Viru Kumar

Viru Kumar

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Managing Director at Narayana Classes,Narayana Mission School,Narayana Child Hospital... Aurangabad,Bihar

Photos from Viru Kumar's post 04/03/2026

Celebrating colors, smiles, and togetherness at Home
Happy Holi to our Family nd Friends...

24/12/2025

"Wishing you a Merry Christmas filled with joy, peace, and love.
May the New Year bring new hopes, success, and happiness!” 🎄✨

Photos from Viru Kumar's post 15/12/2025

अखबारों के आईने में...

Photos from Viru Kumar's post 15/12/2025

💐नारायणा मिशन स्कूल में आयोजित साइंस एवं सोशल साइंस एग्जीबिशन आज सफलता के साथ संपन्न हुआ। इस अवसर पर हमारे होनहार विद्यार्थियों ने 145 से अधिक मॉडलों के माध्यम से अपनी रचनात्मक सोच, वैज्ञानिक दृष्टिकोण और सामाजिक समझ का शानदार प्रदर्शन किया।

कार्यक्रम का उद्घाटन ट्रैफिक डीएसपी श्री मनोज कुमार, निर्मला आईवीएफ सेंटर के निदेशक डॉ. रविंद्र कुमार, नारायणा चाइल्ड हॉस्पिटल के डॉ. बी. किशोर, नारायणा मिशन स्कूल के निदेशक श्री सतीश रंजन एवं प्राचार्य श्री ए.के.सिन्हा के कर-कमलों द्वारा दीप प्रज्वलन के साथ किया गया।

हर मॉडल यह संदेश दे रहा था कि हमारे बच्चे केवल पढ़ नहीं रहे, बल्कि सोच रहे हैं, समझ रहे हैं और भविष्य गढ़ रहे हैं।
हम सभी विद्यार्थियों की मेहनत, लगन और आत्मविश्वास पर गर्व करते हैं।
आप सभी ऐसे ही सीखते रहें, प्रश्न पूछते रहें और सपनों को विज्ञान के पंख लगाते रहें। 🚀

👏 हमारे नन्हे वैज्ञानिकों को हार्दिक शुभकामनाएँ! 👏

Photos from Viru Kumar's post 06/09/2025

Teachers’ Day was celebrated with great enthusiasm and joy at Narayana Mission School.
All teachers, along with our Director Sir, Principal sir, paid floral tribute to Dr. Sarvepalli Radhakrishnan and highlighted the significance of this special day.
Students welcomed their teachers with tilak and flowers, seeking their blessings with love and respect.
Every teacher was honored, making the occasion truly memorable and strengthening the bond of Guru-Shishya Parampara.

🙏 Respect to all our Teachers 🙏
💐 Happy Teachers’ Day! 💐

Photos from Viru Kumar's post 06/06/2025

💐 आज औरंगाबाद में Chap & Curry Junction रेस्टोरेंट का भव्य उद्घाटन हुआ, और मैं इस बेहद खास मौके पर दिल से मनीष जी को बहुत-बहुत बधाई देता हूँ। एक ऐसा रेस्टोरेंट जो न केवल स्वाद में लाजवाब है, बल्कि उन लोगों के लिए भी स्वर्ग से कम नहीं है जो नॉनवेज नहीं खाते।

यहाँ पर मिलने वाले Pure Veg आइटम्स, लेकिन Non-Veg स्वाद के साथ—जैसे Veg Black Mutton, Veg Laal Maas, Punjabi Chaap—वाकई कमाल के हैं!

मनीष जी, आपने औरंगाबाद को एक नई पहचान दी है – स्वाद की दुनिया में एक नायाब तोहफा! मैं दिल से आपका धन्यवाद करता हूँ कि आपने शाकाहारी लोगों को भी नॉनवेज जैसे स्वाद का अनुभव लेने का मौका दिया।

🌟 एक नया स्वाद, एक नया अनुभव – अब औरंगाबाद में 🌟

29/05/2025

🌞 गर्मी की छुट्टियों में स्कूल की यादें... दिल से!

