विवेकानन्द विनय

विवेकानन्द विनय

Share

आपका हमारे YouTube चैनल से भी जुड़े 👇 youtube.com/@vivekanandvinay
🕉️ जय श्रीराम 🙏🏻 🌏।। जय हिंदुराष्ट्र भारत ।।🚩 शिक्षा

12/11/2025

धुंध में लिपटा वह वृक्ष,
जैसे कोई बूढ़ा साधु,
धीरे से कह रहा हो —
"रुक जा ज़रा, मनुष्य,
मैंने भी देखा है समय को गुजरते हुए।"

उसकी शाखाएँ काँपती हैं,
जैसे याद कर रही हों बीते मौसम,
और वह मनुष्य —
बस सुन रहा है,
प्रकृति की एक पुरानी कहानी।

अनेकों तूफानों, ऋतुओं से गुजरा हुआ प्राचीन वृक्ष बोला —
"क्यों भागता है रे मनुष्य?
तू भी तो मुझ-सा ही बीजे से जन्मा,
और एक दिन मिट्टी में लौट जाएगा।"

मनुष्य ठिठक गया, उसकी आँखों में नमी थी।
वृक्ष ने धीमे से कहा —
"मैंने अनगिनत ऋतुएँ देखी हैं,
पत्तों को जन्म लेते, झरते, सड़ते देखा है।
जीवन बस इतनी ही कहानी है —
उगना, खिलना, और फिर लौट जाना।"

मनुष्य ने थरथराते स्वर में पूछा —
"तो क्या सब अंत है?"

वृक्ष मुस्कराया धुंध के पार —
"नहीं, अंत नहीं… परिवर्तन है।
मुझसे गिरा हर पत्ता,
तेरे श्वास में कहीं जीवित है।
और जब तू मिट्टी बनेगा,
मैं फिर तेरे भीतर अंकुरित होऊँगा।"

उस पल, धुंध में दोनों मौन खड़े थे —
मानो जीवन और मृत्यु एक-दूसरे को प्रणाम कर रहे हों।

@ विवेकानंद विनय ✍️

24/10/2025

जीवन के कष्ट, पीड़ा, विपत्ति और संकट के दिनों को शांत, मौन और गहरी मुस्कान के साथ काटिए। आपके शुभकर्म रहे होंगे तो जीवन में पुनः शुभदिन आयेंगे। जीवन में स्वास्थ्य, धन, वैभव और कीर्ति मिलेगी पर कष्ट के दिन आपको निर्मित करके जायेगें, पहचान कराकर जायेगें, शिक्षा देकर जायेगें। एक एक पैसे का मूल्य बताकर जायेगें। एक एक खाने के टुकड़े का महत्व बताएंगे, स्वस्थ शरीर की एक एक स्वांस की अनमोलता से परिचय कराएगें।

शरीर का धारण करना और छोड़ना जगत का नियम है, अटल है पर जब हम जीवन की ऊंचाइयों को चढ़ते चले जाते हैं, आनंद से जीवन जीते चले जाते हैं तब जीवन और शरीर की क्षणभंगुरता को भूल बैठते हैं। मानवता का इतिहास बताता है कि इस धरती पर लाखों बार बड़े-बड़े "साम्राज्य और कुल" बनते रहे और मिटते रहे हैं। आपका जो कुछ भी है, वो इस धरा पर ही छूट जाना है ऐसा चिंतन सामान्यतः सुख में नहीं आता। सुख में हम जीवन के परम सत्य मृत्यु को भूलने का अवचेतनीय दुःसाहस करते ही हैं इसलिए कष्ट आएं तो जीवन पर चिंतन करने का प्रयास करना चाहिए, जीवन को और अधिक सरल, सहज, व्यवस्थित, निष्पक्ष, सार्थक बनाने का प्रयास करना चाहिए व्यर्थ बातें, वस्तु, दायित्व, व्यक्ति और व्यवहार को जीवन से हटाकर मुक्ति का मार्ग खोजना चाहिए।

शेष सब प्रभु की बनाई सृष्टि और उनकी व्यवस्था के ही अधीन हैं, हम चाहकर भी उस अनंत सृजक की महिमा नहीं जान सकते। बस एक ही बात निश्चित लगती है और वो है कि हमें, हमारे कर्मों का फल अवश्य भोगना होगा उससे बचने का मार्ग ईश्वर ने किसी को नहीं दिया है। जीवन की बची हुई श्वांसो का एक ही सदुपयोग हो सकता है और वो है अपने "शुभकर्मों" को बढ़ाना, "पुण्यपथ" की ओर खुद को मोड़ना।
हरि अनन्त, हरि कथा अनंता 🙏
विवेकानन्द विनय ✍️

