।

मंत्रि-परिषद ने बैतूल राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक 69 के बुधनी-होशंगाबाद-पँवारखेड़ा-इटारसी एवं पथरोटा मार्ग खण्ड, किलोमीटर 28 से किलोमीटर 62.10 लम्बाई, 35.1 किलोमीटर को लोक निर्माण विभाग की आयोजना के अंतर्गत 88 करोड़ 91 लाख रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति दी।

राज्यपाल सचिवालय में स्वीकृत सहायक ग्रंथपाल के पद का ग्रंथपाल के पद में 20 जुलाई, 2014 तक उन्नयन करने का निर्णय लिया गया।

यूनियन कार्बाइड जहरीली गैस रिसाव जाँच आयोग भोपाल के कार्यकाल में 25 फरवरी, 2014 से 24 अगस्त, 2014 तक 6 माह की वृध्दि करने का निर्णय लिया गया।

राज्य प्रशासनिक सेवा के सेवानिवृत्त अधिकारी श्री गंगाराम पाटीदार की पूर्ण पेंशन स्थायी रूप से रोकने का निर्णय लिया गया। उन्हें भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के अंतर्गत विशेष न्यायालय नीमच द्वारा दोषसिद्ध पाया गया है।

सेवानिवृत्त जिला संयोजक आदिम जाति कल्याण श्री अमरसिंह दण्डोतिया द्वारा शासन को पहुँचायी गयी हानि रुपये एक लाख 37 हजार 860 की वसूली उन्हें देय स्वत्वों से किये जाने तथा उनकी 10 प्रतिशत पेंशन 5 वर्ष के लिये रोकने का निर्णय लिया गया।

तत्कालीन अधीक्षक श्रवण बाधितार्थ विद्यालय, रीवा श्री आर.पी.तिवारी की पेंशन स्थायी रूप से रोकने का निर्णय लिया गया।

गोले का मंदिर चौराहा, ग्राम गोशपुरा, ग्वालियर के सर्वे क्रमांक 1340, 1341, 1567 एवं 1568, जो रेल मंत्रालय के स्वामित्व की भूमि है, में से 2777 वर्गमीटर भूमि से अदला-बदली कर शासकीय भूमि स्थित ग्राम गोशपुरा सर्वे क्रमांक 1331/12 में से 2277 वर्गमीटर भूमि रेल मंत्रालय को देने का निर्णय लिया गया।

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