गर्मी की छुट्टियाँ शुरू हो चुकी हैं... स्कूल की इमारत शांत है, बरामदे सूने हैं, क्लासरूम की दीवारें बच्चों की चहचहाहट को तरस रही हैं। मैं अपने ऑफिस में बैठा कुछ लंबित कार्य निपटा रहा हूं, लेकिन मन बार-बार उन्हीं नन्हें-मुन्हें चेहरों की ओर चला जाता है, जिनकी मुस्कान में भविष्य की झलक दिखती है।

जब मैं खाली स्कूल में टहलता हूं, तो उन छोटे बच्चों की हँसी, उनकी तोतली बोली, और उनका मासूम अंदाज़ बहुत याद आता है। कोई दौड़ता है, कोई गिरकर हँसता है, कोई नई कविता सुनाता है तो कोई सिर्फ एक मीठी मुस्कान से दिन बना देता है।

बड़े बच्चों को याद करता हूं – जिनसे कभी सख्ती से बात करनी पड़ती है, तो कभी कंधे पर हाथ रखकर उन्हें आगे बढ़ने की प्रेरणा देता हूं। उनका आत्मविश्वास, उनके सपनों की चमक – वो सब एक पल को भी आँखों से दूर नहीं होता।

शिक्षकगण, जो हर सुबह समय से पहले पहुंचते हैं, अपने सारे निजी कार्यों को पीछे छोड़ बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की नींव तैयार करते हैं – उनका समर्पण शब्दों से परे है। वे केवल पढ़ाते नहीं, बच्चों को जीवन के लिए तैयार करते हैं।

सुबह-सुबह आने वाले माता-पिता, जो अपने बच्चों को गले लगाकर, टिफिन थमाकर, प्यार से स्कूल के हवाले करते हैं – वो पल बहुत कीमती होते हैं। कुछ नन्हें बच्चे जो रोते हैं, उन्हें हमारी मैम गोद में उठाकर, प्यार से चुप कराकर क्लास तक ले जाती हैं – मानो मां की ममता स्कूल की दीवारों में समा गई हो।

और फिर आता है छुट्टी का समय – जब बच्चे दौड़ते हुए गेट की ओर भागते हैं और जैसे ही अपने माता-पिता को देखते हैं, उनके चेहरे पर जो मुस्कान आती है – वह हर थकान को भुला देती है। माता-पिता की आँखों में अपने बच्चों के प्रति गर्व और स्नेह देखकर मन भर आता है।

कई बार जब पेरेंट्स आकर अपने बच्चों की प्रगति के बारे में बात करते हैं, तो वह संतोष, वह कृतज्ञता – हमारे लिए सबसे बड़ी उपलब्धि होती है। जब कोई मां-बाप कहते हैं, “सर, बच्चा पहले से कितना बेहतर हो गया है”, तो लगता है जैसे मेहनत सफल हुई।

एक स्कूल केवल एक इमारत नहीं होता – वह एक परिवार होता है। और जब यह परिवार कुछ समय के लिए दूर हो जाता है, तो उसकी यादें दिल से जुड़ जाती हैं। बच्चों की मुस्कान, शिक्षकों का त्याग, पेरेंट्स का विश्वास – ये सब मिलकर इस संस्था को एक जीवंत प्रेममयी संसार बनाते हैं।

आज यह सब बहुत याद आ रहा है। आप सभी को ढेर सारा प्यार और गर्मियों की छुट्टियों की ढेर सारी शुभकामनाएँ।
जल्द ही फिर मिलेंगे – उसी हँसी, उसी उमंग और उसी अपनत्व के साथ।

29/05/2025

यादें...

🌞 गर्मी की छुट्टियों में स्कूल की यादें... दिल से!

