Before exam

Directions

Before exam Contact information, map and directions, contact form, opening hours, services, ratings, photos, videos and announcements from Before exam, Educational consultant, Bahraich (UP), Bahraich.
(1)

उत्पल दत्त भारतीय सिनेमा और रंगमंच के बहुमुखी कलाकार थे। उनका जन्म 29 मार्च 1929 को बरिसाल में हुआ था, जो उस समय ब्रिटिश...
20/09/2026

उत्पल दत्त भारतीय सिनेमा और रंगमंच के बहुमुखी कलाकार थे। उनका जन्म 29 मार्च 1929 को बरिसाल में हुआ था, जो उस समय ब्रिटिश भारत का हिस्सा था। उन्होंने अभिनय के साथ-साथ निर्देशन और नाटक लेखन में भी अपनी अलग पहचान बनाई। बंगाली रंगमंच में उनका योगदान विशेष रूप से उल्लेखनीय रहा और बाद में उन्होंने हिंदी फिल्मों में भी अनेक यादगार भूमिकाएँ निभाईं।
उत्पल दत्त ने अभिनेत्री और रंगमंच कलाकार शोभा सेन से विवाह किया था। उनकी बेटी डॉ. बिष्णुप्रिया दत्त थिएटर और परफॉर्मेंस स्टडीज़ के क्षेत्र से जुड़ी हैं। उत्पल दत्त ने गंभीर भूमिकाओं के साथ-साथ हास्य और चरित्र भूमिकाओं में भी दर्शकों का मनोरंजन किया। गोलमाल जैसी फिल्मों में उनके अभिनय को आज भी याद किया जाता है।
उत्पल दत्त का निधन 19 अगस्त 1993 को हुआ। भारतीय रंगमंच और सिनेमा में उनका योगदान आज भी महत्वपूर्ण माना जाता है। उनका जीवन अभिनय, रंगमंच और साहित्य के प्रति समर्पण का उदाहरण है।

पवन सिंह भोजपुरी सिनेमा के लोकप्रिय अभिनेता, गायक और संगीतकार हैं। उनका जन्म 5 जनवरी 1986 को बिहार के आरा क्षेत्र में हु...
20/09/2026

पवन सिंह भोजपुरी सिनेमा के लोकप्रिय अभिनेता, गायक और संगीतकार हैं। उनका जन्म 5 जनवरी 1986 को बिहार के आरा क्षेत्र में हुआ। बचपन से ही उनकी रुचि संगीत में थी और उन्होंने भोजपुरी संगीत की दुनिया में कम उम्र से काम करना शुरू किया। उनका शुरुआती चर्चित एलबम ‘ओढ़निया वाली’ 1997 में आया था। इसके बाद ‘लॉलीपॉप लागेलू’ ने उन्हें व्यापक पहचान दिलाई और यह गीत भोजपुरी संगीत की पहचान बनने वाले लोकप्रिय गीतों में शामिल हुआ।
पवन सिंह ने अभिनय की दुनिया में ‘रंगली चुनरिया तोहरे नाम’ से शुरुआत की। इसके बाद उन्होंने प्रतिज्ञा, सत्या, क्रैक फाइटर, मां तुझे सलाम, शेर सिंह और हर हर गंगे जैसी फिल्मों में काम किया।
उनके पारिवारिक जीवन की बात करें तो उपलब्ध जीवनी स्रोतों में उनके पिता का नाम रामाशंकर सिंह और माता का नाम प्रतिमा देवी बताया गया है। उनकी बहन का नाम माला सिंह मिलता है।
पवन सिंह का पहला विवाह नीलम सिंह से 2014 में हुआ था। मार्च 2015 में नीलम का निधन हो गया। इसके बाद उन्होंने ज्योति सिंह से 2018 में विवाह किया।
पवन सिंह ने भोजपुरी संगीत और फिल्मों के साथ हिंदी संगीत में भी काम किया है। उनकी आवाज़ और अभिनय ने उन्हें भोजपुरी मनोरंजन जगत में एक अलग पहचान दिलाई है।

आम्रपाली दुबे भोजपुरी सिनेमा की जानी-मानी अभिनेत्री हैं। अभिनय की शुरुआत उन्होंने हिंदी टेलीविजन से की और बाद में भोजपुर...
20/09/2026

