16/08/2014
व्यंग्य -----
'RED DATA LIST' OF - JUNE, 2014
01- पंजाबी ------- विलुप्त भाषा.
02- बंगाली--------- विलुप्ति की कगार पर.
03- मराठी ---------केवल चुनावी जंगल में शेष बची है.
04- गुजराती -------इसे केवल एक विशेष प्राणी ही बोल सकता है.
05- तमिल---------- केवल चैन्नई के कुछ इलाकों में सुनाई देने के आसार हैं.
06- कन्नड़ --------- इसके केवल 14 प्राणी ICU में बचे हैं.
07- तेलुगु -----------दो प्राणियों की अफ़वाह है.
08- उर्दू ------------- आखिरी दफ़ा नवाब साहब के बगीचे में देखी गई थी, सन १८५७ में.
09- ओडिया, मणिपुरी, कश्मीरी, कोंकणी, असमिया को मिस्र के पिरामिडों में खोजा जा रहा है. अवशेष मिलते ही 'द हिन्दू' में प्रकाशित किये जायेंगे.
10-संस्कृत ----------- इसे आखिरी बार चुनावी शपथ समारोह तथा शादी के मंत्रोच्चारण में सुना गया था, हालाँकि व्याकरण का पूर्ण अभाव था.
11- हिंदी ------------ केवल 26 प्राणी जून, 2014 में देखे गये थे, लेकिन उसके बाद से लापता हैं. हालाँकि प्रधान संपादक डी.पी. अग्रवाल से पुख्ता संकेत मिले हैं कि आने वाले जून माह तक हिंदी पूर्ण रूप से विलुप्त हो जाएगी और इन सभी सूचनाओं की पुष्टि मंत्री जीतेन्द्र सिंग द्वारा की जा चुकी है.
----------------इन सभी प्राणियों को बचाने के लिये IUCN की दो एजेंसियाँ गठित हुई है, लेकिन उनमें शक्तियों का उचित बंटवारा न होने की वजह से कार्ययोजना आगे नहीं बढ़ पा रही है. आने वाली 24 अगस्त से एक बार फिर इन प्राणियों में जनगणना प्रारम्भ होगी, जिसके अनंतिम आंकडे मार्च में तथा अंतिम आंकड़े जून, 2015 तक आने की संभावना है.