17/10/2025

1930 से लेकर 1947 में पाकिस्तान बनने तक मुस्लिम लीग हर दिन दंगा, हिंसा और हिन्दुओं को मारने की धमकी देती थी लगभग वैसी ही भाषा पूरा इंडी गठबंधन गैंग आज बोलता है।

ममता कहती है की बंगाल में SIR हुआ तो लोग सड़को पर आयेंगे, दंगे हो जायेगें।

कश्मीर, पंजाब से लेकर बंगाल, केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु आदि क्षेत्रों में इंडी गठबंधन हर दिन दंगा की धमकी देता है और यहां असंविधान का कानून शरिया कानूनों के आगे नतमस्तक हो रहा है।

भारत में इन्हीं धमकियों के कारण कहीं न कहीं NRC, UCC, Uniform Education System, Uniform Vehicle System आदि जैसी सैकड़ों राष्ट्रनिर्माण जैसी व्यवस्थाएं भारत में लागू नहीं हो पा रही हैं।
विवेकानन्द विनय ✍️

13/10/2025

बात बड़ी सीधी है,
जिसे हिंदु समझना नहीं चाहते क्योंकि चार पीढ़ियों से उनका पाठ्यक्रम और सरकारी प्रचार सत्य को छुपाता रहा है।

असल में 1947 में क्रांतिकारियों के दबाव में अंग्रेज जाते समय अपनी सत्ता को अंग्रेजों द्वारा बनाई गई एक संस्था "कांग्रेस" को देकर चले गए पर धूर्त और अंग्रेजों के एजेंट कांग्रेसियों ने इस घटना को अर्थात् इस सत्ता हस्तांतरण को भारत की आजादी घोषित कर दिया। इधर अंग्रेजों द्वारा भारत पर शासन करने के लिए बनाए गए कानून अर्थात् भारत के लोगों के शोषण को बनाए गए कानून जिसे गवर्नमेंट ऑफ इंडिया एक्ट कहते हैं को ही भारत का संविधान बता दिया, जिसमें कुछ और कानूनों को जोड़ा तोड़ा गया लेकिन मूल उद्देश्य यही रहा कि हिंदुओं को गुलाम बनाकर रखना है, और भारत को इसी स्टेट बनाने के साथ कई टुकड़ों में तोड़ना है। हिंदुओं की भूमि पर और करोड़ों हिंदुओं की लाश पर कांग्रेस, गांधी और मुसलमानों ने पाकिस्तान बनाया लेकिन 1947 के बाद इन सारी घटनाओं को कांग्रेस की सरकारों ने भारतीय मानस पटेल से अपने दुष्प्रचार के माध्यम से हटाने में सफल रही या यह कहें कि हिंदुओं को भ्रमित करने में कांग्रेस सफल रही। निष्कर्ष यही है की 1947 में किसी तरह की कोई आजादी नहीं आई बल्कि अंग्रेजों से सत्ता हस्तांतरित होकर अंग्रेजों की ही बनाई संस्था कांग्रेस के हाथों में गई और जिस तरह गांधी भारत का राष्ट्रपिता है, उसीतरह अंबेडकर
"इंडियन कांस्टीट्यूशन" का निर्माता है।
विवेकानन्द विनय ✍️

09/10/2025

पिछले 8 वर्षों में योगीराज ने उत्तर प्रदेश में माफियाओं, गुंडों, आतंकियों को जिस तरह मारा, भगाया, बिल्डोज किया है उसी का परिणाम है कि उत्तर प्रदेश में जो नगर, क्षेत्र हमेशा लूटपाट, हत्या, बलात्कार, कब्जा, दंगों का केंद्र बने रहते थे वहां गहरी शांति है। ये बात मैं बड़े तथ्यों और प्रमाणों से कह सकता हूं कि कांग्रेस, सपा, बसपा ने हर ब्लॉक, तहसील, जिले के स्तर पर जो माफिया, आतंकियों का पालन पोषण कर बड़ा किया था यदि उनका अंत योगीराज में न होता तो आज उत्तर प्रदेश के हालात पाकिस्तान, अफगानिस्तान, सीरिया, सोमालिया जैसे ही होते।

