22/05/2026
और जब लाखों छात्र परीक्षा, बेरोजगारी और दबाव से टूटने लगें,
तो सिस्टम को सिर्फ नियम नहीं, इंसानियत भी देखनी चाहिए।
युवा की आवाज़ को दबाने से समस्या खत्म नहीं होगी।
असली लोकतंत्र वही है जहां सवाल पूछने की आज़ादी हो। ✊