07/03/2024
Student Leaders
छात्र नेता
* भारत की कुल जनसंख्या में 25 वर्ष से कम आयु वालों की संख्या 50 फीसद से अधिक है यही उम्र छात्र जीवन की होती है
* भारत में छात्र राजनीति का इतिहास 200 साल पुराना है
* भारत में कई छात्र नेता है जो भारतीय राजनीति के फलक पर चमक रहे हैं मिलिए ऐसे ही नेताओं से
* सुषमा स्वराज ने 1970 के दशक में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के साथ हरियाणा में राजनीतिक करियर की शुरुआत की थी
* पटना यूनिवर्सिटी से वकालत की पढ़ाई करते हुए लालू प्रसाद यादव पटना यूनिवर्सिटी स्टूडेंट यूनियन के अध्यक्ष बने 1973 में छात्र संघ चुनाव जीते
* ममता बनर्जी 1970 में कोलकाता में कांग्रेस के छात्र संगठन छात्र परिषद के साथ जुड़ी और तेज तरार महिला नेता के तौर पर उभरी
* प्रफुल्ल कुमार महंत असम के गुवाहाटी में वकालत की पढ़ाई करते हुए प्रभावशाली छात्र संगठन अखिल असम छात्र संघ से जुड़े और 1979 में उसके अध्यक्ष भी बने
* बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार इलेक्ट्रॉनिक इंजीनियरिंग की पढ़ाई करते हुए छात्र नेता के तौर पर उभरे और बिहार अभियंत्रण महाविद्यालय स्टूडेंट यूनियन के अध्यक्ष भी रहे
* सीपी जोशी 1973 में राजस्थान के मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय के छात्र संघ के अध्यक्ष थे
* असम के मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल असम गण परिषद से जुड़े 2001 में विधायक बने और 2004 में सांसद
* डी राजा अपने गांव में ग्रेजुएशन की डिग्री लेने वाले पहले छात्र थे वह मद्रास विश्वविद्यालय में पढ़ाई करते हुए छात्र राजनीति से कदम रखें
* अलका लांबा 1995 में एनएसयूआई के टिकट पर चुनाव लड़ी और बड़े अंतर से जीत हासिल की थी
* सपा के कद्दावर नेता आजम खान भी एएमयू छात्र के सचिव रहे थे
* भारत के 9 प्रधानमंत्री चंद्रशेखर भी छात्र नेता से ही राजनीति में आए
* छात्र नेता से आए बीपी सिंह देश के आठवीं प्रधानमंत्री बने वह उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री भी रहे
* आरिफ मोहम्मद खान ने राजनीति में लंबी छलांग लगाई सबसे पहले 1977 में जनता पार्टी से विधायक बने थे
* एएमयू में पढ़े जाकिर हुसैन देश के तीसरे राष्ट्रपति बने थे
* सीताराम येचुरी दो बार जेएनयू छात्रसंघ अध्यक्ष थे
* केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली भी छात्र राजनीति में खासे से सक्रिय रहे हैं 1974 में हुआ एबीवीपी के टिकट पर छात्र संघ चुनाव लड़े और अध्यक्ष बने
* प्रकाश करावत जेएनयू छात्रसंघ के तीसरे अध्यक्ष थे
* बिहार के उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी भी छात्र जीवन से राजनीति में सक्रिय हैं
* पूर्व केंद्रीय मंत्री मनीष तिवारी भी छात्र राजनीति में सक्रिय रहे हैं
* केंद्रीय मंत्री विजय गोयल भी छात्र राजनीति से निकले हैं 1977 में वह दिल्ली विश्वविद्यालय अध्यक्ष का चुनाव जीते थे
29/02/2024
Pryagraj Historical and tourism place..FYI