आम्रपाली दुबे भोजपुरी सिनेमा की जानी-मानी अभिनेत्री हैं। अभिनय की शुरुआत उन्होंने हिंदी टेलीविजन से की और बाद में भोजपुरी फिल्मों में अपनी अलग पहचान बनाई। उन्होंने सात फेरे: सलोनी का सफर, मायका, मेरा नाम करेगी रोशन और रहना है तेरी पलकों की छाँव में जैसे टीवी धारावाहिकों में काम किया। l
साल 2014 में उन्होंने दिनेश लाल यादव ‘निरहुआ’ के साथ फिल्म ‘निरहुआ हिंदुस्तानी’ से भोजपुरी फिल्मों में मुख्य अभिनेत्री के रूप में शुरुआत की। इसके बाद पटना से पाकिस्तान, निरहुआ रिक्शावाला 2, निरहुआ चलल ससुराल 2, बॉर्डर और काशी अमरनाथ जैसी फिल्मों में दिखाई दीं।
आम्रपाली दुबे ने अपने परिवार के प्रति लगाव की बात भी सार्वजनिक रूप से की है। 2026 में उन्होंने अपनी बहन आंचल दुबे के साथ अपने करीबी रिश्ते के बारे में बताया।
टेलीविजन और भोजपुरी फिल्मों दोनों में काम करने के कारण आम्रपाली दुबे भोजपुरी मनोरंजन जगत में एक चर्चित नाम बनी हुई हैं।

अभिनेता ओम प्रकाश चिब्बर हिंदी सिनेमा के प्रसिद्ध चरित्र अभिनेताओं में से एक थे। उनका जन्म 19 दिसंबर 1919 को लाहौर में ह...
20/09/2026

अभिनेता ओम प्रकाश चिब्बर हिंदी सिनेमा के प्रसिद्ध चरित्र अभिनेताओं में से एक थे। उनका जन्म 19 दिसंबर 1919 को लाहौर में हुआ था। उन्होंने अपने लंबे फिल्मी करियर में हास्य, गंभीर और नकारात्मक सहित अनेक प्रकार की भूमिकाएँ निभाईं। उनकी सहज संवाद-अदायगी, विशिष्ट आवाज़ और प्रभावशाली अभिनय ने उन्हें दर्शकों के बीच अलग पहचान दिलाई।
ओम प्रकाश ने कई यादगार फिल्मों में काम किया, जिनमें ‘पड़ोसन’, ‘चुपके चुपके’, ‘शराबी’, ‘नमक हलाल’ और ‘गोल माल’ जैसी लोकप्रिय फिल्में शामिल हैं। पर्दे पर वे अक्सर ऐसे किरदारों में दिखाई दिए जो कहानी में हास्य के साथ-साथ भावनात्मक प्रभाव भी पैदा करते थे।
उनके निजी जीवन की बात करें तो उनका विवाह प्रभा चिब्बर से हुआ था। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, दंपति की अपनी कोई जैविक संतान नहीं थी। ओम प्रकाश ने अपने भाई राम प्रकाश ‘पच्ची’ की बेटी को गोद लिया था। उनके भाई राम प्रकाश भी फिल्म जगत से जुड़े हुए थे और अभिनेता, निर्माता तथा निर्देशक के रूप में काम करते थे।
ओम प्रकाश का फिल्मी सफर कई दशकों तक चला और उन्होंने हिंदी सिनेमा में अपनी विशिष्ट छाप छोड़ी। उनके अभिनय की खासियत यह थी कि वे छोटे से छोटे किरदार को भी अपनी शैली से यादगार बना देते थे। 21 फरवरी 1998 को मुंबई में उनका निधन हुआ। आज भी हिंदी सिनेमा के इतिहास में ओम प्रकाश को एक प्रतिभाशाली और लोकप्रिय चरित्र अभिनेता के रूप में याद किया जाता है।

अभिनेत्री पद्मिनी रामचंद्रन भारतीय सिनेमा की प्रसिद्ध अभिनेत्री और शास्त्रीय नृत्यांगना थीं। उनका जन्म 12 जून 1932 को पू...
20/09/2026

