10/06/2025
High School Akauni
Educational
10/06/2025
चैते चना , बैशाखे बेल ;
जेठे शयन , आसाढे खेल ।
सावन हरे , भादौ तीत ;
क्वार में करो , गुङ से प्रीत ।
कार्तिक मूली , अगहन तेल ;
पूष में करो , दुध से मेल ।
माघ मास घी खिचङी खाय ;
फागुन उठकर नित्य नहाय।
यह बारह जो सेवन करे ;
रोग दोष दुख तन कर हरे ।।
चैत्र के महीने में चने का सेवन जरूर करना चाहिए। नया चना प्रकृति नव परिवर्तन के साथ पथ्य बन जाता है । जो फाल्गुन में अपनी नमी के चलते वात प्रधान था। वह चैत्र में औषध जैसा बन जाता है।
वैशाख के महीने में बेल फल का सेवन जरूर करना चाहिए। पूरे वैशाख मास के अंदर फलों में हमेशा बेल फल को भोजन का हिस्सा जरूर बनायें ।
ज्येष्ठ के महीने में जब दिन में बाहर भयंकर गर्मी पड़ती है तो दिन के समय शयन कर, जरूर आराम करना चाहिए। वैसे आयुर्वेद में दिन में सोना वर्जित होता है, लेकिन सिर्फ ज्येष्ठ के महीने में ही सोने को अनुकूल माना गया है।
आषाढ़ के महीने में खेल यानि विभिन्न प्रकार के खेल , योग , कसरत , एक्सरसाइज करनी चाहिए। आषाढ के महीने का मौसम अनुकूल होता है और शरीर को भी आने वाले मौसम के लिए तैयार रखना जरूरी हैं।
सावन के महीने में छोटी हरङ का एक डंठल हर रोज एक दिन में एक बार मुंह में सुपारी की भांति रखकर के जरूर खाना चाहिए। हरङ त्रिफलों में एक महत्वपूर्ण औषधि है।
भाद्रपद महीने में तीत यानी किरायचा जरूर खाएं। किरायचा छोटे छोटे कवक जीवाणु आदि को शरीर से बाहर निकालता हैं, जो नुकसानदायक होते हैं।
आसोज के महीने में गुड़ जरूर खाना चाहिए । रात को सोते समय एक गुड़ की छोटी सी डली खाकर के कुल्ला करके सो जाएं। पूरा शरीर डिटॉक्स हो जाएगा।
कार्तिक के महीने में मूली जरूर खाएं । कार्तिक मास की सुबह में अगर आपने मूली खाई तो वह औषध के समान शरीर को गुण देती है।
मिक्सर महीने में तेल का सेवन जरूर करें , क्योंकि बाहर के सर्द मौसम से चमड़ी शुष्क हो जाती है। और हमारी चमड़ी को भी वसा की जरूरत होती है । मिक्सर में तेल खाना भी चाहिए और तेल से शरीर पर मसाज भी करना चाहिए।
पौष के महीने में दूध का सेवन जरूर करें । रात को सोते समय गाय का दूध अच्छी तरह से गर्म करने के पश्चात सोते समय पीकर सोयें।
माघ के महीने में घी और खीचड़ी का भोजन जरूर करें। इस महीने में भगवान को भी खींचङे का ही भोग इसीलिए लगाते है।
फाल्गुन के महीने में सुबह जल्दी उठकर जरूर अच्छी तरह से नहाना चाहिए , क्योंकि बाहर का मौसम इस महीने में उल्टा सीधा चलता रहता है। सुबह-सुबह सूर्योदय के साथ स्नान करके अपने शरीर के तापमान को संतुलित करना परम आवश्यक है।
हमारे पूर्वजों के द्वारा बताई गई ये समस्त बातें उनके वर्षों का अनुभव हैं। इसलिए ये सिर्फ किंवदंतियां नहीं सांईटीफिक भी पूर्ण निरापद बातें हैं।
ऐसा हर पदार्थ मौसम व समय के अनुसार आप खाया जाए तो ओषध जैसा होता हैं तो असमय सेवन से विष समान बन जाता हैं।
Lalu@shankar
11/05/2021
अगर पप्पू यादव दिखावा कर रहे थे तो हमे ऐसे दिखावा करने वाले और लोगों की जरूरत है भगोड़े नेताओं की नहीं
10/05/2021
बहुत ही मार्मिक घटना है, जिनसे जो मदद बन पड़े वह कीजिए . नीचे बैंक के अकाउंट नंबर है
Samrat Choudhary Upendra Kushwaha
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