कार्तिक पूर्णिमा - देव दीपावली की शुभकामनाएं 🚩🪔🚩
Government Postgraduate College, Ambala Cantt
A PG institute having Commerce, Computer Science, History, English, Hindi, Geography, Mass Com PG courses.
29/06/2025
Admission open ..... Session 2025-26
कल रात्रि से आने वाले कल दोपहर तक अम्बाला छावनी सदर बाजार की ईदगाह रोड बन्द है ।
यदि यह बिना अनुमति के बन्द है तो क्या प्रशासन जीवित है ?, यदि अनुमति है तो किस अधिकार से ??
13/02/2025
रक्तदान - महादान - जीवनदान
06/02/2025
मेरे अविस्मरणीय मित्र "संजय"
(पूर्व प्राचार्य राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, अम्बाला छावनी)
आपको खोना
मेरी व्यक्तिगत क्षति है
भगवान आपको सद्गति प्रदान करें
डॉ. जय प्रकाश गुप्त
मो. ९३१५५१०४२५
सनातन धर्म कॉलेज अम्बाला छावनी में अंग्रेजी शिक्षक रहे प्रो. हरीश चन्द्र शर्मा जी के सुपुत्र प्रो. संजय शर्मा प्राचार्य राजकीय महाविद्यालय, पलवल (पूर्व प्राचार्य राजकीय महाविद्यालय, अम्बाला छावनी) का कल निधन हो गया है ।
अंत्येष्टि आज प्रात: ११.३० बजे शमशान (रामबाग) में रहेगी ।
ॐ शान्ति: 🕉️🙏
डॉ. जय प्रकाश गुप्त
जब कोई बड़ा पेड़ गिरता है तो उसके पास की जमीन हिलती है....जिसमें ५००० केशधारी समा जाते हैं, और कुछ समय बाद इनके परिजन पुन: उसी पेड़ के अवशेषों को ही अपना आत्मीय स्वीकार कर लेते हैं ।
#विचार_प्रवाह
31/10/2024
यदि पाकिस्तान का निर्माण अपराध था तो उसके अपराधी सरदार पटेल भी उतने ही हैं जितने बापू मोहनदास गांधी और चिचा नेहरू
मेरी दृष्टि में यह एक भयंकर अपराध था और उस पर बचे खुचे भारत में एक भी ईमानदार को रहने देना तो देश को सदा सर्वदा के लिए जिहाद की भट्टी में झोंकने जैसा कृत्य
यदि सरदार पाकिस्तान बनाने देने में शेष बचे भारत को संगठित व सुरक्षित करना चाहते थे तो उन्होंने शेष बचे भारत में एक भी मुसलमान क्यों रहने दिया, तब जबकि सभी मुसलमानों को भारत से बहिष्कृत करने पर जनमत प्रबल था ।
क्या त्वरित सत्ता प्राप्ति के लोभ में सरदार इस यथार्थ को अनदेखा किये .. अथवा ???????
विनम्र श्रद्धांजलि 🙏
जन्मदिन ३१ अक्तूबर
30/10/2024
दीपावली - दीपदान आदि कृत्यों का महत्व (कार्तिक कृष्ण त्रयोदशी से कार्तिक शुक्ल द्वितीया)- पद्मपुराण
पद्मपुराण (उत्तर खण्ड अध्याय १२४) में कार्तिक मास में दीप दान का महत्व वर्णित है वह भी कार्तिक कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी को – भगवान श्रीकृष्ण कहते हैं, “हे भामिनी, कार्तिक के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी को घर के बाहर यमराज के लिए दीप देना चाहिये, इससे दुर्मृत्यु का नाश होता है । दीप देते हुए इस प्रकार कहना चाहिये- मृत्यु पाशधारी काल और अपनी पत्नी के साथ सूर्यनन्दन यमराज त्रयोदशी को दीप देने से प्रसन्न हों । कार्तिक कृष्ण चतुर्दशी को चन्द्रोदय के समय नरक से डरने वाले मनुष्यों को अवश्य स्नान करना चाहिये, जो चतुर्दशी को प्रात:काल स्नान करता है उसे यमलोक का दर्शन नहीं करना पड़ता । इसी प्रकार अमावस्या को भी रात्रि काल में घर के बाहर, देवालयों में, गुप्त गुहों में, देव वृक्षों के नीचे, सभा भवन में नदियों के तटों पर, बगीचे में, बावली तट पर, अश्वशालाओं गोशालाओं में दीपदान के साथ पितरों का पूजन व पार्वण श्राद्ध के साथ जो प्रबोधकाल में लक्ष्मी को जगाकर उनका पूजन करता है उसे धन संपत्ति की कमी नहीं होती (भगवान के जागने से पहले स्त्रियों द्वारा लक्ष्मीजी को जगाए) । इसी अध्याय में कार्तिक शुक्ल प्रतिपदा को गोवर्धन पूजा और द्वितीया को यम की पूजा का भी उल्लेख है जिसको कालान्तर में भाई दूज कहा जाने लगा । कार्तिक शुक्ल द्वितीया को ही पूर्व काल में यमुना ने यमराज को अपने घर पर सत्कारपूर्वक भोजन कराया था ।
ऋषि वाल्मीकि की जाति
विश्व को त्रेतायुग में दशरथ-कौशल्या के पुत्र "राम" का परिचय "रामायण" के माध्यम से कराने वाले आदिकवि वाल्मीकिजी के विषय में अनेक भ्रांतियों का निर्माण किया गया है, एक है कि वाल्मीकि निम्न जाति के थे ! इस सन्दर्भ में यह स्पष्ट करना न्यायोचित होगा कि-
१. ऋषि की जाति का विचार हिंदू समाज ने नहीं किया है ।
२. स्वयं वाल्मीकि जी ने अपने परिचय (वाल्मीकीय रामायण ७-९३-१८, ५-९३-१६) में अपने को प्रचेता का पुत्र कहा है और प्रचेता को मनु ने वसिष्ठ, नारद, पुलस्त्य अदि का भाई कहा है ।
३. स्कन्दपुराण अदि ग्रंथों में इन्हें जन्मांतर में व्याध कर्म करते तथा इससे पूर्व स्तंभ नाम के श्रीवत्स ब्राह्मण कहा है, व्याध कर्म के पश्चात शंख ऋषि के संसर्ग से दूसरे जन्म में अग्निशर्मा (रत्नाकर) नामक ब्राह्मण हुए ।
४. व्याध कर्म करते हुए सप्तऋषियों के संसर्ग से घोर तप के परिणामस्वरूप बाम्बी पड़ने से वाल्मीकि नाम से प्रख्यात होने की कथा से भी वाल्मीकि का निम्न जाति का होना सिद्ध नहीं होता ।
#विचार_प्रवाह
29/10/2024
भगवान धन्वन्तरि को नमन 🙏
कार्तिक कृष्ण त्रयोदशी- धन्वन्तरि त्रयोदशी
राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस
पर्वों के प्रति द्रोह,
प्रतीकों के प्रति उदासीनता,
आदर्शों के प्रति उपहास,
संस्कारों के प्रति घृणा- सैक्युलर हिन्दु के लक्षण हैं ।
#विचार_प्रवाह
Click here to claim your Sponsored Listing.
Location
Category
Contact the school
Telephone
Website
Address
KABARI BAZAR
Ambala Cantt
133001