23/12/2025
जन्म: उनका जन्म 7 जून 1998 को कोलकाता के एक धार्मिक परिवार में हुआ था।
पूरा नाम: उनका पूरा नाम शमाइल अहमद अब्दुल्लाह है। उनके पिता, मौलाना अबू सईद, स्वयं कोलकाता के एक प्रतिष्ठित विद्वान और लेखक हैं।
शिक्षा:
उन्होंने कोलकाता में बुनियादी इस्लामी शिक्षा और कुरान का ज्ञान प्राप्त किया।
2014 में उन्होंने लखनऊ के प्रतिष्ठित दारुल उलूम नदवातुल उलमा में दाखिला लिया, जहाँ से उन्होंने 6 साल की पढ़ाई के बाद मुफ्ती की डिग्री और ग्रेजुएशन पूरा किया।
वर्तमान में, वे मलेशिया से इस्लामिक शिक्षा में पीएचडी (PhD) कर रहे हैं।
21/12/2025
Meaning of Contingency ?
"Contingency" एक संज्ञा है. इसका अर्थ है एक ऐसी भविष्य की घटना या परिस्थिति जो संभव है लेकिन जिसका निश्चित रूप से पूर्वानुमान नहीं लगाया जा सकता.
13/12/2025
आजमगढ़। जनपद में कानून व्यवस्था को और अधिक मजबूत करने के उद्देश्य से एसएसपी डॉ. अनिल कुमार ने बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया है। इस क्रम में कुल 32 उपनिरीक्षक एवं महिला उपनिरीक्षक का तबादला करते हुए उन्हें नई तैनाती दी गई है। यह कार्रवाई जिले के विभिन्न थानों और पुलिस चौकियों में प्रभावी पुलिसिंग सुनिश्चित करने के लिए की गई है।
एसएसपी डॉ. अनिल कुमार द्वारा जारी तबादला आदेश में किसी भी निरीक्षक का स्थानांतरण नहीं किया गया है, जबकि सभी तबादले उपनिरीक्षक स्तर के हैं। तबादले के तहत अधिकारियों को एक थाने या चौकी से हटाकर दूसरे थाने अथवा पुलिस चौकी की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
09/12/2025
15 दिन की दवा 💊 लिख रहे हैं, अगर आराम रहेगा तो पर्चा भेज के दवा मांगा लीजिएगा और अगर आराम ना रहे तो 15 दिन में आकर पर्चा दिखा के X-Ray करा के दिखा लेना !
50₹ मात्र फ़ीस और ₹100 तक की दवा 💊 और मरीज़ को आराम, आज़मगढ़ की अवाम के लिए सेवा का भाव रखने वाले डॉक्टर जावेद अख़्तर साहब हड्डी 🍖 रोग विशेषज्ञ !
इलाज के नाम पर जहाँ हर तरफ़ लूट मची हो ऐसे में डॉक्टर 👨⚕️ साहब के बारे में आप क्या कहेंगे ? कमेंट में ज़रूर बताइए ! Janta News
24/09/2025
#आजमगढ़ : बिना वर्दी के वर्दी वाला काम: जब स्कूल की छात्राएं बनीं थानाध्यक्ष, जनसुनवाई से लेकर एक्शन तक सब संभाला >>
24/09/2025
पत्ता पत्ता बूटा बूटा हाल हमारा जाने है. बदला तो वहां लिया जाता है जहां किसी के साथ बुरा किया गया हो. मैंने तो अपने दुश्मनों के साथ भी अच्छा सुलूक किया. पूरी सरकार में कोई यह कह ही नहीं सकता कि मेरी क़लम से किसी के साथ नाइंसाफी हुई है
आज़म खान (पूर्व मंत्री, यूपी सरकार)
24/09/2025
#पूर्व मंत्री व सपा प्रदेश महासचिव #बलराम यादव ने #ऐतिहासिक #रामलीला का किया भव्य शुभारंभ Janta News
