Shah Safi Memorial Trust

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Endeavouring to promote peace and harmony | अमन-व-शांति के प्रसार के लिये प्रयत्नशील | انسانیت کی خدمت اور امن و شانتی کے فروغ کے لیے کوشاں

Shah Safi Memorial Trust is a registered organization since 7th of July, 2004 at Saiyed Sarawan, Kaushambi. It is a public charitable organization for the furtherance of wholly charitable objects, endeavouring for promotion of peace & security and working for betterment of human society through co-operative measures.

16/05/2026

23/02/2026

شاہ صفی میموریل ٹرسٹ انسانیت کی خدمت اور امن و شانتی کے فروغ میں مصروف ہے۔
اِس مشن میں ہمارا ساتھ دیں اور تعاون فرمائیں۔

9919409919@indianbk

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23/02/2026

शाह सफ़ी मेमोरियल ट्रस्ट इंसानियत की सेवा और अमन व शांति के प्रसार में सक्रिय है।
इस मिशन में हमारा साथ दें और सहयोग प्रदान करें।

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29/01/2026

संविधान निर्माण का इतिहास | Dr. Zishan Ahmad Misbahi
इस वीडियो में जामिया आरिफ़िया, सैयद सरावां में गणतंत्र दिवस के मौके पर डॉ. ज़ीशान अहमद मिसबाही के भाषण का संक्षेप प्रस्तुत किया गया है। उन्होंने कहा कि भारतीय संविधान केवल कानूनों का संग्रह नहीं, बल्कि एक राष्ट्रीय संकल्प है, जिसकी रक्षा करना हर नागरिक का नैतिक कर्तव्य है। यदि नागरिक न्यायप्रिय, कानून का सम्मान करने वाले और नैतिक रूप से मज़बूत न हों, तो कोई भी संविधान समाज को सही दिशा नहीं दे सकता। संविधान की समझ, कानून के अनुसार जीवन और नागरिक जागरूकता को उन्होंने मज़बूत लोकतंत्र की बुनियाद बताया।

उन्होंने संविधान निर्माण के इतिहास, संविधान सभा, डॉ. भीमराव अंबेडकर के नेतृत्व, मुसलमानों और महिलाओं की भागीदारी और संविधान के धर्मनिरपेक्ष चरित्र पर प्रकाश डाला। उन्होंने स्पष्ट किया कि धर्मनिरपेक्षता का अर्थ धर्म-विरोध नहीं, बल्कि सभी धर्मों की स्वतंत्रता है। अंत में उन्होंने कहा कि गणतंत्र दिवस सिर्फ़ उत्सव का दिन नहीं, बल्कि संविधान की भावना को समझने, अपनाने और राष्ट्रीय ज़िम्मेदारियों को दोहराने का अवसर है।
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77ᵗʰ Republic Day Celebration
🏫 Jamia Arifia, Saiyed Sarawan
🗓 26ᵗʰ January 2026
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28/01/2026

संविधान के चार स्तंभ - न्याय, स्वतंत्रता, समानता और भाईचारा | Maulana Muhammad Zaki
जामिया आरिफ़िया सैयद सरावां में आयोजित गणतंत्र दिवस समारोह में मौलाना मुहम्मद ज़की सईदी का यह प्रभावशाली संबोधन संविधान की असली अहमियत को बेहद सरल और गहरी भाषा में सामने लाता है। उन्होंने बताया कि 15 अगस्त 1947 को आज़ादी के बाद भी भारत तब तक पूर्ण रूप से स्वतंत्र नहीं था, जब तक 26 जनवरी 1950 को अपना संविधान लागू नहीं हुआ। यह वीडियो स्पष्ट करता है कि भारतीय संविधान ही देश की एकता, शांति और नागरिक हितों की सच्ची गारंटी है।

अपने भाषण में मौलाना ने संविधान के चार मूल स्तंभ—न्याय, स्वतंत्रता, समानता और भाईचारे—को समाज की मजबूती की बुनियाद बताया और समझाया कि इनके बिना न तो देश सुरक्षित रह सकता है और न समाज। खास बात यह है कि उन्होंने इन संवैधानिक मूल्यों کو क़ुरआन और सुन्नत की शिक्षाओं से जोड़कर यह संदेश दिया कि धर्म और संविधान में कोई टकराव नहीं है। यह वीडियो सिर्फ़ एक भाषण नहीं, बल्कि सोचने पर मजबूर करने वाला ऐसा संदेश है जिसे हर जागरूक नागरिक को ज़रूर देखना चाहिए।
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77ᵗʰ Republic Day Celebration
🏫 Jamia Arifia, Saiyed Sarawan
🗓 26ᵗʰ January 2026
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28/01/2026