30/01/2024
Nuclear
आणविक शक्ति (Nuclear Power)
* परमाणु ऊर्जा प्लांटों के माध्यम से आण्विक खनिजों से प्राप्त होने वाली ऊर्जा को परमाणु/आण्विक ऊर्जा कहा जाता है
* भारत में परमाणु शक्ति उत्पन्न करने की आवश्यकता विशेष रूप से अनुभव की जाने लगी है क्योंकि
> कोयले का भंडार जल्दी समाप्त होने का अंदेशा है
> जल शक्ति का अनुमानित स्रोत 762 लाख किलो वाट है
> उद्योगों के लिए पर्याप्त मात्रा में सस्ती चालक शक्ति अपेक्षित है
> भारत में परमाणु खनिज पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है जिनसे शक्ति उत्पादित की जा सकती है
* भारत में पहला परमाणु रिएक्टर अप्सरा 4 अगस्त 1956 को कार्य करने लगा था
* भारत का पहला परमाणु ऊर्जा प्लांट तारापुर (महाराष्ट्र) में 1969 ई. में संयुक्त राज्य अमेरिका के सहयोग से स्थापित किया गया था
* वर्तमान में भारत में निम्नांकित केंद्रों से परमाणु शक्ति उत्पन्न की जा रही है
> तारापुर (मुंबई)
> रावतभाटा (कोटा, राजस्थान)
> कलपक्कम (चेन्नई, तमिलनाडु)
> नरौरा (बुलंदशहर, उत्तर प्रदेश)
> काकरापार (गुजरात)
> कैगा (कर्नाटक)
* भारत में अणु शक्ति उत्पन्न करने वाले प्रमुख खनिज निम्नलिखित हैं
थोरियम, यूरेनियम, इल्मैनाइट, बेरिलियम, जिरकन, ग्रेफाइट, सुरमा
* परमाणु ऊर्जा के उत्पादन के लिए उच्च व जटिल तकनीकी ज्ञान की आवश्यकता होती है
* वर्तमान में भारत की कुल ऊर्जा उत्पादन क्षमता में परमाणु ऊर्जा का योगदान 4% से भी कम है
* परमाणु ऊर्जा के विकास में संलग्न भारतीय संस्थान
> परमाणु ऊर्जा नियामक बोर्ड (AERB)
> उत्खनन व अनुसंधान हेतु परमाणु खनिज निदेशालय (AMD), हैदराबाद
> इन्दिरा गांधी परमाणु ऊर्जा केंद्र (IGCAR), कलपक्कम, तमिलनाडु
> उच्च तकनीक हेतु राजा रमन्ना केंद्र, इंदौर
> वेरिएवल एनर्जी साइक्लोट्रोन सेंटर (VECC), कोलकाता
> भारत स्थित न्यूट्रिनो वेधशाला (INO)
> भारतीय इलेक्ट्रोनिक निगम लिमिटेड (ECIL), हैदराबाद
> भारतीय रियर अर्थ लिमिटेड (IREL), मुंबई
> भारतीय यूरेनियम निगम, सिंहभूम
> भारतीय परमाणु ऊर्जा निगम (NPCIL), मुंबई
> भारतीय नाभिकीय विद्युत निगम लिमिटेड (भाविनी), कलपक्कम, तमिलनाडु
> भारी जल बोर्ड (HWB), मुंबई
> परमाणु ऊर्जा संकुल (NFC), हैदराबाद
> विकिरण एवं समस्थानिक तकनीक बोर्ड (BRIT), मुंबई
> होमी भाभा राष्ट्रीय संस्थान, मुंबई
> टाटा मूलभूत अनुसंधान संस्थान (TIFR), मुंबई
> विज्ञान शिक्षा और अनुसंधान हेतु राष्ट्रीय संस्थान, भुवनेश्वर
> उच्च गणित के लिए राष्ट्रीय बोर्ड (NBHM), नई दिल्ली
> परमाणु ऊर्जा शिक्षा सोसायटी (AEES), मुंबई
> टाटा मेमोरियल केंद्र, मुंबई
> मूलभूत विज्ञानों में उत्कृष्टता हेतु केंद्र (Center for Excellence in Basic Sciences), मुंबई
> साहा परमाणु भौतिकी संस्थान (SINP), कोलकाता
> भौतिकी संस्थान, भुवनेश्वर
> हरीशचन्द्र अनुसंधान संस्थान (HRI), इलाहाबाद
> गणितीय विज्ञान संस्थान (IMSc), चेन्नई
> प्लाज्मा अनुसंधान संस्थान,गांधी नगर
