21/09/2026
नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत’ संकल्प अभियान का शुभारम्भ
आज जब देश ने विकसित भारत का लक्ष्य तय किया है... तो इसके लिए आवश्यक है... देश का युवा, तन से स्वस्थ हो, मन स्वस्थ हो, आत्मविश्वास से भरपूर हो और ड्रग्स जैसी घातक आदत से हमेशा दूर हो – डॉ अतुल गुप्ता
“नशा मुक्त युवा–विकसित भारत” अभियान के अंतर्गत राष्ट्रीय संकल्प समारोह का आयोजन
नशा नाश की जड़ है, देश के भविष्य और आपके अपने जीवन के लिए, व्यसन से मुक्त रहना अत्यंत आवश्यक है – धर्मेश दांगी
‘‘मुझे विश्वास है कि हमारे युवा नशे से दूर रहकर अपनी ऊर्जा बचाएंगे और विकसित भारत के संकल्पों को आगे बढ़ाएंगे – डॉ अशोक कुमार शाक्य
नशे की लत से लड़कर बाहर आने वाले युवा कमजोर नहीं हैं; वे असली योद्धा हैं जिनका अविश्वसनीय साहस ही उनकी सच्ची पहचान है – डॉ अतुल गुप्ता
‘नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत संकल्प अभियान’ का शुभारंभ किया। ‘‘आज हम सभी देशवासी एक महान और महत्वपूर्ण संकल्प के लिए एकजुट हुए हैं।’’
सेहराई
शासकीय महाविद्यालय सेहराई की राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई को भारत सरकार युवा कार्यक्रम खेल मंत्रालय राष्ट्रीय सेवा योजना, क्षेत्रीय निदेशालय मध्य प्रदेश छतीसगढ़ द्वारा अशोकनगर जिले में नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत’ संकल्प अभियान के लिए नोडल बनाया गया है। तय कार्यक्रमानुसार माँ सरस्वती का पूजन का वन्देमातरम के सस्वर गायन के साथ कार्यक्रम का शुभारम्भ किया गया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि डॉ अशोक कुमार शाक्य जिला नोडल टी बी एवं एड्स अशोकनगर ने स्पष्ट किया कि यह अभियान केवल व्यक्तिगत स्वास्थ्य तक ही सीमित नहीं है, बल्कि परिवारों, समाज और पूरे राष्ट्र के व्यापक हितों की भी पूर्ति करता है। जिसका प्रमुख उद्देश्य विकसित भारत को प्राप्त करने के लिए शारीरिक रूप से स्वस्थ, मानसिक रूप से सशक्त और आत्मविश्वास से भरपूर युवा पीढ़ी का होना अनिवार्य है, जो आत्म-विनाशकारी आदतों से पूरी तरह मुक्त हो। प्राचार्य एवं रासेयो जिला संगठक डॉ अतुल गुप्ता ने कहा ‘‘आज जब राष्ट्र ने विकसित भारत का लक्ष्य निर्धारित किया है, तो यह आवश्यक है कि देश के युवा शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ रहें, आत्मविश्वास से परिपूर्ण हों और नशीले पदार्थों जैसी विनाशकारी आदतों से हमेशा के लिए दूर रहें। जनभागीदारी समिति सदस्य अभय सिंघई ने कहा कि देश के भविष्य और आपके अपने जीवन के लिए, व्यसन से मुक्त रहना अत्यंत आवश्यक है।
स्टार्टअप, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, खेल और अंतरिक्ष अन्वेषण के क्षेत्र में आज के युवाओं की शानदार उपलब्धियों की तुलना नशीले पदार्थों के सेवन के विनाशकारी प्रभावों से करते हुए,थाना प्रभारी धर्मेश दांगी ने इस बात की कड़ी चेतावनी दी कि कैसे व्यसन एकाग्रता को भंग करता है और सपनों को चकनाचूर कर देता है। उन्होंने अपने सर्विस के अनुभवों से बताया कि नशा किस तरह माता-पिता के सपनों को चकनाचूर करने से लेकर बुजुर्गों के लिए दैनिक पीड़ा का कारण बनने तक, परिवारों पर पड़ने वाले गहरे दुष्परिणामों को दर्शाते