18/08/2024
ग़ज़ल
लुटती रही अस्मत भरती रही कोई सिसकियां,
जहनों दिल पर गिरती रही पल-पल बिजलियां।
उस मासूम कली की खताए क्या थी या रब ,
चमन उजरता रहा मरती रही तितलियां।
मूरत बन भगवान खरे रहे मोन जब,
मसली जाती रही है हैवानों से कलियां।
चिखी चिल्लाई रोई और वह गिरगिरई,
बहरे हो गए मूरत सारे खुब चिखी तन्हाइयां।
इस देश में तेरा आना लाडो दुश्वार हुआ,
चिख चिख के कहती है कहानी पुरवाईया।
गुड्डे गुड़ियो से खेलने वाले बचपन का हाल,
कब तक बेटियो से होती रहेगी रुसवाईयां।
शरीयत के कानून का हो अगर ऐहतराम जो,
उजर कर तबाह हो जाएगी गुनाहों की बस्तियां।
मुहाफिज ही बन गए देखो कातिल *शाहरुख* ,
अदालत में दफन होकर रह गई जाने कितनी कहानियां।
शाहरुख मोईन
अररिया बिहार
9534848402