सपा, बसपा, कांग्रेस और मियां गैंग्स ने मिलकर असल उत्तर प्रदेश को कई हिस्सों में बांट लिया था और समानांतर सरकार चलाते थे। हर शहर में ये आतंकी माफिया किसी के मकान, दुकान, होटल पर कब्जा करते थे, हत्याएं सामान्य बात थी और सपा का मुख्यमंत्री भी माफिया आतंकियों हत्यारों लुटेरों से और उनके कुत्तों से हाथ मिलाने को विवश होता था।
ये योगीराज का चमत्कार है कि उत्तर प्रदेश ने बड़ी आर्थिक प्रगति के साथ शिक्षा, स्वास्थ्य, उद्योग, पर्यटन, सुरक्षा, सड़क आदि में महान उन्नति की है। उत्तर प्रदेश पहला ऐसा राज्य बना है जहां हर जिले पर एक बड़ा भव्य राजकीय मेडिकल कॉलेज है जहां चिकित्सा सुविधाएं निरंतर उन्नत हो रही हैं।

और सबसे महत्वपूर्ण सरकारी भूमियों से माफियाओं, आतंकियों से कब्जा मुक्त कराया जा रहा है, बुल्डोजर हर दिन चलता है।
जय योगीराज
जय श्रीराम 🙏
विवेकानन्द विनय ✍️

Photos from विवेकानन्द विनय's post 08/10/2025

हमें दूसरी जगह पहुंचना है इसलिए अपनी पुस्तकों को संभालना कठिन हो रहा है। IIT, IIM, IAS ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट, मोटिवेशनल कोच जिन English Books को पढ़ते-पढ़ाते हैं, उनमें से कुछ चुनी हुए पुस्तकों का ये कलेक्शन है। हम इन्हें 50% डिस्काउंट पर दे रहे हैं।
घर में बच्चों, तरूणों, युवाओं , विद्यार्थी, अध्यापक, गृहणी सबके काम की पुस्तकें हैं। घर, स्कूल, कोचिंग, लाइब्रेरी के लिए बहुत उत्तम कलेक्शन है। सभी पुस्तकें सुपर कंडीशन में हैं। कानपुर में आप ले सकते हैं या कोरियर से आप अपने घर मंगा सकते हैं।
संपर्क सूत्र : 8279318028

07/10/2025

कबतक हिंदुओं को हल्के में लिया जायेग? और ऐसा ही चलता रहा तो गुस्सा तो भरेगा ही और फिर निकलेगा भी । आज अपने ही देश मे दबे हुए हिंदुओं के बीच से एक आवाज आई है। सब हिन्दू कहीं न कहीं अपनी आवाज समझ रहे।

06/10/2025

चूरण चटाया गया कि भारत में अब लोकतंत्र है,
अब भारत में
"रानी के पेट से राजा पैदा नहीं होगा"
पर प्रधानमंत्री के पेट से प्रधानमंत्री पैदा हुआ, 🤔
मुख्यमंत्री के पेट से मुख्यमंत्री पैदा हुए, 🤔
सासंद के पेट से सांसद पैदा होते हैं, 🤔
जज के पेट से जज पैदा हो सकते हैं 🤣😂😅
तथाकथित लोकतांत्रिक भारत में राजनैतिक पार्टियां पारिवारिक सम्पत्ति बन गईं हैं, ये कैसा लोकतंत्र हुआ 😅

जजों की तो अपनी ही सत्ता है। कॉलेजियम है, जिसे चाहें उसे जज बनाते रहते हैं। चाहें जो फैसला दें, कितनी भी छुट्टी लें, संसद के पारिद कानूनों को रद्द कर दें पर फिर भी कहते हैं कि भारत में लोकतंत्र हैं। 😂😅