26/01/2024
Nuclear
परमाणु आपूर्तिकर्ता समूह (NSG)
* भारत द्वारा 1974 में किए गए परमाणु परीक्षा के बाद NSG का गठन किया गया था
* NSG 48 देशों का समूह है
* यह समूह परमाणु और उससे संबंधित निर्यात के वैश्विक कारोबार को नियंत्रित करता है
* यदि कोई देश NSG का सदस्य बनना चाहता है तो यह तभी संभव है जब समूह के सभी सदस्य उसके पक्ष में हो
* समूह के सदस्य देश आवेदक के परमाणु अप्रसार के रिकॉर्ड को देखते हुए ही उसे सदस्य बनाने के लिए हामी भरते हैं
* सदस्य देश को सुनिश्चित करना होता है कि परमाणु तकनीक का आयात करने वाले देश इसका इस्तेमाल परमाणु हथियार बनाने में नहीं करेंगे
* तकनीक का आयात करने वाले देश के लिए पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम सुरक्षित करना अनिवार्य है जिससे परमाणु तकनीक की चोरी या दुरूपयोग ना हो सके
* साथ ही परमाणु तकनीक का स्थानांतरण उसी देश में हो सकता है जहां अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी के सुरक्षा मानदंड लागू हो
* यदि सदस्य देश किस देश को परमाणु तकनीक देने से मना करते हैं तो उनके लिए यह बात सभी सदस्यों को बतानी अनिवार होती हैं जिससे वह देश किसी अन्य सदस्य से आयात ना कर पाए
* NSG का कोई मुख्यालय नहीं है इसकी सलाना बैठक होती है
* NSG में शामिल देश दो भिन्न दिशानिर्देशों के जरिए परमाणु और इससे संबंधित निर्यात को नियंत्रित करते हैं
* परमाणु अप्रसार संधि (NPT) इनमें से केवल एक शर्त है अनिवार्यता नहीं
* किसी भी देश को NSG में शामिल होने के लिए NPT पर हस्ताक्षर करना होता है पर फ्रांस इसका अपवाद है
* NPT 190 देशों के बीच हुई ऐसी अंतरराष्ट्रीय संधि है जो परमाणु हथियारों को बनाने या बेचने पर प्रतिबंध लगाती है हालांकि सख्त निगरानी में परमाणु ऊर्जा के शांतिपूर्ण इस्तेमाल की इजाजत देती है
* NPT के मुताबिक केवल संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के पांच स्थाई सदस्य देश (अमेरिका रूस ब्रिटेन चीन और फ्रांस) ही परमाणु हथियार देश हैं दूसरे ना तो इन हथियारों को बना सकते हैं और ना ही खरीद सकते हैं
* भारत 2008 से ही NSG का सदस्य बनना चाहता है पर वह NPT पर हस्ताक्षर नहीं करना चाहता
* अगर भारत NSG का सदस्य बनता है तो उसे मेडिकल क्षेत्र से लेकर न्यूक्लियर पावर प्लांट के निर्माण तक साथ ही मैन्युफैक्चरिंग वाणिज्यक में फायदा होगा
* यदि भारत NSG का सदस्य बन जाता है तो वह पाकिस्तान को इसमें शामिल होने से रोक सकता है
* शुरुआत में NSG के 7 सदस्य थे 1976 से 77 में यह संख्या 15 हुई और 1990 में इसमें 12 अन्य देश भी शामिल हुए चीन 2004 में शामिल हुआ
26/01/2024
Marchent
मर्चेंट नेवी (करियर)
* सेना के विभिन्न अंगों में करियर बनाना तो आम बात है लेकिन एक ऐसा क्षेत्र भी है जो सेना से मिलता-जुलता है जहां आगे बढ़ने और ऑफिसर बनकर शानदार करियर बनाने की अपार संभावनाएं हैं
