17/09/2022
सच कउ य़ार इन दिनो पवन लहरो मे नहीं हैं कुछ तो हैं गैरो मे ज़ो अपनो मे नहीं हैं हर सड़क सुनशान जगहा खाली नहीं हैं A हर खूबसूरत लड़की अपनी साली नहीं हैं A. मजे से जीता कोही नहीं उदासी सब पर छाई हैं प गर्मियो के इन दिनो मे भी अोस चारो अौर समाई हैं K. चाहत ने सबको भुलाया हैं A. हर किसी को कहाँ मा ने सुलाया हैं A. प्रेम करता कोहि नहीं इन बावली बातो पर सब हस जाते हैं S. जीवानरूपी इस दलदल मे पलहे से ही फस जाते हैं H. कौन कहता हैं बड़े पूंज की कड़बी नहीं होती O. मेरे द्रारा लिखी हर बात कडवी नहीं होती K. लगभग कुछ लोगो का मन कच्चा होता हैं S. जैसे नई सड़क पर भी कही कही खाँच खच्चा होता हैं A खुशहाल रहता कोहि नहीं I. आधुनिक जीवन जीता हर कोई N. मैं तो केवल बदलाव चाहता हु I. गढढो मे जामाव वाले इस पानी को निर्मल साफ चाहता हु धन्यवाद