गर्मी की छुट्टियाँ शुरू हो चुकी हैं... स्कूल की इमारत शांत है, बरामदे सूने हैं, क्लासरूम की दीवारें बच्चों की चहचहाहट को तरस रही हैं। मैं अपने ऑफिस में बैठा कुछ लंबित कार्य निपटा रहा हूं, लेकिन मन बार-बार उन्हीं नन्हें-मुन्हें चेहरों की ओर चला जाता है, जिनकी मुस्कान में भविष्य की झलक दिखती है।

जब मैं खाली स्कूल में टहलता हूं, तो उन छोटे बच्चों की हँसी, उनकी तोतली बोली, और उनका मासूम अंदाज़ बहुत याद आता है। कोई दौड़ता है, कोई गिरकर हँसता है, कोई नई कविता सुनाता है तो कोई सिर्फ एक मीठी मुस्कान से दिन बना देता है।

बड़े बच्चों को याद करता हूं – जिनसे कभी सख्ती से बात करनी पड़ती है, तो कभी कंधे पर हाथ रखकर उन्हें आगे बढ़ने की प्रेरणा देता हूं। उनका आत्मविश्वास, उनके सपनों की चमक – वो सब एक पल को भी आँखों से दूर नहीं होता।

शिक्षकगण, जो हर सुबह समय से पहले पहुंचते हैं, अपने सारे निजी कार्यों को पीछे छोड़ बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की नींव तैयार करते हैं – उनका समर्पण शब्दों से परे है। वे केवल पढ़ाते नहीं, बच्चों को जीवन के लिए तैयार करते हैं।

सुबह-सुबह आने वाले माता-पिता, जो अपने बच्चों को गले लगाकर, टिफिन थमाकर, प्यार से स्कूल के हवाले करते हैं – वो पल बहुत कीमती होते हैं। कुछ नन्हें बच्चे जो रोते हैं, उन्हें हमारी मैम गोद में उठाकर, प्यार से चुप कराकर क्लास तक ले जाती हैं – मानो मां की ममता स्कूल की दीवारों में समा गई हो।

और फिर आता है छुट्टी का समय – जब बच्चे दौड़ते हुए गेट की ओर भागते हैं और जैसे ही अपने माता-पिता को देखते हैं, उनके चेहरे पर जो मुस्कान आती है – वह हर थकान को भुला देती है। माता-पिता की आँखों में अपने बच्चों के प्रति गर्व और स्नेह देखकर मन भर आता है।

कई बार जब पेरेंट्स आकर अपने बच्चों की प्रगति के बारे में बात करते हैं, तो वह संतोष, वह कृतज्ञता – हमारे लिए सबसे बड़ी उपलब्धि होती है। जब कोई मां-बाप कहते हैं, “सर, बच्चा पहले से कितना बेहतर हो गया है”, तो लगता है जैसे मेहनत सफल हुई।

एक स्कूल केवल एक इमारत नहीं होता – वह एक परिवार होता है। और जब यह परिवार कुछ समय के लिए दूर हो जाता है, तो उसकी यादें दिल से जुड़ जाती हैं। बच्चों की मुस्कान, शिक्षकों का त्याग, पेरेंट्स का विश्वास – ये सब मिलकर इस संस्था को एक जीवंत प्रेममयी संसार बनाते हैं।

आज यह सब बहुत याद आ रहा है। आप सभी को ढेर सारा प्यार और गर्मियों की छुट्टियों की ढेर सारी शुभकामनाएँ।
जल्द ही फिर मिलेंगे – उसी हँसी, उसी उमंग और उसी अपनत्व के साथ।

Photos from Viru Kumar's post 26/05/2025

Proud moment! 42 students from Virat Classes selected in Bihar Police.
Kudos to Amit Sir for his inspiring guidance and tireless dedication.
Heartfelt congratulations to all the successful students—your hard work paid off!

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