* मर्चेंट नेवी का नाम आते ही कुछ लोगों के जेहन में आता है कि यह क्षेत्र भारतीय नौसेना से जुड़ा होगा लेकिन ऐसा बिल्कुल नहीं है इसे एक औद्योगिक क्षेत्र कहा जा सकता है
* यह क्षेत्र बहुत बड़ा है और इसमें आते ही लोगों का रोमांचकारी सफर शुरू हो जाता है
* इसमें समुद्री जहाजों के जरिए सामान और यात्रियों को एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचाया जाता है
* इस व्यापक क्षेत्र में सरकारी और प्राइवेट दोनों की ही तरह की कंपनियां काम करती है
* जिन लोगों को देश विदेश घूमने का शौक है और समुद्री लहरों का रोमांचकारी सफर पसंद है वह इस क्षेत्र में करियर बना सकते हैं
* खास बात यह है कि इस क्षेत्र में शुरुआत के साथ ही आगे की पढ़ाई करके खुद को बहुत तेजी से आगे बढ़ाया जा सकता है
* कोई भी अभ्यर्थी अपने लगन और मेहनत से मर्चेंट नेवी में महज 7 साल में कैप्टन के पद तक जा सकता है
* यहां सीमैन और कैडेट से कोर्स की शुरुआत होती है इसके अलावा मरीन साइंस नॉटिकल इंजीनियरिंग ग्रेजुएट मेडिकल इंजीनियर जैसे कोर्स भी किए जा सकते हैं
* यदि आप साडे 17 साल से 25 साल के बीच की आयु के हैं और समंदर की लहरों से टकराने वाले रोमांचकारी क्षेत्र में अपना करियर बनाना चाहते हैं तो मर्चेंट नेवी का फील्ड आपके लिए मुफीद है
* मर्चेंट नेवी में करियर बनाने के लिए ज्यादातर मौके नॉटिकल यानी डेक, इंजीनियरिंग और कैटरिंग के फील्ड में मिलते हैं
* दसवीं पास करने के बाद भी सी ट्रेनिंग इलेक्ट्रिकल ऑफिसर रेडियो ऑफिसर नॉटिकल सर्वेयर पायलट ऑफ शिप और कैप्टश के पदों तक पहुंच सकते हैं
* मर्चेंट नेवी में शामिल होने के लिए न्यूनतम शैक्षिक योग्यता के रूप में 10 वीं पास होना जरूरी है हालांकि 12वीं पास लोगों के लिए भी अलग कोर्स है जो इस क्षेत्र में आगे बढ़ने के नए-नए अवसर देते हैं
* बीटेक और डिप्लोमाधारीयों के लिए भी कोर्स मौजूद है
* मर्चेंट नेवी में करियर की शुरुआत करने के लिए अभ्यर्थी का शारीरिक रूप से स्वस्थ होना भी बेहद जरूरी है
* मर्चेंट नेवी के क्षेत्र में करियर की शुरुआत ही 50 से ₹60000 मासिक सैलरी से होती है
* सीमैन या कैडेट से शुरुआत के बाद इस क्षेत्र में अभ्यर्थी 2 साल की सेवा के बाद ऑफिसर बन सकते हैं 7 साल की सेवा के बाद कैप्टन बन सकते हैं
* क्षेत्र में अधिकारियों की सैलरी ₹1000000 मासिक तक होती है हालांकि इसके लिए नौकरी के साथ-साथ योग्यता बढ़ाना भी जरूरी है
* प्रमुख संस्थान
> श्रीराम इंस्टीट्यूट आफ मरीन स्टडीज दिल्ली
> जामिया मिलिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी दिल्ली
> महर्षि दयानंद यूनिवर्सिटी रोहतक हरियाणा
> गुरु जंभेश्वर यूनिवर्सिटी हिसार हरियाणा
26/01/2024
Ratna of Bharat
भारत रत्न (पुरस्कार)
* भारत रत्न देश का सबसे बड़ा नागरिक सम्मान है
* भारत रत्न की शुरुआत तत्कालीन राष्ट्रपति डॉ राजेंद्र प्रसाद के द्वारा 2 जनवरी 1954 को हुई थी
* भारत रत्न उस व्यक्ति को दिया जाता है जिसने मानवता के लिए किसी भी क्षेत्र में अभूतपूर्व और अप्रत्याशित सेवा का भाव दिखाया हो