अभिनेत्री पद्मिनी रामचंद्रन भारतीय सिनेमा की प्रसिद्ध अभिनेत्री और शास्त्रीय नृत्यांगना थीं। उनका जन्म 12 जून 1932 को पूजाप्पुरा, तिरुवनंतपुरम में हुआ था। उनके पिता थंकप्पन पिल्लई और माता सरस्वती अम्मा थीं। उनकी बड़ी बहन ललिता और छोटी बहन रागिनी भी प्रसिद्ध अभिनेत्री एवं शास्त्रीय नृत्यांगना थीं। तीनों बहनों को सामूहिक रूप से “त्रावणकोर सिस्टर्स” के नाम से जाना जाता था।
पद्मिनी ने मलयालम, तमिल, हिंदी, तेलुगु और कन्नड़ सहित कई भाषाओं की फिल्मों में अभिनय किया। ‘जिस देश में गंगा बहती है’, ‘काजल’ और ‘तिल्लाना मोहनाम्बल’ उनकी चर्चित फिल्मों में शामिल हैं।
वर्ष 1961 में उनका विवाह डॉ. के. टी. रामचंद्रन से हुआ। दोनों का एक पुत्र प्रेम (प्रेमानंद) रामचंद्रन था, जिसका जन्म 1962 में बताया गया है। विवाह के बाद पद्मिनी ने परिवार को प्राथमिकता दी और बाद में न्यू जर्सी में Padmini School of Fine Arts की स्थापना की।
पद्मिनी का निधन 24 सितंबर 2006 को चेन्नई में हुआ। भारतीय सिनेमा और शास्त्रीय नृत्य के क्षेत्र में उनका योगदान आज भी याद किया जाता है।

अभिनेता मनहर देसाई (Manhar Desai) भारतीय सिनेमा के पुराने दौर के जाने-माने कलाकारों में शामिल थे। उनका वास्तविक नाम Malc...
20/09/2026

अभिनेता मनहर देसाई (Manhar Desai) भारतीय सिनेमा के पुराने दौर के जाने-माने कलाकारों में शामिल थे। उनका वास्तविक नाम Malcolm Alfredo Desai बताया जाता है। उनका जन्म 3 अगस्त 1917 को बॉम्बे (वर्तमान मुंबई) में हुआ था। वे एक गुजराती ईसाई परिवार से संबंधित थे और उनके पिता पुलिस विभाग में इंस्पेक्टर थे।
मनहर देसाई ने Wilson College में शिक्षा प्राप्त की। कॉलेज के समय ही उनका विवाह उनकी सहपाठी से हुआ। उपलब्ध पुराने स्रोतों के अनुसार उनके दो बच्चे—पुत्र अशोक और पुत्री शीला—थे। उनके पारिवारिक जीवन के बारे में सार्वजनिक स्रोतों में बहुत सीमित जानकारी उपलब्ध है।
फिल्मी दुनिया में उन्होंने मुख्यतः 1950 और 1960 के दशक में काम किया। इस दौर की कई हिंदी फिल्मों में उन्होंने अभिनय किया और अपनी पहचान बनाई। उनका अभिनय उस समय की लोकप्रिय हिंदी फिल्मों की शैली के अनुरूप था।
मनहर देसाई का निधन 25 फरवरी 1992 को बॉम्बे (मुंबई) में हुआ। आज भी उन्हें भारतीय सिनेमा के पुराने दौर के कलाकार के रूप में याद किया जाता है।
नोट: परिवार से संबंधित जानकारी उपलब्ध ऐतिहासिक स्रोतों पर आधारित है; जिन रिश्तों/नामों का विश्वसनीय प्रमाण नहीं मिला है, उन्हें शामिल नहीं किया गया है।

अचला सचदेव हिंदी सिनेमा की प्रसिद्ध अभिनेत्री थीं, जिन्हें विशेष रूप से माँ और दादी की भूमिकाओं के लिए याद किया जाता है।...
20/09/2026