काहे का लोकतंत्र है जहां तथाकथित सवर्ण जातियां सब सीटों पर चुनाव नहीं लड़ सकती। भारत में कुछ सीटें कुछ जातियों के लिए रिजर्व की जाती हैं जैसे कि मेरी विधानसभा की सीट पिछले 53 सालों से एससी एसटी के लिए रिजर्व है वहां कोई तथागत सवर्ण चुनाव ही नहीं लड़ सकता, इस व्यवस्था को लोकतंत्र कैसे कहूं 🤔 यहां लोकतंत्र, संविधान , सेकुलर के नाम पर खुला फर्जीवाड़ा है।
वस्तुतः हिंदुओं को विभाजित कर सत्ता आज भी विभिन्न संस्थाओं जैसे न्यायपालिका, ब्यूरोक्रेसी आदि के माध्यम से अब्राहमिकों के हाथों में ही और हिंदु विशेषकर तथाकथित सवर्ण केवल गुलाम मात्र है।
विवेकानन्द विनय ✍️

04/10/2025

M.Phil करने के बाद B.Ed करके आएं अध्यापक महोदय ! अपनी कक्षा में पढ़ाते हैं कि भारत "धर्मनिरपेक्ष" है।

कल टीचर्स मीटिंग कुछ राजनीति पर विषय आया तो तपाक से बोले कि भारत "धर्मनिरपेक्ष" है 😂😅🤣 मैंने बोला कि आपने ऐसा किस जगह पर पढ़ा है कि भारत धर्मनिरपेक्ष है।

बोले कि हमने हर जगह पढ़ा है 😂😅

मैंने कहा कि भारत के कॉन्स्टिट्यूशन की Preamble से लेकर पूरे Constituion में कहीं पर भी "धर्म निरपेक्ष" शब्द ही नहीं लिखा है। ये तो कांग्रेस, अरबी और कम्युनिस्ट गैंग ने हिंदुओं को मूर्ख बनाने के लिए धर्मनिरपेक्ष, धर्मनिरपेक्ष चिल्लाना शुरु कर दिया।

भारत सरकार का कॉन्स्टिट्यूशन ( जिसे मैं असंविधान कहता हूं) ना तो धर्मनिरपेक्ष है, ना सेकुलर है, और ना ही तो समानता का अधिकार देता है। भारत में कभी भी कॉन्स्टिट्यूशन को लागू करने या न करने को लेकर भारत में जनमत संग्रह नहीं हुआ है। वस्तुतः भारत और हिंदुओं के ऊपर भारत का अनैतिक विभाजन, फर्जी लोकतंत्र, कॉन्स्टिट्यूशन (असंविधान) ये सब थोपे गए हैं।

असल में ! उन अध्यापक की कोई गलती नहीं है। 32 साल इंस्टीट्यूशनल स्टडी करने के बाद उनकी जो धारणाएं बनी हैं वे अवधारणाएं उनकी पाठ्यक्रम की सामग्री के आधार पर बनी हैं। भारत में शैक्षणिक पाठ्यक्रम ही अत्यंत दूषित, तथ्यहीन और फर्जी थ्योरी से भरा हुआ है। चाहें Arya Invasion Theory हो, रिवॉल्यूशन थ्योरी हो, लैंग्वेज थिअरीज हों , एंथ्रोपोलॉजी थिअरीज हो या स्वास्थ्य, राष्ट्र, संविधान, सभ्यता आदि के विषय में दिए गए सिद्धांत हों वे सब नितांत रूप से फर्जी, तथ्यहीन और अब्राह्मिक माइंडसेट के आधार पर बनाए गए हैं। उन्हीं फर्जी थ्योरी से आया है कि भारत धर्मनिरपेक्ष, लोकतांत्रिक, समानता के अधिकार देने वाला देश है।

असल में भारत के संविधान में कहीं भी लोकतांत्रिक शब्द का प्रयोग ही नहीं है। मूल संविधान अंग्रेजी में लिखा गया जिसके हिंदी रूपांतरण में भी किसी ने धर्मनिरपेक्ष शब्द का प्रयोग नहीं किया है बल्कि पंथनिरपेक्ष शब्द का प्रयोग किया है। यदि हम कॉन्स्टिट्यूशन की दृष्टि से देखें तो भारत "अर्धइस्लामी राष्ट्र" है, जिसमें हिंदु गुलाम की तरह हैं। कॉन्स्टिट्यूशन खुद भारत के नागरिकों को समानता का अधिकार नहीं देता है।कॉन्स्टिट्यूशन में कुछ मजहबों, कुछ जातियों को विशेषाधिकार हैं और हिंदुओं के कॉन्स्टिट्यूशनल शोषण का विधान है। हिंदुओं के कॉन्स्टिट्यूशनल शोषण पर विस्तार से लिखना होगा।
विवेकानन्द विनय ✍️

