बंगाल चुनाव परिणाम तृणमूल ही नहीं भारतीय जनता पार्टी के लिए भी बड़ा सबक है की आप भले ही कितने ही वर्षों तक निरंतर सत्ता में रहो पर जनता का असंतोष एक न एक दिन बाहर आएगा ही।
Daring truth
॥ सत्यम् एव जयते ॥ सत्य धर्माय दृष्टये ।।
Truth for transformation
29/04/2026
यशस्वी प्रधानमंत्री आदरणीय नरेंद्र मोदी जी के संसदीय क्षेत्र की एक घटना जिसमें दुर्घटना हो जाने पर, मनीष सिंह जिससे दुर्घटना हुई थी वो स्वयं उतर कर दुर्घटनाग्रस्त महिला की सहायता के लिए नीचे उतरता है और उपस्थित लोगों से कहता है की महिला को अस्पताल ले चलने में सहायता करें और इलाज का जो भी खर्च हो वह स्वयं वहन करेंगे पर वहां भीड़ में उपस्थित लोगों ने (सभी तथाकथित शोषित तबके से थे) उस व्यक्ति को इतना पीटा इतना पीटा जिससे उसकी मृत्यु हो गई। हम यहां ये नहीं कह रहे की मनीष सिंह की गलती नहीं थी, उस गलती के लिए उचित वैधानिक कार्यवाही करनी चाहिए थी पर वहां के लोगों ने जो भी किया वो सिर्फ सड़क दुर्घटना की प्रतिक्रिया नहीं है, वो राजनेताओं द्वारा समाज में बोए गए नफरत के बीज का परिणाम है जिसमें सवर्णों को शोषक दिखाया गया है। जिस तरीके से राजनीतिक दल और जातिवादी नेता अपने फायदे के लिए बढ़ा चढ़ाकर चीजे प्रस्तुत करते है और जनता के के मन मस्तिष्क में जातिगत शोषण का गोबर इतना भर दिया गया है की उन्हें अब हर सवर्ण उनका दुश्मन और शोषक ही नजर आता है इसी जातीय वैमनस्यता का परिणाम एक व्यक्ति को अपने प्राणों से चुकाना पड़ा। समाज में सौहार्द बढ़ाना चाहिए जातिगत वैमनस्यता को कम करना चाहिए। नेताओं के बहकावे में आकर अपने आस पड़ोस और परिचितों के साथ किसी भी प्रकार का बैर नहीं रखना चाहिए, वो चाहे किसी भी जाति, वर्ग या धर्म का हो उसके साथ प्रेम और सौहार्द के साथ रहना चाहिए, सभी का सम्मान करना चाहिए फिर वो किसी भी जाति या धर्म के हो।
Amar Ujala
26/04/2026
सूचना पुरानी है पर अत्यंत आवश्यक हैं। साक्षात देव स्वरूप ज्योति का स्थान कोई ज्योति स्वरूप ( कृत्रिम अग्नि मॉडल) नहीं ले सकता है। धर्म के साथ खिलवाड़ करने में तथाकथित धर्मरक्षक दल ही सबसे आगे है, जब ये मंदिर निर्माण का श्रेय ले रहे है तो मंदिर में हो रही इस प्रकार की शास्त्र विरुद्ध परम्परा का श्रेय भी लेना चाहिए। राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के आधिकारिक सोशल मीडिया से ये सूचना निर्गत की गई है अतः इसको भ्रामक या असत्य मानने का कोई सवाल ही नहीं है।
Bharatiya Janata Party (BJP) #राम #रामजन्मभूमि #अयोध्या
25/04/2026
जैसे जैसे समय बीत रहा है ये तय होता जा रहा है की कमल छाप पार्टी का उद्देश्य येन केन प्रकारेंण विपक्ष का सफाया करना और एक छत्र राज्य स्थापित करना है।
जो नेता कल तक एक पार्टी को पानी पी पीकर गरियाते नहीं थकते थे उन्होंने आज उसी का दामन थाम लिया।
Narendra Modi Bharatiya Janata Party (BJP) Amit Shah Nitin Nabin
Raghav Chadha Aam Aadmi Party Aam Aadmi Party - Punjab Sanjay Singh Bhagwant Mann Arvind Kejriwal
#राजनीति_में_सब_जायज़_हैं
24/04/2026
भारत को नए भगवान मिलने की बधाई, मोदी जी का मंदिर तो बन ही चुका है अब योगी जी का भी बन जाता तो अच्छा रहता। हिंदू धर्म के तथाकथित रक्षक अब भगवान के विग्रहों को पत्थर कह रहे है .....चलो अच्छा ही है
Narendra Modi Bharatiya Janata Party (BJP)
Navbharat Times Online
Hero worship is the biggest threat to democracy ....Dr. B.R. Ambedkar
आजकल जिस तरह से लोग जगद्गुरु बन रहे हैं हमें भी लगता ह है की धर्म और समाज की रक्षा में विशेष योगदान देने के कारण स्वयं को ब्रह्मांड गुरु की उपाधि दे देनी चाहिए।
17/03/2026