Jamia Arifia Taranah | Ye Bab-e-Haram Hai Bab-e-Haram | Saeedi Brothers
इस वीडियो में जामिया आरिफ़िया के 77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर प्रस्तुत किया गया जामिया का तराना “यह बाबे हरम है, बाबे हरम” दिखाया गया है। सईदी ब्रदर्स ने ढफ़ की मधुर धुन पर इस तराने को बहुत सादगी, गरिमा और जोश के साथ पेश किया। इस प्रस्तुति से सभा में आध्यात्मिक माहौल और राष्ट्रीय उत्साह पैदा हो गया।

तराने के बोल जामिया आरिफ़िया की वैचारिक, शैक्षिक और आध्यात्मिक पहचान को उजागर करते हैं और सुनने वालों के दिलों में नैतिक मूल्यों को ताज़ा करते हैं। यह प्रस्तुति गणतंत्र दिवस के संदेश—एकता, आपसी सद्भाव और संविधान के प्रति जागरूकता—से पूरी तरह मेल खाती है।

ढफ़ की संतुलित ताल और सामूहिक स्वर ने तराने के प्रभाव को और बढ़ा दिया, जिससे जामिया के वातावरण में आध्यात्मिक आनंद के साथ-साथ देश से जुड़ाव की भावना और मजबूत हुई। यह वीडियो केवल एक कलात्मक प्रस्तुति नहीं है, बल्कि संस्थान की पहचान और राष्ट्रीय मूल्यों के सम्मान को भी दर्शाता है।
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77ᵗʰ Republic Day Celebration
🏫 Jamia Arifia, Saiyed Sarawan
🗓 26ᵗʰ January 2026
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28/01/2026

जामिया आरिफ़िया में गणतंत्र दिवस | M***i Aftab Rashk-e-Misbahi
इस वीडियो में जामिया आरिफ़िया, सैयद सरावां के परिसर में गणतंत्र दिवस के मौके पर हुए कार्यक्रम का सार बताया गया है। इसमें 26 जनवरी के ऐतिहासिक महत्व और भारत के संविधान के लागू होने पर बात की गई। बताया गया कि भारतीय संविधान ने देश के नागरिकों को आज़ादी, बराबरी और अपने तरीके से जीवन जीने का अधिकार दिया है। साथ ही यह भी कहा गया कि संविधान का सम्मान और पालन करना हर नागरिक की जिम्मेदारी है। लोगों को यह समझाने पर ज़ोर दिया गया कि वे अपने अधिकारों को पहचानें और जानें कि संविधान ने उन्हें क्या दिया है।

इसके अलावा, बयान में इस बात की सराहना की गई कि इस्लामी मदरसों और धार्मिक संस्थानों ने आज़ादी की लड़ाई से लेकर संविधान लागू होने के बाद तक उसकी रक्षा और लोगों में जागरूकता फैलाने में अहम भूमिका निभाई है। जामिया आरिफ़िया को एक ऐसे संस्थान के रूप में पेश किया गया जो संविधान का सम्मान करते हुए देश से प्रेम, वफ़ादारी और राष्ट्रीय चेतना को बढ़ावा देता रहा है। अंत में यह बताया गया कि भारत की धार्मिक, भाषाई और सांस्कृतिक विविधता उसकी ताकत है, और इस विविधता को मज़बूत आधार देने का काम भारतीय संविधान करता है।
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77ᵗʰ Republic Day Celebration
🏫 Jamia Arifia, Saiyed Sarawan
🗓 26ᵗʰ January 2026
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27/01/2026

77ᵗʰ Republic Day Celebration 🇮🇳 | جشنِ یومِ جمہوریہ | Jamia Arifia | 26 Jan 2026
00:00 - M***i Aftab Rashk-e-Misbahi | Nizamat
01:00 - Hafiz Zaka Saeeedi | Tilawat
03:40 - Ye Bab-e-Haram Hai Bab-e-Haram | Jamia Taranah
10:15 - Maulana Muhammad Zaki | Speech
22:00 - Dr Zishan Ahmad Misbahi | Speech
41:20 - Sare Jahan Se Achha Hindutan Hamara | Tarana-e-Hindi
47:39 - Indian Flag Unfurling | National Anthem
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77ᵗʰ Republic Day Celebration
🏫 Jamia Arifia, Saiyed Sarawan
🗓 26ᵗʰ January 2026
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