अचला सचदेव हिंदी सिनेमा की प्रसिद्ध अभिनेत्री थीं, जिन्हें विशेष रूप से माँ और दादी की भूमिकाओं के लिए याद किया जाता है। उनका जन्म 3 मई 1920 को पेशावर में हुआ था। उन्होंने फिल्मों में काम करने के साथ ऑल इंडिया रेडियो पर भी कार्य किया और 1938 की Fashionable Wife से फिल्मी सफर शुरू किया।
उनकी सबसे यादगार प्रस्तुतियों में ‘वक़्त’ (1965) की भूमिका शामिल है। फिल्म में बलराज साहनी की पत्नी के रूप में नजर आईं और उन पर फिल्माया गया प्रसिद्ध गीत ‘ऐ मेरी ज़ोहरा जबीं’ आज भी उनकी पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा है। उन्होंने मेरा नाम जोकर, हरे रामा हरे कृष्णा, चांदनी, दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे और कभी खुशी कभी ग़म जैसी फिल्मों में भी अभिनय किया। उनके करियर में 250 से अधिक फिल्मों का उल्लेख समाचार स्रोतों में मिलता है।
व्यक्तिगत जीवन में अचला सचदेव ने ज्ञान सचदेव से विवाह किया था और उनसे उनके बेटे ज्योतिन सचदेव हुए। बाद में उन्होंने क्लिफोर्ड डगलस पीटर्स, जो मैकेनिकल इंजीनियर थे, से विवाह किया। स्रोतों में उनकी एक बेटी का भी उल्लेख मिलता है, हालांकि उसका नाम सार्वजनिक रूप से स्पष्ट नहीं मिलता।
अचला सचदेव का निधन 30 अप्रैल 2012 को पुणे में हुआ। उनके बेटे ज्योतिन अमेरिका से पुणे अंतिम संस्कार के लिए आए थे।

खेसारी लाल यादव भोजपुरी सिनेमा के प्रसिद्ध अभिनेता, गायक, डांसर और मॉडल हैं। उनका वास्तविक नाम शत्रुघ्न कुमार यादव है। उ...
19/09/2026

खेसारी लाल यादव भोजपुरी सिनेमा के प्रसिद्ध अभिनेता, गायक, डांसर और मॉडल हैं। उनका वास्तविक नाम शत्रुघ्न कुमार यादव है। उनका जन्म 15 मार्च 1986 को बिहार के सारण जिले के धनाढीह गांव में हुआ था। उनके पिता का नाम मंगरू लाल यादव है। संघर्ष के दिनों में उनके परिवार ने दिल्ली में लिट्टी-चोखा बेचकर भी जीवनयापन किया।
खेसारी लाल यादव ने 2006 में चंदा देवी से विवाह किया। दोनों के दो बच्चे हैं—बेटी कृति यादव और बेटा ऋषभ यादव। कृति ने अपने पिता की फिल्म दुल्हिन गंगा के पार में बाल कलाकार के रूप में काम किया है।
खेसारी ने भोजपुरी संगीत से पहचान बनाने के बाद 2011 में फिल्म साजन चले ससुराल से अभिनय की शुरुआत की। इसके बाद उन्होंने भोजपुरी सिनेमा में कई फिल्मों और गीतों के माध्यम से अपनी पहचान बनाई। उनके जीवन की कहानी संघर्ष, संगीत और अभिनय के लंबे सफर से जुड़ी है।

फ़ारूक़ शेख हिंदी सिनेमा के प्रसिद्ध अभिनेता, टेलीविजन प्रस्तोता और रंगमंच कलाकार थे। उनका जन्म 25 मार्च 1948 को अमरोली,...
19/09/2026

