29/07/2020
प्रिय विद्यार्थियों
बहुत सा स्नेह!
16 मार्च से आज तक, लगभग 3 महीने होने को हैं। इन 3 महीनों में हमने ऐसा सफ़र तय किया है जिसकी कल्पना भी हमने कभी नहीं की थी ।अक्सर हम इंग्लिश मूवीज़ में इसी प्रकार की फंतासी देखा करते थे जिन पर विश्वास ही नहीं होता था परंतु आज वह सभी दृश्य मानो वास्तविक हो गए हैं ।इंसान को जानवर से कोई इंफेक्शन हो, ऐसा तो हमने सुना था परंतु इंसान को इंसान से इंफेक्शन का खतरा है, इसकी कल्पना हमने तो क्या हमारे पूर्वजों ने भी कभी नहीं की थी पर कहते हैं ना कि हर स्टोरी का अंत भी होता है। इस कोविड-19 की स्टोरी का भी अंत होगा। हम फिर से नॉर्मल ज़िंदगी जी पाएंगे। यह कामना भी है और दुआ भी।
विद्यार्थियों पिछले 3 महीनों में हम वर्चुअल प्लेटफार्म पर आपस में जुड़े रहे। हम एक दूसरे से बौद्धिक, मानसिक और भावनात्मक स्तरों पर भी जुड़े और शायद हम कुछ और अधिक पास भी आए। यह जुड़ाव हमने अपने परिवार में भी देखा होगा। प्रकृति ने हमें आज एक छत के नीचे एक साथ रहने का मौका दिया है भले ही मज़बूरी में ही सही। हम आगे भी विभिन्न धरातलों पर एक दूसरे से जुड़े रहेंगे, ऐसी आशा है ।
जो विद्यार्थी इस सत्र में हमें छोड़ कर आगे बढ़ जाएंगे उन्हें हम सदा अपने दिलों में बसाए रखेंगे। आपके भाव प्रकाश हमारे लिए एक धरोहर है जिन्हें हम सदैव संभाल कर रखेंगे। मनुष्य और दूसरे जीवित प्राणियों में भावनाओं का ही तो अंतर है । एक गुरु और शिष्य के बीच का नाता कितना भावनात्मक और पवित्र होता है, ऐसा मुझे आपके भावों को पढ़कर अनुभव हुआ ।एक विद्यार्थी के लिए उसके माता-पिता के बाद उसका गुरु ही उसका मार्गदर्शक और उसके व्यक्तित्व का निर्माता होता है ऐसा आपने अपने मनोभावों से सिद्ध कर दिया है।
सभी आउटगोइंग स्टूडेंट के लिए मैं स्वयं और अपने स्टाफ की ओर से शुभकामनाएं प्रेषित करती हूं और दुआ करती हूं कि आप जहां भी जाएं अपना, हम सबका,अपने कॉलेज का और अपने माता-पिता का नाम उज्ज्वल करें ।
एक जुलाई से केयूके के नोटिफिकेशन के अनुसार एग्ज़ाम शुरू होने वाले हैं ।अपने आप को आने वाली चुनौतियों के लिए तैयार रखें और खुद को शारीरिक व मानसिक तौर पर सुदृढ़ बनाएं। परीक्षाओं में उत्तम प्रदर्शन करें और सबसे ज़रूरी है कि सकारात्मक रहें।
आज के अपने संदेश में मैं अपने स्टाफ का भी तहेदिल से शुक्रिया अदा करना चाहती हूं क्योंकि उनके अनथक सहयोग के बिना यह कठिन समय इतनी आसानी से गुज़र नहीं सकता था। उन्होंने आप सभी को विभिन्न एक्टिविटीज़ में व्यस्त रखकर मानसिक संबल प्रदान किया, जो काबिले तारीफ़ है।
अंत में मैं आप सभी को हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए अपने वक्तव्य को विराम देती हूं।
अनीता शर्मा
प्रिंसिपल
देव समाज कॉलेज फॉर गर्ल्ज़
अंबाला शहर।