हुए, उन्होंने व्यापक सामाजिक प्रभाव पर जोर दिया। इसलिए नशा नाश की जड़ है। डॉ अंजू सिहारे ने ने कहा, ‘‘जब किसी परिवार या समाज में यह विनाश होता है, तो पूरे राष्ट्र की समग्र शक्ति भी मौलिक रूप से कमजोर हो जाती है। और युवाओं को नशीले पदार्थों से मिलने वाला क्षणिक आनंद अंततः उनके करियर और पारिवारिक जीवन के लिए स्थायी पतन का कारण बनता है। रणवीर सिंह ने भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिक गुरुओं के गहन ज्ञान, विशेष रूप से श्री गुरु ग्रंथ साहिब की शिक्षाओं का हवाला देते हुए कहा कि उन्होंने नशीले पदार्थों के प्रति समाज की ऐतिहासिक अस्वीकृति को उजागर किया। इसी दौरान ड्रग इंस्पेक्टर जितेन्द्र शर्मा ने नशे से सम्बंधित विभिन्न शोर्ट फिल्म का स्क्रीन पर प्रसारण किया जिसे विद्यार्थिओं ने खूब सराहा उन्होंने कहा कि ‘‘हमें किसी भी परिस्थिति में नशीले पदार्थों को सामाजिक स्वीकृति नहीं देनी चाहिए।’’
युवा संवाद के सत्र में थाना प्रभारी और डॉ अशोक कुमार शाक्य ने प्रश्नों का उत्तर देते हुए नशे से उबरने के लिए उपलब्ध व्यापक सहायता प्रणालियों का विस्तार से वर्णन किया, तथा व्यसन पर काबू पाने में सामाजिक सहयोग, योग, ध्यान और आधुनिक पुनर्वास केंद्रों की प्रभावशीलता पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने सभागार ने मौजूद ग्रामीण जन और सहरिया वनवासी समाज के परिवारों से सामाजिक प्रतिष्ठा संबंधी गलत चिंताओं के बजाय चिकित्सा हस्तक्षेप को प्राथमिकता देने का आग्रह किया और संवेदनशील विद्यार्थी एवं युवा इस जाल में फंसने से बचाने के लिए खुले घरेलू संवाद की संस्कृति को बढ़ावा दें। आगे उन्होंने ने कहा, ‘‘यदि कोई युवा अनजाने में व्यसन में पड़ गया है, तो इसका यह अर्थ बिल्कुल नहीं है कि उसके सभी रास्ते हमेशा के लिए बंद हो गए हैं।’’ हमारा स्वास्थ्य विभाग महाविद्यालय परिवार के साथ युवाओं को इस नशे के कुचक्र से बाहर निकलने के लिए इस महत्वपूर्ण लड़ाई में उनके साथ मजबूती से खड़ा है।
नुक्कड़ नाटक के माध्यम से नशे के दुष्परिणामों तथा युवाओं और परिवारों पर पड़ने वाले इसके प्रभावों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करते हुए नशे से दूर रहने का संदेश दिया गया। इस अवसर पर विद्यार्थियों ने नशामुक्त भारत के निर्माण की शपथ ली तथा हस्ताक्षर अभियान में सहभागिता की। महाविद्यालय परिवार से डॉ अली अहमद कुरैशी, डॉ संध्या अहिरवार, निर्मल सिंह मटसेनिया, स्टाफ के कर्मचारी सहित तरनवीर, जसप्रीत, निखिल नामदेव, विभा ओझा, सरताज खान,संजीव यादव, रोहणी यादव, तनिषा रजक, तरुण रजक, साक्षी लोधी, नितिन साहू, नीलू कुशवाह, खुशबू कुशवाह, यशमीन, राजनीती यादव, मुस्कान यादव, साक्षी यादव, साहिल खान, दीक्षा ओझा, अंजली यादव, अनुष्का सेन आदि स्वयं सेवक सहित एक सैकड़ा से अधिक कार्यक्रम में उपस्थित रहे। कार्यक्रम में मंच संचालन कार्यक्रम अधिकारी डॉ अंजू सिहारे द्वारा किया गया। अंत में डॉ सुरेश कुमार गर्ग ने सभी अतिथियों, प्राचार्य, NSS टीम, स्टाफ एवं विद्यार्थियों के सहयोग के प्रति आभार व्यक्त किया गया। कार्यक्रम का संदेश स्पष्ट रहा कि नशामुक्त युवा ही स्वस्थ, जागरूक एवं सशक्त समाज के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।