* भारत रत्न देते वक्त नस्ल, क्षेत्र, भाषा जाति एवं लिंग पर गौर नहीं किया जाता
* भारत रत्न 26 जनवरी को राष्ट्रपति के द्वारा दिया जाता है
* सबसे पहले 1954 में सर्वपल्ली राधाकृष्णन, सर सीवी रमन, चक्रवर्ती राजगोपालाचारी को Bharat Ratna से सम्मानित किया गया था
* प्रारंभ में इस सम्मान को मरणोपरांत देने का प्रावधान नहीं था 1955 से इसे मरणोपरांत भी दिया जाने लगा
* सबसे पहले मरणोपरांत भारत रत्न लाल बहादुर शास्त्री को दिया गया
* प्रधानमंत्री भारत रत्न के लिए राष्ट्रपति को सिफारिश भेजता है
* जवाहरलाल नेहरू और इंदिरा गांधी को प्रधानमंत्री के पद पर रहते हुए ही यह सम्मान मिला
* 1977 में जनता पार्टी की सरकार ने भारत रत्न देना बंद कर दिया था 1980 में कांग्रेस ने इसे दोबारा शुरू किया
* सुभाष चंद्र बोस की मृत्यु के बाद 1992 में उन्हें भारत रत्न दिया गया लेकिन बाद में वापस ले लिया गया
* यह कहीं नहीं लिखा है कि भारत रत्न सिर्फ भारतीयों को दिया जाएगा
* अब तक दो विदेशियों को यह सम्मान मिल चुका है
> अब्दुल गफ्फार खान, 1987
> नेल्सन मंडेला, 1990
* यह अनिवार्य नहीं है कि भारत रत्न सम्मान प्रतिवर्ष दिया जाएगा
* 1 साल में ज्यादा से ज्यादा 3 व्यक्तियों को भारत रत्न दिया जा सकता है
* भारत रत्न को नाम के साथ पदवी के रूप में इस्तेमाल नहीं किया जा सकता
* भारत रत्न के साथ कोई रकम नहीं दी जाती बस राष्ट्रपति द्वारा हस्ताक्षरित एक प्रमाण पत्र दिया जाता है भारत रत्न में एक मेडल होता है
* इस पदक में तांबे के बने पीपल के पत्ते पर प्लेटिनम का चमकता सूर्य बनाया गया है, जिसके नीचे चाँदी में “भारत रत्न” उकेरित होता है। यह सफ़ेद फीते के साथ गले में पहनाया जाता है
● भारत रत्न के साथ मिलने वाली सुविधाएं
> जीवन भर इनकम टैक्स नहीं भरना पड़ता
> जीवनभर भारत में एयर इंडिया की प्रथम श्रेणी की मुफ्त हवाई यात्रा
> रेलवे में प्रथम श्रेणी में मुफ्त यात्रा
> संसद के बैठको और सत्र में भाग लेने की अनुमति
> कैबिनेट रैंक की बराबर की योग्यता
> जरुरत पड़ने पर जेड ग्रेड की सुरक्षा
> VVIP के बराबर का दर्जा
> देश के अंदर किसी भी राज्य में यात्रा के दौरान राज्य सरकार द्वारा उन्हें स्टेट गेस्ट की सुविधा
> विदेश यात्रा के दौरान भारतीय दूतावास द्वारा हर संभव सुविधा प्रदान की जाती है
> गणतंत्र व स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रमों में विशेष अतिथि के तौर पर भाग ले सकते हैं
> हवाई जहाज ट्रेन या बस में निशुल्क यात्रा कर सकते हैं
> किसी राज्य के भ्रमण पर जाते हैं तो राज्य अतिथि का दर्जा
26/01/2024
Happy Republic Day. May the spirit of freedom inspire us to build a future that is prosperous, just, and inclusive for all. 🌟
On Republic Day, let’s pledge to uphold the ideals of our Constitution and work towards a brighter and more harmonious India. Jai Hind. 🇮🇳 UTPAL HiFi LIBRARY & Team. Thank you
24/01/2024
UPPSC Pryagraj, congratulations 🎉 TOp