15/02/2026
इस समय देश जिस मोड़ पर है वहां से विकास के सारे रास्ते बंद हो जाते हैं, हर एक व्यक्ति को महसूस हो रहा है कि अगला बस कत्ल करने के लिये आ रहा है, भारत मां दुःखी है उनकी संताने आपस में भूखे कुत्तों की तरह लड़ रही हैं। देश एक परिवार की तरह होता है लेकिन अगर परिवार में अविश्वास बढ़ जाए तो सही समय पर बंटवारा उचित हो जाता है क्योंकि न होने पर ये बाद में खूनी रंजिश में बदल जाता है। माँ दुखी है लेकिन वो इसके बाद जो खून खराबे का दौर शुरू होने वाला है वो मां के लिये और भी ज्यादा दुःख देने वाला हो. मां माफ़ करना लेकिन अपने भाइयों समान्य/ओबीसी/SC ST को बचाने का इस से बेहतर रास्ता नहीं। सामान्य वर्ग एक नई शुरुआत करेगा ,पृथक आर्यावर्त के साथ... अखंड भारत का सपना धूल धूसरित हुआ..
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