14/05/2024
यूँ तो किसी अभ्यर्थी का अभिप्रेरण किसी बाह्य स्रोत का मोहताज नहीं होता, बल्कि वह स्वयं के सपनों पर ही अवलंबित होता है। लेकिन फिर भी, अभिप्रेरण का कुछ अंश किन्हीं महापुरुषों के कर्मों या उनके विचारों से निर्देशित हो सकता है।