15/11/2025
राजकीय इंटर कॉलेज में प्रतिभाओं का सम्मान
आज राजकीय इंटर कॉलेज सिरकोट में स्वर्गीय कमला नेहरू पुरस्कार 2025 एवं प्रतिभाशाली छात्र-छात्रा सम्मान 2025 कार्यक्रम का आयोजन किया गया. साथ ही अर्धवार्षिक परीक्षा 2025 का परीक्षाफल भी जारी किया गया.
इस कार्यक्रम में ग्राम प्रधान लश्करखेत श्रीमती सुनीता देवी ,पीटीए अध्यक्ष श्री गोपाल राम, वरिष्ठ शिक्षक श्री उमेश चंद्र पंत, श्री किशन राम श्री कैलाश जोशी,श्री डीके दोसाद एवं अन्य सभी विद्वान शिक्षकों,शिक्षिकाओं,आमंत्रित अभिभावकों, छात्र छात्राओं की गरिमामय उपस्थिति रही.
कार्यक्रम में परिषदीय परीक्षा 2025 में 75 प्रतिशत या उससे अधिक अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को उनकी माताओं के साथ स्वर्गीय कमला नेहरू पुरस्कार के रूप में एक हज़ार रुपये, ट्रॉफी, प्रशस्ति पत्र के साथ सम्मानित किया गया. प्रतिभाशाली छात्र सम्मान के तहत गृह परीक्षा 2025 में अपनी-अपनी कक्षाओं में सर्वोच्च स्थान प्राप्त करने वाले मेधावी विद्यार्थियों को पुरस्कृत पुरस्कार किया गया । खेल, सांस्कृतिक गतिविधियों और अन्य क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्रों को भी सम्मानित किया गया.
तदोपरांत
अर्धवार्षिक परीक्षा 2025 का परीक्षाफल अभिभावकों के सम्मुख प्रस्तुत किया गया. समस्त विषय अध्यापकों के साथ अभिभावकों ने अपने पाल्य की विषयवार उपलब्धियों एवं कमजोरियों पर चर्चा की ताकि उनकी शैक्षणिक प्रगति को और मजबूत किया जा सके। कार्यक्रम के दौरान प्रधानाचार्य श्री पी. एस. बिष्ट ने विद्यालय की उपलब्धियों, शैक्षणिक वातावरण और भविष्य की योजनाओं पर विस्तार से प्रकाश डाला तथा अभिभावकों से विद्यालय विकास में सक्रिय सहयोग का आह्वान किया।
इस आयोजन को सफल बनाने में विद्यालय परिवार के सभी सदस्यों का योगदान सराहनीय रहा।
आज के कार्यक्रम में पुरुष अभिभावकों की तुलना में महिला अभिभावकों की संख्या अधिक रही, जो शिक्षा के प्रति महिलाओं की बढ़ती जागरूकता का प्रतीक है।वहीं पुरुष अभिभावकों की अनुपस्थिति शिक्षा के प्रति उनकी उदासीनता को परिलक्षित करती है । शिक्षा की त्रिआयामी प्रक्रिया में विद्यार्थी, शिक्षक और अभिभावक मिलकर विद्यालय को जीवंत बनाते हैं । यह त्रिकोण जितना मजबूत होता है, बच्चे का शैक्षणिक, सामाजिक और मानसिक विकास उतना ही समग्र रूप से होता है।
विद्यालय में आयोजित बैठकों, अभिभावक-शिक्षक संवाद, गतिविधियों और प्रगति समीक्षा कार्यक्रमों में अभिभावकों की उपस्थिति अत्यंत महत्वपूर्ण है। जब माता-पिता विद्यालय से जुड़े रहते हैं, तो बच्चे में अनुशासन, आत्मविश्वास और पढ़ाई के प्रति जिम्मेदारी स्वाभाविक रूप से बढ़ती है। कई बार बच्चे अपने प्रदर्शन में कमी शिक्षक के सामने नहीं रखते, लेकिन अभिभावकों की उपस्थिति से संवाद का ऐसा पुल बनता है जहाँ समस्याएँ स्पष्ट रूप से सामने आती हैं और समाधान भी सरलता से निकल आते हैं.
अभिभावकों का सक्रिय सहयोग विद्यालयों में सकारात्मक, सहयोगी और विकासोन्मुख वातावरण को जन्म देता है। आज आवश्यकता इस बात की है कि हर अभिभावक अपने बच्चे की शिक्षा को केवल विद्यालय की जिम्मेदारी न समझें, बल्कि स्वयं भी इस यात्रा का सक्रिय भाग बनें। उनकी नियमित उपस्थिति शिक्षकों का मनोबल बढ़ाती है और विद्यालय को यह एहसास कराती है कि बच्चे के भविष्य को लेकर वे संवेदनशील हैं ।
आज, जब प्रतिस्पर्धा बढ़ रही है और बच्चों पर विभिन्न प्रकार का दबाव पड़ रहा है, तब अभिभावकों की जागरूक भागीदारी बच्चों के लिए संबल का कार्य करती है। यह न केवल शैक्षणिक उन्नति सुनिश्चित करती है, बल्कि मूल्यों, संस्कारों और आत्म-विश्वास से भरा एक सुरक्षित वातावरण भी प्रदान करती है।
फ़िलहाल कार्यक्रम को सफल बनाने में समस्त विद्यालय स्टाफ का साधुवाद.
प्रधानाचार्य
रा इ का सिरकोट