01/07/2024
आज हम ऐसे ही एक अन्य धार्मिक स्थल की बात कर रहे हैं जो पवन पुत्र हनुमान जी को समर्पित है। यह स्थल पर्यटन नगरी कसौली का प्रसिद्ध मंकी प्वाइंट है। यहां देश विदेश के पर्यटक वर्ष भर आते हैं। यह स्थल भारतीय वायु सेना स्टेशन के तहत आता है इसलिए यहां सुरक्षा का भी पूरा ख्याल रखा जाता है। रामायणकाल से ही जुड़ा है और इसलिए इसका धार्मिक महत्व श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र बना हुआ है। ऐसा माना जाता है कि जब लंका में राम और रावण युद्ध के दौरान मेघनाद के शक्ति बाण से लक्ष्मण मूर्छित हो गए थे तो हनुमान जी को संजीवनी बूटी लाने के लिए हिमालय भेजा था। संजीवनी बूटी के बजाए हनुमान जी पूरा हिमालय पर्वत ही उठा लाए थे। हिमालय पर्वत लाते समय उनका दायां पांव कसौली की इस ऊंची पहाड़ी पर टिका था, जिस कारण इस भूखंड की आकृति विशाल दायें पांव की तरह है। यहां पर पहाड़ी पर बने मंदिर में खुद को कुदरत की गोद में बैठा हुआ महसूस किया जा सकता है। मंदिर की पहाड़ी में वानरों की टोलियां यहां अठखेलियां करती रहती हैं और कई बार लोगों से प्रसाद भी छीन लेते है।
01/07/2024
कसौली में घूमने के लिए सबसे महत्वपूर्ण स्थानों जैसे मंकी प्वाइंट, सनसेट प्वाइंट, सनराइज प्वाइंट, मॉल रोड, क्राइस्ट चर्च, गिल्बर्ट ट्रेल, बाबा बालक नाथ मंदिर, इन सब जगहों पे जा के मन शांत हो गया।
15/06/2024
सीमा क्षेत्र में हरियाणा के आखिरी और हिमाचल के पहले द्वार स्थित सिद्ध शक्तिपीठ काली माता मंदिर में सोमवार से नवरात्र मेला शुरू होगा। इसके लिए मंदिर को आकर्षक ढंग से सजाया गया है और सुरक्षा व्यवस्था भी दुरुस्त कर दी गई है।
पौराणिक कथाओं के अनुसार, काली माता मंदिर के नाम पर ही शहर का नाम कालका पड़ा था। मान्यता है कि यहां मांगी गई हर मुराद पूरी होती है।
16/04/2024
जगत का कल्याण करने के लिए और रावण का वध करने के लिए भगवान ने राम का अवतार लिया। राम नवमी का पर्व बुराई पर अच्छाई की जाती को भी दर्शाता है। राम ने हमेशा धर्म का साथ दिया। भगवान राम राजा दशरथ और रानी कौशल्या के ज्येष्ठ पुत्र के रूप में जन्म लिया था।
14/04/2024
जलियाँवाला बाग अमृतसर के स्वर्ण मन्दिर के पास का एक छोटा सा बगीचा है जहाँ 13 अप्रैल 1919 को ब्रिगेडियर जनरल रेजिनाल्ड एडवर्ड डायर के नेतृत्व में अंग्रेज़ी फौज ने गोलियां चला के निहत्थे, शान्त बूढ़ों, महिलाओं और बच्चों सहित सैकड़ों लोगों को मार डाला था और हजारों लोगों को घायल कर दिया था।
साल 1919 में रौलेट एक्ट लाया गया तो इसका जोरदार विरोध किया गया. इसी कानून के विरोध में बैसाखी के दिन अमृतसर में सभा का आयोजन किया गया था. जगह चुनी गई थी जलियांवाला बाग. शांतिपूर्वक सभा में मौजूद हजारों लोगों पर अंग्रेज अफसर जनरल डायर ने बिना किसी पूर्व चेतावनी के अंधाधुंध गोलियां बरसवा दीं.
14/04/2024
सिख साम्राज्य की स्थापना के बाद महाराजा रणजीत सिंह ने 1809 में इसे संगमरमर और तांबे से फिर से बनवाया और 1830 में गर्भगृह को सोने की पत्ती से मढ़ा। इससे इसका नाम स्वर्ण मंदिर पड़ा। स्वर्ण मंदिर आध्यात्मिक रूप से सिख धर्म का सबसे महत्वपूर्ण मंदिर है।
स्वर्ण मंदिर जीवन के सभी क्षेत्रों और आस्थाओं के सभी लोगों के लिए पूजा का एक खुला घर है। [3] इसमें चार प्रवेश द्वारों के साथ एक चौकोर योजना है, और पूल के चारों ओर एक परिक्रमा पथ है। गुरुद्वारे के चार प्रवेश द्वार समानता में सिख विश्वास और सिख दृष्टिकोण का प्रतीक हैं कि सभी लोगों का उनके पवित्र स्थान में स्वागत है। [14] यह परिसर गर्भगृह और कुंड के आसपास की इमारतों का एक संग्रह है। [3] इनमें से एक है अकाल तख्त , जो सिख धर्म की धार्मिक सत्ता का प्रमुख केंद्र है । [5] अतिरिक्त इमारतों में एक घंटाघर, गुरुद्वारा समिति के कार्यालय, एक संग्रहालय और एक लंगर शामिल है - एक मुफ्त सिख समुदाय द्वारा संचालित रसोई जो बिना किसी भेदभाव के सभी आगंतुकों को शाकाहारी भोजन प्रदान करती है। [5] प्रतिदिन 150,000 से अधिक लोग पूजा के लिए पवित्र मंदिर में आते हैं। [15] गुरुद्वारा परिसर को यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल के रूप में नामित किया गया है , और इसका आवेदन यूनेस्को की अस्थायी सूची में लंबित है ।
24/03/2024
जटोली शिव मंदिर भारत देश के हिमाचल प्रदेश राज्य के सोलन जिले में स्थित है, जिसकी स्थापना श्री श्री 1008 स्वामी कृष्णानंद परमहंस महाराज ने की थी।
जटोली शिव मंदिर अपने चमत्कारों के लिए प्रसिद्ध इस मंदिर के बारे में बताया जाता है कि मंदिर में लगे पत्थरों को थपथपाने से डमरू की आवाज आती है। एशिया का सबसे ऊंचा शिव मंदिर, पत्थरों से आती है डमरू की आवाज!
13/03/2024
सेफ्टी वीक के सेलिब्रेशन की स्पीच कंपटीशन में मैं प्रथम स्थान प्राप्त किया