05/06/2021
मेरी नयी कविता:
Love Song
''प्यार का गीत''
कब तक तू मुझे सताएगा
यूँ कबतक मुझे रुलाएगा,
है मुझको यकीं ऐ मेरे सनम
एक दिन तू वापस आएगा।
एक दिन तू वापस आएगा।।
मुहब्बत हमारी भुला ना सकोगे
यों मुझसे दूर तुम जा न सकोगे,
वफाओं पे मेरी तुम ऐतबार करना
पहला प्यार बार बार पा न सकोगे।
जब याद में होगी आँखें नम
कैसे तू खुद को समझायेगा।
एक दिन तू वापस आएगा।
एक दिन तू वापस आएगा।।
तुम तो हो मेरे दिल की दुनिया की रानी
बिना तेरे मेरी नही कोई कहानी,
तू सांसो में मेरी, तू धड़कन में मेरी
आ जा पास आ अब न कर आनाकानी।
अगर कर इशारा ये आशिक तुम्हारा
दिल अपना चीर के दिखायेगा।
एक दिन तू वापस आएगा।
एक दिन तू वापस आएगा।।
तुझे चाहता हूँ तुझे पूजता हूँ
ख्वाबों में तुझको ही मैं देखता हूँ,
बिन तेरे इक पल भी जी न सकूँगा
हर सांस में तुझको ही सोचता हूँ।
दिल तोड़ के जाएगा मेरा तो
तू एक दिन पछतायेगा।
एक दिन तू वापस आएगा।
एक दिन तू वापस आएगा।।
गलती क्या मेरी क्या मेरी खता
मेरी जान मुझको तू ये तो बता,
दिल मैंने दिया तुझको अपना
बदले में कुछ भी नही चाहता।
तेरा ईश्क़ इबादत है मेरी
नफरत क्या मुझे डराएगा।
एक दिन तू वापस आएगा।
एक दिन तू वापस आएगा।।
तू ही मेरी मंज़िल
तू ही रास्ता है,
चाहूँ तुझे मैं कितना
क्या तुझको पता है।
दिल है ये मेरा इसमे
धड़कन है तेरी,
मैं जिन्दा हूँ क्योंकि
तू जां है मेरी... तू जां है मेरी...।
ये प्रेम-अगन मेरा तेरे
पत्थर-दिल को पिघलायेगा।
एक दिन तू वापस आएगा।
एक दिन तू वापस आएगा।।
चाहूँगा तुझको मैं चाहत की हद तक
करूँगा मुहब्बत इस दिल की ज़िद तक,
न भूलूंगा तुझको ना भुलाने ही दूंगा
किसी और कि तुझको होने न दूंगा।
मेरी आशिकी की तड़प है तुम्ही से
तुझे छोड़ दिल लगाऊं मैं क्या किसी से...।
तुझे छोड़ दिल लगाऊं मैं क्या किसी से...।
जाने जां इन हाथों में मेरे
तेरा हाथ ही फिर से आएगा।
एक दिन तू वापस आएगा।
एक दिन तू वापस आएगा।।
ज़माने से डर ना
यूं घुट घुट के मर ना,
आ बाहों में मेरी
तू ज़िद ऐसे कर ना।
जुल्फों से तेरी मैं
खेलूंगा एक दिन,
नयनों के प्यालों से
पी लूँगा एक दिन
हाथों में लेके चेहरा तुम्हारा
भींगे लवों को चुमूँगा एक दिन।
ये तीर मेरी मोहब्बत का
तुझे घायल कर तड़पायेगा।
एक दिन तू वापस आएगा।
एक दिन तू वापस आएगा।।
कहो वेवफा न
ऐसे तू मुझको
अपना बनाना चाहूं मैं तुझको,
मेरे प्यार पर तुम यकीं कर के देखो
ज़माने की खुशियां दे दूंगा तुझको...।
ज़माने की खुशियां दे दूंगा तुझको.. ।
इम्तेहां की अब तो हद है हुई
कितना मुझे आजमाएगा।
एक दिन तू वापस आएगा।
एक दिन तू वापस आएगा।।
मैं आशिक़ हूँ तेरा तू
मुहब्बत है मेरी,
कसम से सनम तू ही दौलत है मेरी।
दर्द-ए-मुहब्बत मैं कैसे सहूंगा,
बिना तेरे ज़िंदा रह न सकूँगा...।
बिना तेरे ज़िंदा रह न सकूँगा...।
है कसम मुझे मेरा प्यार तुझे
एक दिन मेरे पास बुलाएगा।
एक दिन तू वापस आएगा।
एक दिन तू वापस आएगा।।
दिल में बसी हैं तेरी ही यादें
तेरी अदायें, वो कसमें वो वादें,
नहीं वेवफा तू ये मुझको यकीं है
मगर ये बता क्या हैं तेरे इरादें... तेरे इरादें।
पहला प्यार तू ही मेरा
कैसे तू मुझे ठुकरायेगा।
एक दिन तू वापस आएगा।
एक दिन तू वापस आएगा।।
मुझे छोड़ कहाँ तू जाएगा
एक दिन तू वापस आएगा
कब तक तू मुझे सताएगा।
एक दिन तू वापस आएगा।
एक दिन तू वापस आएगा।।
----- मनोज वर्मा
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