03/10/2025

पाकिस्तान, अफगानिस्तान, सीरिया सहित करीब 50 देश ऐसे हैं जहां कोई अध्यापक, विद्यार्थी, प्रोफेसर ये कह दे कि "पृथ्वी गोल" है तो उसके बाद उसके जिंदा रहने की प्रत्याशा लगभग शून्य है। उसे खत्म कर दिया जाएगा।
नाइजीरिया आदि देशों में ज्योग्राफी के हजारों अध्यापकों को इसी कारण मार डाला क्योंकि वे "पृथ्वी गोल" पढ़ाते थे। हजारों स्कूलों को बम से उड़ा दिया।
भारत में जबतक "हिंदु" बहुसंख्यक है, तब तक ही कह सकते हो कि पृथ्वी गोल है।😅😂🤣 इसलिए मैं बच्चों अपनी कक्षा में अभी से स्पष्ट बता देता हूं कि किसी झगड़े में नहीं पड़ना है असल में पृथ्वी "चपटी" है और सूर्य पृथ्वी का चक्कर लगाती है इसपर विश्वास ना हो तो जाकर अब्राहमिक किताबें पढ़ लो या मौलवी-पादरी की तकरीरें सुन लो।😂😅🤣 गैलीलियो बेचारा यही समझाने के चक्कर में पादरियों ने मार डाला। असल में पूरी अब्राहमिक गैंग ही अमानवीय, अवैज्ञानिक और पाखंडी है।
विवेकानन्द विनय ✍️

02/10/2025

लद्दाख के बौद्ध 100% भाजपा के गीत गा रहे होते यदि जम्मू कश्मीर राज्य से लद्दाख को अलग करके, केंद्र शासित प्रदेश ना बनाया जाता। असल में सम्मिलित जम्मू कश्मीर राज्य का अधिकतर "कोष" कश्मीर खाता रहा है, कश्मीर पर लुटाया जाता रहा है जिसकी टीस लद्दाख और जम्मू में हमेशा से रही है। पर लद्दाख को अलग केंद्र शासित प्रदेश बनाने के बाद लद्दाख के बौद्धों का मुसलमान के प्रति, कश्मीर के प्रति द्वेष की भावना खत्म हो गई, झगड़े का कारण खत्म हो गया इसलिए अब वे हिंदुत्व की विचारधारा से लड़ने के नाम पर भाजपा के शत्रु बन गए हैं। जिनमें से कई तो "भारत" से अलग होकर लद्दाख को अलग देश बनाने की दुःसाहस भरी बातें कर रहे हैं।

असल में राष्ट्र बनता है एक संस्कृति, एक सभ्यता, एक कॉमन मान्यता के आधार पर। भारत का अस्तित्व है "सनातन वैदिक हिंदू धर्म" और "हिंदू सभ्यता"। भारत के जिस कोने में भी हिंदू अल्पसंख्यक हो गया है, उस क्षेत्र को अलग देश बनाने की मांग उठने लगी है। आप गैर हिंदुओं को कितना भी दीजिए पर उन्हें संतुष्ट नहीं कर सकते हैं क्योंकि उनके बीच से राष्ट्र को बनाने वाला मूल तत्व, मूल दर्शन खत्म हो चुका है। उनसे "भारत राष्ट्र" के प्रति गरिमापूर्ण, सम्मानयुक्त निष्ठा की आशा नहीं कर सकते हो। असल में लद्दाख, कश्मीर, पंजाब, मणिपुर, नागालैंड, मिजोरम आदि जहां हिंदू अल्पसंख्यक है वहां के तथाकथित आंदोलनकारी अपनी किसी मांग के लिए, किसी विकास के लिए नहीं लड़ रहे हैं। वे हिंदू सभ्यता और भारत से लड़ रहे हैं, अलग देश बनाने के लिए लड़ रहे हैं।
विडंबना यह है कि अधिकतर हिंदू नेता और हिंदू इस कटु सत्य को स्वीकार नहीं करना चाहते, एवम् सरकार इस विषैले सत्य पर मूकदर्शक बनी बैठी है। सरकार को लगता है कि वे विकास के बल पर विष को अमृत में बदल देंगे।
विवेकानन्द विनय ✍️

Want your school to be the top-listed School/college in Ayodhya?

Click here to claim your Sponsored Listing.

Location

Telephone

Website

Address


Ram Mandir
Ayodhya
224123