बिल्ली के आने पर कबूतर आंखे बंद कर लेता है और सोचता है की बिल्ली चली गई। वस्तुस्थिति से बहुत दूर है अखबारों की ये सुर्खियां आम उपभोक्ता भारी संकट से जूझ रहे है। सिलेंडर बुक करने पर या तो बुकिंग कन्फर्मेशन का मैसेज ही नहीं आ रहा है और आ भी जा रहा है तो डिलीवरी ही नहीं मिल रही।
PMO India Narendra Modi
#चित्र_साभार
15/03/2026
भाजपा के नेता और समर्थक जिस तरीके से ब्राह्मण हितैषी होने का नाटक कर रहे है और इस व्यर्थ के मुद्दे पर घड़ियाली आंसू बहा रहे है, इससे स्पष्ट परिलक्षित हो रहा है की ये अपने खिलाफ बढ़ रही जनाक्रोश की आग को थूक कर बुझाना चाह रहे है। इस प्रश्न में अगर पंडित शब्द आया भी है तो वो दिए गए वाक्यांश के सही उत्तर के तौर पर नहीं है इसलिए किसी को कोई दिक्कत नहीं होनी चाहिए, नेताओं के पीछे भीड़चाल में चलना छोड़े। हालांकि ऐसे मुद्दों को हवा देने की शुरुआत अन्य जातियों ने बहुत पहले ही कर दी थी जहां काशी नरेश विश्विद्यालय के स्नातक प्रथम वर्ष के प्राचीन इतिहास के सामान्य से प्रश्न "चंद्रगुप्त मौर्य की जाति उत्पत्ति का विश्लेषण करिए"( प्रश्न के शब्द हूबहू नहीं है पर आशय यही था) को इतना तूल दिया गया की प्रशासन ने प्रश्नपत्र बनाने पर जांच बैठा दी। जिसने भी कभी जीवन में प्राचीन इतिहास पढ़ा है वो जानता है की राजवंशों के उत्पत्ति के विषय में जानना और बात करना खासकर तब जब उनकी उत्पत्ति और वंश स्पष्ट नहीं है उनके विषय में साक्ष्य सहित विभिन्न पक्षों को रखना बहुत ही सामान्य बात है इसमें किसी को मुंह नहीं फुलाना चाहिए। ठीक उसी तरह ये जो प्रश्न है इसमें भी किसी भी तरीके से ब्राह्मण अथवा पंडित को बुरा नहीं कहा गया है सिर्फ पंडित शब्द चार में से एक विकल्प के तौर पर है और वह भी गलत विकल्प तो इसमें इतने घड़ियाली आंसू बहाना इन माननीयों और सामान्य व्यक्तियों के लिए सही नहीं है। ये वही उप मुख्यमंत्री है जिनसे जब यूजीसी के विषय में पूछा जा रहा था तो ये किस तरीके से सवालों की सीधे अनदेखा कर रहे थे आज बड़के ब्राह्मण हितैषी बने है। 1008.Guru शंकराचार्य स्वामी श्री अविमुक्तेश्वरानंद वाले मुद्दे पर इन लोगों से बोला नहीं जा रहा था और अब जब बात ही नहीं होनी चाहिए थी तो बेवजह नाटक कर रहे है।
नोट -चित्र साभार
बुंदेलखंड का एक छोटा सा गांव इस समय बड़ी चर्चा का विषय है कारण एक नामी पत्रकार ने एक पुस्तकालय का उद्घाटन करवाया है गांव के लोगों के लिए, इस उद्घाटन समारोह में देश भर से बड़ी बड़ी हस्तियां पधारी थी, इन्हीं हस्तियों में से एक जो जाने माने कवि है फिलहाल कथावाचक बन गए है ने अपने संबोधन में एक राज्य के उपमुख्यमंत्री के लिए कुछ बाते कही। इन्हीं बातों को लेकर सोशल मीडिया उनकी आलोचना कर रहा है पर कायदे से देखा जाए तो जब इन शब्दों से माननीय उपमुख्यमंत्री जी को कोई समस्या नहीं हुई और वो स्वयं कुछ बोल नहीं रहे तो बेवजह सोशल मीडिया में बखेड़ा खड़ा करने का कोई औचित्य नहीं है।
Dr. Kumar Vishwas Brajesh Pathak Saurabh Dwivedi
22/02/2026
पांच सौ करोड़ रुपए से प्रतिमाओं को भव्य स्वरूप देकर वोट बटोरने की रणनीति से बेहतर होता आप ये पैसा दलित बस्तियों में मूलभूत सुविधाएं पहुंचाने के लिए करते, आज भी एक बड़ा तबका है जिसे न ढंग के स्कूल मिलते है और न ढंग का अस्पताल, कुछ लोग जो रोजी रोटी के चक्कर में घर छोड़कर दिन रात चंद पैसों के लिए मजदूरी करते है उन बेचारों के बच्चे भी न पढ़ पाते है और न ही उनका सही विकास ही हो पाता है, उनके लिए सरकार कुछ कर रही है या सिर्फ वोट के लिए ही काम होगा? यही लोग जब विपक्ष में थे तो बसपा सुप्रीमो मायावती को मूर्तियां बनवाने के लिए कोस रहे थे पर अब क्या हुआ
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