23/07/2025
📝 माँ की डायरी - एक व्यस्त दिन
दिनांक- 23 जुलाई
आज का दिन कुछ ज्यादा ही व्यस्त रहा।
सुबह जैसे ही उठ कर सबसे पहले झाड़ू लगाना शुरू किया, तभी पति देव बोले - "आज जल्दी जाना है कोर्ट।"
मन में सवाल उठा- रोज अलार्म बंद करके सो जाते हैं, आज इतनी जल्दी कैसे जाग गए?
थोड़ी देर में ही समझ में आ गया कि गुरुजी के कोर्ट में आज चुनाव हैं जिसमें अपने पसंदीदा पार्टिसिपेंट के लिए इन्होंने रात-दिन मेहनत की थी।
अभी ये सब बातें चल ही रही थीं कि घड़ी ने 7 बजा दिया - मतलब स्कूल जाने का समय हो गया था।
🏫स्कूल का जीवन
स्कूल में जाते ही बच्चे और कामकाज में साझेदारी हो गई।
जैसे ही प्रवेश द्वार पर पहुंचे, देखा कि कुछ अभिभावक मेरा ही इंतजार कर रहे थे - ज्यादातर बस/वैन को लेकर।
हर किसी की समस्या को सुना और हल किया गया।
बच्चों और शिक्षण संस्थानों के बीच संबंधों को और भी बेहतर बनाने का प्रयास किया गया।
🌦️मौसम का मिज़ाज
सच कहूँ तो आज मौसम ने भी अजीब खेल खेला।
कभी सोचते हैं - भगवान ने हमारे मन को पढ़ लिया, कि तभी कुदरत बता देती हैं - "आपकी नहीं, हमारी चलेगी !"
भीषण गर्मी और गर्मी के बाद अचानक झमाझम बारिश हुई - वो भी सिर्फ एक घंटा।
फिर सभी अध्यापिकाओं को जल्दी घर जाने का निर्देश दिया, और खुद भी घर लौट आई ।
⚡ घर पर असली जंग
घर आते ही पता चला लाइट नहीं है - वही आम सी बिजली की समस्या।
फिर भी किसी तरह घर के जरूरी काम निपटाए और जैसे ही घड़ी ने 4 बजे का घंटा बजाया , बेटे को लेकर कोचिंग इंस्टीट्यूट चला दी।
👩🏫 कोचिंग की खुशी
आज दो नए बच्चों का एडमिशन हुआ – एक टीचर के लिए इससे बढ़कर खुशी क्या हो सकती है?
शाम 7 बजे तक सभी बच्चों को सुरक्षित विदा कर, बाजार से सब्जी ली और घर आ गई ।
👪परिवार और रसोई
घर पर अपनी पसंदीदा सहेली से बात करते-करते रात का खाना बनाया। वैसे मैं बता दूं मै ज्वाइंट फैमिली में रहती हु
जहां 8 सदस्य है ।
खाना बनते ही सबसे पहले अपने ससुर जी को डिनर कराया, फिर पति देव का इंतज़ार करने लगी।
सोचा कि इस बीच बेटे का होमवर्क करवा दूं।
रात के 10 बजे पति देव आये - फिर हम तीनों साथ आये रात का खाना खाया। तीनों मतों मैं , पतिदेव और हमारा प्यारा बच्चा।
🌙 रात को ही कल की तैयारी
10:45 बजे तक सारा काम करके, बेटे का होमवर्क पूरा करवा कर और अगले दिन की तैयारी कर, सोने गई ।
📚 आज की सीख
हर दिन एक जैसा नहीं होता - कभी दबाव ज़्यादा, कभी थोड़ा कम।
लेकिन हर दिन को मुस्कान के साथ स्वीकार करना और अगले दिन के स्वागत की तैयारी ही जिंदगी है।
धन्यवाद, मिलते हैं कल।
आपकी अपनी - एक माँ