(अतरौलिया) आजमगढ़ । स्थानीय क्षेत्र के छितौनी गांव में 41 वर्षों से निरंतर आयोजित हो रही ऐतिहासिक रामलीला का भव्य शुभारंभ मंगलवार को हुआ। पूर्व मंत्री एवं सपा प्रदेश महासचिव बलराम यादव, ब्लॉक प्रमुख चंद्रशेखर यादव और नगर अध्यक्ष सुभाष चंद्र जायसवाल ने संयुक्त रूप से फीता काटकर रामलीला का उद्घाटन किया। 1985 से लगातार हो रही इस रामलीला की विशेषता यह है कि इसके सभी पात्र गांव के ही स्थानीय कलाकार होते हैं। बीते चार दशकों में एक भी वर्ष ऐसा नहीं रहा जब यह परंपरा टूटी हो। इस बार भी आयोजन को लेकर व्यापक तैयारियां की गई थीं। शुभारंभ अवसर पर नारद मोह और रावण जन्म प्रसंग का मंचन हुआ, जबकि आगामी दिनों में विभिन्न प्रसंगों का मंचन जारी रहेगा। 2 अक्टूबर को भरत मिलाप एवं रावण दहन के साथ रामलीला का समापन होगा। इस दिन भव्य मेले का भी आयोजन किया जाएगा। उद्घाटन अवसर पर बलराम यादव ने कहा कि छितौनी की रामलीला आपसी भाईचारे और सांप्रदायिक एकता की मिसाल है, जिसमें हिंदू-मुस्लिम दोनों समुदाय मिलकर हिस्सा लेते हैं। वहीं ब्लॉक प्रमुख चंद्रशेखर यादव ने कहा कि ऐसे आयोजनों से समाज में एकता और आपसी सहयोग की भावना प्रबल होती है।यह रामलीला पूरे क्षेत्र के लिए गौरव का विषय है और प्रतिवर्ष हजारों की संख्या में लोग इसे देखने दूर-दराज से पहुंचते हैं। प्रधान प्रतिनिधि नरसिंह ने आए हुए लोगों का आभार व्यक्त किया।
24/09/2025
आजमगढ़_जनपद_के_सगड़ी_विधानसभा_क्षेत्र_के रामनगर गांव में पांच हिंदू भाइयों राकेश सिंह, अखिलेश सिंह, सुधाकर सिंह, दिनेश सिंह और ओंकार सिंह ने मुस्लिम समुदाय के लिए लगभग 30 लाख रुपये मूल्य की जमीन दान की है इस नेक कदम से हाजीपुर गांव के मुस्लिम समुदाय को अब शवों को दफनाने के लिए स्थायी जमीन मिल गई है हाजीपुर निवासी मुनव्वर अहमद ने बताया कि पहले उन्हें हर बार रसूलपुर गांव के कब्रिस्तान में शव दफनाने के लिए अनुमति लेनी पड़ती थी, लेकिन अब यह समस्या खत्म हो गई है रामनगर निवासी राकेश सिंह और उनकी पत्नी मालती सिंह, जो अपना दल (एस) से जुड़े हैं और स्थानीय राजनीति में सक्रिय हैं, उन्होंने इस दान को पूरी तरह से इंसानियत और भाईचारे का कदम बताया कुछ लोगों ने इसे राजनीतिक रंग देने की कोशिश की, लेकिन राकेश सिंह ने स्पष्ट किया कि यह फैसला केवल सामाजिक सद्भाव और सहअस्तित्व को बढ़ावा देने के लिए लिया गया है मुस्लिम समुदाय ने इस कदम की जमकर सराहना की और इसे धर्म से ऊपर उठकर समाज में एकता की मिसाल बताया। यह घटना दर्शाती है कि जब लोग एक-दूसरे का साथ देते हैं, तो हर मुश्किल आसान हो सकती है
24/09/2025
जिला आजमगढ़ रौनापार में मगरमच्छ टहलते हुए मिलेगाव के लोगों ने वन विभाग वाले को बुलाया पकड़ के अपने साथ ले गए