फ़ारूक़ शेख हिंदी सिनेमा के प्रसिद्ध अभिनेता, टेलीविजन प्रस्तोता और रंगमंच कलाकार थे। उनका जन्म 25 मार्च 1948 को अमरोली, गुजरात में हुआ था। उनके पिता मुस्तफ़ा शेख जाने-माने वकील थे और उनकी माता का नाम फ़रीदा था। फ़ारूक़ ने सेंट मैरी स्कूल और सेंट ज़ेवियर्स कॉलेज, मुंबई से शिक्षा प्राप्त की तथा सिद्धार्थ कॉलेज ऑफ लॉ से कानून की पढ़ाई की, हालांकि उन्होंने वकालत को पेशे के रूप में नहीं अपनाया।
उन्होंने रंगमंच से अपने अभिनय की शुरुआत की और इंडियन पीपुल्स थिएटर एसोसिएशन (IPTA) से भी जुड़े। ‘गरम हवा’ से उन्हें फिल्मों में पहचान मिली। इसके बाद ‘शतरंज के खिलाड़ी’, ‘नूरी’, ‘चश्मे बद्दूर’, ‘किसी से न कहना’, ‘कथा’, ‘उमराव जान’ और ‘बाज़ार’ जैसी फिल्मों में उन्होंने यादगार भूमिकाएँ निभाईं। समानांतर सिनेमा में उनके योगदान को विशेष रूप से सराहा गया।
फ़ारूक़ शेख का विवाह रूपा जैन से हुआ था। दोनों ने विवाह से पहले लगभग नौ वर्षों तक एक-दूसरे को जाना। उनके परिवार में दो बेटियाँ शाइस्ता और सना थीं। उनकी पत्नी रूपा सामाजिक कार्यों से भी जुड़ी रहीं और उनकी बेटी सना ने भी सामाजिक क्षेत्र में काम किया
फ़ारूक़ शेख को फिल्म ‘लाहौर’ (2010) के लिए राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार में सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेता का सम्मान मिला। उनका निधन 27 दिसंबर 2013 को दुबई में हुआ। सरल व्यक्तित्व, सहज अभिनय और शानदार संवाद अदायगी के कारण वे आज भी दर्शकों के बीच याद किए जाते हैं।

रंजीता कौर हिंदी सिनेमा की जानी-मानी अभिनेत्रियों में शामिल रही हैं। उनका जन्म 22 सितंबर 1956 को पंजाब में हुआ। उन्होंने...
19/09/2026

रंजीता कौर हिंदी सिनेमा की जानी-मानी अभिनेत्रियों में शामिल रही हैं। उनका जन्म 22 सितंबर 1956 को पंजाब में हुआ। उन्होंने वर्ष 1976 में फिल्म ‘लैला मजनू’ से अपने फिल्मी करियर की शुरुआत की, जिसमें उनके साथ ऋषि कपूर नजर आए थे। इसके बाद उन्होंने कई लोकप्रिय फिल्मों में अभिनय किया।
रंजीता कौर की प्रमुख फिल्मों में ‘अंखियों के झरोखों से’, ‘पति पत्नी और वो’, ‘तराना’, ‘सुरक्षा’, ‘सत्ते पे सत्ता’, ‘हमसे बढ़कर कौन’, ‘तरी कसम’ और ‘गुनाहों का देवता’ जैसी फिल्में शामिल हैं। विशेष रूप से अभिनेता मिथुन चक्रवर्ती के साथ उनकी जोड़ी कई फिल्मों में पसंद की गई।
रंजीता को उनके अभिनय के लिए तीन बार फिल्मफेयर पुरस्कारों में नामांकन मिला, हालांकि उन्हें पुरस्कार नहीं मिला। उन्होंने 1990 के आसपास फिल्मों से दूरी बनाई और बाद में कुछ समय टेलीविजन से भी जुड़ी रहीं। वर्ष 2005 में उन्होंने ‘अनजाने: द अननोन’ से फिल्मों में वापसी की। इसके बाद ‘जिंदगी तेरे नाम’ और ‘जाना पहचाना’ जैसी फिल्मों में भी दिखाई दीं।
उनकी बहन रुबिना निज्जर भी अभिनेत्री रही हैं। रंजीता कौर का विवाह राज मसंद से हुआ और उनके परिवार में एक पुत्र स्काई मसंद का उल्लेख मिलता है।
रंजीता कौर ने 1970 और 1980 के दशक के हिंदी सिनेमा में अपनी अलग पहचान बनाई और आज भी पुराने दौर के सिनेमा को पसंद करने वाले दर्शकों के बीच उनका नाम याद किया जाता है।

Address

Bahraich (UP)
Bahraich
271904

Website

Alerts

Be the first to know and let us send you an email when Before exam posts news and promotions. Your email address will not be used for any other purpose, and you can unsubscribe at any time.

Shortcuts

Share