11/04/2026
🌸 महात्मा ज्योतिराव फुले जयंती पर शत-शत नमन 🌸
आज हम उस महान क्रांतिकारी विचारक, समाज सुधारक और शिक्षाविद् को नमन करते हैं, जिन्होंने समाज के सबसे दबे-कुचले वर्गों—दलितों, पिछड़ों और महिलाओं—को सम्मान और अधिकार दिलाने के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया।
📚 शिक्षा ही मुक्ति का मार्ग है – इस विचार को साकार करते हुए महात्मा फुले जी ने लड़कियों और शोषित वर्ग के लिए पहली बार स्कूल खोलकर इतिहास रच दिया।
👩🎓 जब समाज महिलाओं को शिक्षा से दूर रखता था, तब उन्होंने और सावित्रीबाई फुले जी ने मिलकर नारी शिक्षा की अलख जगाई।
✊ उन्होंने जातिवाद, छुआछूत और सामाजिक भेदभाव के खिलाफ आवाज उठाई और समानता, भाईचारा व न्याय का संदेश दिया।
🇮🇳 देश के निर्माण में उनका योगदान सिर्फ समाज सुधार तक सीमित नहीं रहा, बल्कि उन्होंने एक ऐसे भारत का सपना देखा जहां हर व्यक्ति को बराबरी का अधिकार मिले।
🔥 आज जरूरत है उनके विचारों को अपनाने की –
जहां शिक्षा हर घर तक पहुंचे,
जहां जाति और भेदभाव खत्म हो,
और जहां महिलाएं सशक्त बनकर समाज का नेतृत्व करें।
🙏 आइए, इस जयंती पर संकल्प लें कि हम महात्मा फुले जी के बताए मार्ग पर चलेंगे और एक समतामूलक, शिक्षित और जागरूक समाज का निर्माण करेंगे।
राजेन्द्र गणवीर असिस्टेंट प्रोफेसर
रानी दुर्गावती शासकीय महाविद्यालय परसवाड़ा