मिशन शिक्षण संवाद शिक्षकों एवं विद्यार्थियों के लिए एक बहुपयोगी पहल है।
मिशन शिक्षण संवाद हम सभी शिक्षकों का आपस में एक साथ स्वैच्छिक स्वयंसेवी के रूप में, स्व-अनुशासित, बिना किसी पद, पॉवर, प्रतिष्ठा एवं आपसी भेदभाव के एक-दूसरे के सहयोग और सम्मान के साथ, परिवार के रूप में शिक्षा के उत्थान, शिक्षक के सम्मान एवं मानवता के कल्याण के लिए प्रेम, विश्वास एवं सकारात्मक विचारों की शक्ति के साथ सतत कार्य करते हुए, शिक्षा, शिक्षण एवं आपसी सामन्जस्य के आधार को मेहनत एवं ईमानदारी से मजबूती प्रदान करना है। जिससे हम सभी शिक्षक सामाजिक सभ्यता को वर्तमान परिस्थितियों के अनुकूल सम्पादित करते हुए एवं अपने दायित्वों को पूरा करते हुए मानवता को सुखी एवं सम्मानित बनाने का लक्ष्य प्राप्त कर सकें। शिक्षक एवं शिक्षार्थी को सीखने-सिखाने, सहयोग, संवाद, सम्मान एवं प्रोत्साहन के साथ आपस में मिलकर शिक्षा का उत्थान, शिक्षक का सम्मान और मानवता का कल्याण के अवसर प्रदान करते हुए आपसी प्रेम और विश्वास को मजबूती प्रदान करने की सतत कोशिश करना है। जिससे शिक्षार्थियों के माध्यम से मानवता के कल्याण के लिए समाज में सकारात्मक विचार का प्रवाह स्थाई रूप से सतत प्रवाहित होता रहे।
मिशन शिक्षण संवाद का लक्ष्य :-
"शिक्षा का उत्थान, शिक्षक का सम्मान और मानवता का कल्याण"
मिशन शिक्षण संवाद के प्रमुख चार कार्य हैं-
1- #परिवेश:- हम सभी का यथासम्भव प्रयास होगा कि विद्यालय और उसके आस-पास के परिवेश को आकर्षक एवं सकारात्मक ऊर्जा का केन्द्र बनाने के लिए आपसी सहयोग, संवाद और जनसहयोग से सदैव प्रयासरत रहेंगे।
2- #पढ़ाई (शिक्षण):- विद्यालय और शिक्षक की पहचान शिक्षण से है। कुशल और परिणामदायी "शिक्षण ही एक शिक्षक का आभूषण है।" इसलिए किसी भी परिस्थिति में शिक्षण को प्रथम कार्य समझते हुए शिक्षा को संस्कारों के साथ समाहित करते हुए गुणवत्तापूर्ण बनाने के लिए सतत प्रयासरत रहेंगे, क्योंकि "शिक्षण ही एक शिक्षक का अस्तित्व होता है" इसलिए शिक्षा के उत्थान के लिए किए जा रहे सार्थक, सकारात्मक, प्रेरक एवं अनुकरणीय प्रयासों को हम सब मिशन शिक्षण संवाद परिवार के सहयोगी शिक्षक आपसी सीखने-सिखाने के लिए एक-दूसरे से अवश्य साझा करेंगे। जिससे ज्ञानगंगा का प्रवाह अविरल बना रहे।
3- #प्रचार:- हम सब मिलकर एक - दूसरे के सहयोग से विद्यालय की गतिविधियों, उपलब्धियों तथा सामाजिक स्तर पर किये गये सकारात्मक कार्यों को यथासम्भव सम्पूर्ण समाज के बीच प्रचार और प्रसार करेंगे। जिससे समाज के बीच बन चुकी बेसिक शिक्षा एवं शिक्षक की नकारात्मक छवि को, सकारात्मक और सम्मानित छवि में बदलते हुए सामाजिक विश्वास को मजबूत कर सकेंगे। इसके लिए संकोच और शर्म छोड़कर एक-दूसरे के सक्रिय सहयोगी बनने एवं सतत बने रहने की आवश्यकता है।
4- #परिवार (पॉवर):- हम सभी जानते हैं कि बिना शक्ति के कोई भी कार्य सम्पादित नहीं किया जा सकता है। इसलिए उपर्युक्त कार्यों की सफलता के लिए हम सब बिना किसी व्यक्तिगत पद-प्रतिष्ठा और लोभ-लालच की उम्मीद के समानता के सिद्धान्त को अपनाते हुए परिवार के रूप में संगठित होकर एक-दूसरे के सहयोगी बनेंगे। जो प्रत्येक विद्यालय से लेकर प्रदेशों तक टीम भावना से स्वैच्छिक स्वयंसेवी के रूप में शिक्षा, शिक्षक, शिक्षार्थी एवं मानवता के हित और सम्मान की रक्षा के लिए काम करेंगे।
मिशन शिक्षण संवाद की पहचान उसका चिह्न है जो हम सबको संदेश देता है कि-
आज़ाद भारत के आज़ाद परिंदे हैं हम, कलम की ताकत से हम सब हाथ से हाथ मिलाकर शिक्षा का उत्थान, शिक्षक के सम्मान एवं मानवता के कल्याण की नींव मजबूत करेंगे।