27/08/2023
मेरे हृदय प्रिय मौका मिलने पर मित्रों की भरपूर खिंचाई करने वाले बहुआयामी कलाकार मित्र को जन्मदिन की ढेर सारी शुभकामनाएं स्वस्थ रहें खुश रहे मौज में रहे
mujhe lut hai kuch karne ki kya aap saath denge
mujhe lut hai kuch bolne ki kya aap bhi bolenge
chalo mil ke bolen kuch samajhne ke liye...........
27/08/2023
मेरे हृदय प्रिय मौका मिलने पर मित्रों की भरपूर खिंचाई करने वाले बहुआयामी कलाकार मित्र को जन्मदिन की ढेर सारी शुभकामनाएं स्वस्थ रहें खुश रहे मौज में रहे
26/07/2017
विश्वविद्यालय में प्रवेश प्रक्रिया प्रारंभ हो गई है , नवागन्तुक प्रवेशी कौतूहल भरी नजरों से प्रत्येक इमारत को निहार रहे है मेरे एक परिचित छात्र के हाथ में जब हॉस्टल का फॉर्म देखा तो सहसा मुझे मेरा वो दिन याद आ गया
जनवरी बीत रही थी उस समय सूरज खिड़कियों से झाँकता भर था । सर्द हवाएं शरीर के तापमान को गिराने के लिए आतुर रहती थी और हम ऊनी कपड़ों से पटे रहते थे । उस दिन बादल भी मेहरबान हो गये थे और पानी की बौछारें रह-रह के मार देते थे। हम लोग भी बादलो के साथ लुका छिपी खेल रहें थे , जब वो बरसे हम छिप जाये और जब रुके तो निकल आयें, ऐसा करते -करते हम लाइब्रेरी से सिनेट हॉल, छात्र अधिष्ठाता कल्याण , पूछताछ काउंटर ,यूनियन हॉल गेट से होते हुए कटरा की तरफ निकलें । उस खूबसूरत ग्वालियर के महल जैसा अप्रतिम सुंदर इमारत को निहारते हुए आगे बढ़ा जा रहा था , तभी मेरी नजर मेरे एक पूर्व परिचित शख़्स पे पड़ी और उसी समय उन्होंने भी मुझे देख लिया । औपचारिक बातचीत के बाद मैंने उनसे पूछ लिया यहाँ कैसे , जवाब था यही हॉस्टल मुझे एलाट हुआ हैं । यह सुनते ही एक अजीब सी गुदगुदी होने लगी (क्योकि प्रवेश परीक्षा में मेरा नम्बर उनसे ज्यादा था अतः एहसास हुआ कि मेरा भी होगा ) मैंने पूछा कैसे हुआ उन्होंने प्रक्रिया बताई और मैं अपने मित्र अभिषेक के साथ उल्टे पाँव dsw की तरफ भागा। इस बीच बादलो ने अपने कार्य मे गति ला दी और शुरू हो गए लेकिन इस बार हम नहीं छिपे बस दौड़ते रहे , और हमारी दौड़ ऑफिस में जाके ही रुकी । महेंद्र बाबू बैठे थे हालांकि मैं तब उन्हें नही जानता था । और हाँफते हुए जानकारी माँगी । हॉस्टल लिस्ट में मेरा नाम था लेकिन इस बीच मैं पूरी तरह से भीग चुका था और शर्दी मुझे अपने आगोश में लेने लगी थी।
मेरे हृदय स्थल से यह मेरा पहला साक्षात्कार था।
शेष ....…............................
26 January 2017 के शुभ अवसर पर छात्रावास के संरक्षक प्रो० नरेंद्र शुक्ला सर व अधीक्षक डॉ० शैलेंद्र मिश्र जी का उद्बोधन अंतेवासियो को प्राप्त हुआ।
इस महान पर्व की सभी को हार्दिक बधाई
01/01/2017
*आशावादी* (सकारात्मक) होना सिर्फ एक शब्द नहीं है, यह एक प्रतिक्रिया और *पूरे दिन अच्छी* तरह से जीने का *विश्वास* है। *आज सुबह* एक अच्छी *सकारात्मक सोच* के साथ *दिन की* व *नये साल शुरूआत* करें॥
allahabad university ki condition ka jimmedar kaun.....?
teacher ......?
student.........?
student union........?
whole institution.........?
What do u think explain ............