27/04/2026
योग में षटकर्म कार्यशाला आयोजित, छात्र-छात्राओं को कराया गया अभ्यास
आयुष पद्धति के प्रचार-प्रसार पर जोर, विशेषज्ञों ने बताए स्वास्थ्य लाभ
तेजवापुर, संवाददाता। सोमवार को वर्ल्ड आयुष फाउंडेशन, आयुष विभाग बहराइच एवं एसकेएस आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के संयुक्त तत्वावधान में कॉलेज के सभागार में “योग में षटकर्म” विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में योग के पारंपरिक शुद्धिकरण क्रियाओं का प्रदर्शन कर छात्र-छात्राओं को व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया। कार्यशाला में आयुष विभाग के योग प्रशिक्षकों ने जल नेति, सूत्र नेति, कुंजल क्रिया, धोति, नौली, त्राटक एवं कपालभाति जैसी महत्वपूर्ण षटकर्म क्रियाओं का प्रदर्शन करते हुए उनके लाभ और विधियों की विस्तृत जानकारी दी। प्रशिक्षकों ने बताया कि ये क्रियाएं शरीर को अंदर से शुद्ध कर रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में सहायक होती हैं। कार्यक्रम का शुभारंभ कार्यवाहक क्षेत्रीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी एवं फाउंडेशन के अध्यक्ष डॉ. रंजन वर्मा, प्राचार्य डॉ. सतीश चन्द्र तिवारी, डॉ. राजेश, डॉ. निराला एवं डॉ. उपेन्द्र द्वारा दीप प्रज्वलन के साथ किया गया। अपने संबोधन में डॉ. रंजन वर्मा ने कहा कि वर्तमान सरकार आयुष पद्धति के विकास और विस्तार के लिए निरंतर प्रयासरत है, जिससे लोगों को प्राकृतिक और सुरक्षित उपचार पद्धति का लाभ मिल सके। संस्थान के चेयरमैन डॉ. सर्वेश शुक्ला ने वर्ल्ड आयुष फाउंडेशन एवं आयुष विभाग बहराइच का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रकार के आयोजनों के लिए संस्थान हमेशा तत्पर रहेगा। उन्होंने योग को जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाने पर जोर दिया।कार्यक्रम में कॉलेज के छात्र-छात्राओं द्वारा योग गीत का वाचन भी किया गया, जिसने सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। कार्यक्रम की रूपरेखा डॉ. निशा शर्मा द्वारा प्रस्तुत की गई। कार्यक्रम संयोजक उप चिकित्सा अधीक्षक डॉ. शैलेन्द्र श्रीवास्तव के नेतृत्व में आयोजन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। इस अवसर पर मैनेजर आस्था शुक्ला, प्रशासनिक प्रबंधक विनोद त्रिपाठी,डॉ. मुकेश, डॉ. पवन, डॉ. देवेश, डॉ. उमेश, डॉ. मनीष शर्मा, डॉ. निधि, डॉ. संदीप, डॉ. मनीष, डॉ. चंद्रशेखर, डॉ. शालू, डॉ. इरफान, डॉ. प्रियंका एवं संजय गौतम सहित अन्य लोगों ने सहयोग प्रदान किया। कार्यक्रम का संचालन अभिषेक विश्वकर्मा, रिया हाजरा एवं अव्या जायसवाल ने किया, जबकि अंत में प्राचार्य डॉ. सतीश चन्द्र तिवारी ने आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम के समापन पर वक्ताओं ने सभी को योग को अपने दैनिक जीवन में अपनाने का संकल्प दिलाया, ताकि स्वयं के साथ-साथ समाज को भी स्वस्थ बनाया जा सके।