28/07/2022
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छात्र केंद्रीय विश्वविद्यालय इलाहाबाद
28/07/2022
01/12/2021
1 साल पूरा करने पर इलाहाबाद विश्वविद्यालय की अलोकप्रिय, अलोकतांत्रिक और तानाशाह कुलपति प्रो संगीता श्रीवास्तव को हमारी तरफ से हार्दिक बधाई । 29 लाख की इनोवा क्रेटा Z प्लस मॉडल पर चलने वाली और इलाहाबाद विश्वविद्यालय में अपने ही जाति को बढ़ावा देने वाली, छात्रों को राक्षस कहने वाली और इलाहाबाद विश्वविद्यालय को मुर्दा विश्वविद्यालय कहने वाली कुलपति महोदय प्रोफ़ेसर संगीता श्रीवास्तव को हमारी तरफ से हार्दिक बधाई । कोरोना में छात्रों को मरने के लिए छोड़ देने वाली कुलपति को बधाई । मैड़म जी हम तो उम्मीद करते हैं कि आप कुलपति के गौरवशाली आसन का सम्मान बचाएं रखेंगी और भविष्य में छात्रों से संवाद करेंगे । और कोई भी ऐसा फैसला नहीं लेंगे जिससे हम हजारों छात्रों को कष्ट सहना पड़े।
30 नवंबर 2020 को प्रोफेसर संगीता श्रीवास्तव ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय के कुलपति का दायित्व संभाला था। हम 1 साल बाद आम छात्रों की तरफ से आप का रिपोर्ट कार्ड प्रस्तुत करना चाहते हैं और साथ में कुलपति के चमचों से उम्मीद करते हैं कि अगर हमारे आरोप झूठे हैं तो इन आरोपों का खंडन करें।
कुलपति महोदय पर हमारे आरोप ....
1.पहला आरोप 135 वर्षों में इलाहाबाद विश्वविद्यालय की पहली महिला कुलपति बनने का आपको गौरव हासिल हुआ सबसे ज्यादा उम्मीदें छात्राओं को थी की महिला हैं आप महिला का दुख दर्द समझेंगे लेकिन सबसे घोर निराशा महिला छात्रावास में रहने वाली छात्राओं को हुआ है जो कि अपने ही छात्रावास में पेयजल और भोजन की खराब व्यवस्था से जूझ रही हैं वह इलाहाबाद में आकर अपने रिश्तेदारों के यहां रह रही हैं लेकिन अपने ही छात्रावासों में रहने के लिए उनको आपके तुगलकी फरमानो के द्वारा इजाजत नहीं दी गई दुर्भाग्य है कि आज तक आपने इलाहाबाद विश्वविद्यालय में पढ़ने वाले छात्राओं के लिए आज तक कुछ नहीं किया
2.मेरा दूसरा आरोप इलाहाबाद विश्वविद्यालय में संविदा कर्मी की नियुक्ति में दो करोड़ के लेन देन का वीडियो वायरल हुआ उस वीडियो में एक प्राइवेट एजेंसी के व्यक्ति के द्वारा आपके ऊपर दो करोड़ रुपए लेने का आरोप लगा आप से पूछना चाहता हूं की आपने सन फैसिलिटी प्राइवेट लिमिटेड सर्विसेज को टेंडर दिया जोकि उस कंपनी की लेबर लाइसेंस की अवधि समाप्त हो चुकी थी टेंडर अप्लाई करने वालों की शॉर्ट लिस्टिंग की गई जिसमें से छह योग्य थे तो आपने ऐसे भ्रष्ट, फ्रॉड गिरी करने वाली सन फैसिलिटी प्राइवेट लिमिटेड सर्विसेज को टेंडर क्यों एलार्ट कर दिया
जबकि उस कंपनी के पास शैक्षणिक संस्थानों के लिए 3 सालों का अनुभव सर्टिफिकेट भी नहीं था
3.मेरा तीसरा आरोप है कि आप विश्वविद्यालय के चंद चाटुकारों से घिरी हुई है। आप आज चाटुकार मंडली के अलावा किसी से मिलना नहीं चाहती है । ना किसी छात्र से किसी प्रकार से संवाद करना चाहती हैं।
4.मेरा चौथा आरोप है कि आप की अक्षमता के कारण इलाहाबाद विश्वविद्यालय एनआईआरएफ की टॉप 200 की रैंकिंग से भी बाहर है. क्या आप इस का नैतिक दायित्व लेंगी
5. हमारा पांचवा आरोप है कि आप सिर्फ अपनी सुविधाओं का ध्यान रखती हैं आप 29 लाख की इनोवा क्रेटा टॉप जेड प्लस मॉडल पर चलती है पर इस बात की चिंता नहीं करती हैं कि छात्रावासों में मेष भी चलता है या नहीं । छात्रावासों के वाटर कूलर से साफ पानी आता है कि नहीं। कुलपति महोदय आप सिर्फ अपनी छवि चमकाने के लिए प्रयासरत रहती हैं । और प्रोफेसर रतनलाल हंगलू के किए गए कार्यों का फीता काट काटकर इसका श्रेय लेती है। आपने पिछले 1 साल में कौन से काम किए हैं ।। यह सारे छात्र आपसे जानना चाहते हैं
6. जब विश्वविद्यालय के हजारों छात्र डीएसडब्ल्यू ऑफिस के सामने आज 9 दिनों से धरना प्रदर्शन करते हैं. कड़कड़ाती ठंड में भी रात रात भर छात्र डीएसडब्ल्यू के सामने सोए रहते हैं फिर भी आप हॉस्टल की मनमानी फीस को वापस क्यों नहीं लेती हैं ।
7.हम आप पर आरोप लगाते हैं की आपके पास नीति निर्णय पालिसी डिसीजन का कोई अनुभव नही है। कोरोना काल में विश्वविद्यालय में न परीक्षाएं ढंग से हो पाई न ऑनलाइन तरीके से कक्षाएं संपन्न हो पाए। आप ने हजारों छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया है ।
8.क्या आप इस बात से इनकार करेंगे कि आपने इलाहाबाद विश्वविद्यालय के सारे प्रशासनिक पदों पर अपनी ही जाति के लोगों को भर दिया है । प्रॉक्टर से लेकर osd तक और मेडिकल बोर्ड के चेयरमैन से लेकर डीन सीडीसी तक क्या आप की जाति के ही लोग मिले आपको।
9.कोरोना काल में आपके कारण विश्वविद्यालय के हजारों छात्र को हॉस्टल से निकाल कर सड़क पर फेंक दिया गया । क्या आप इसकी जिम्मेदारी लेंगे कुलपति महोदया जी । आपने कोरोना में सिर्फ मीठी मीठी बातें कि, कोरोना काल में मेरे द्वारा कई ज्ञापन आपको दिया गया परंतु आज तक छात्र छात्राओं के लिए न तो कोविड सेंटर खोलने की व्यवस्था की गई और न ही विश्वविद्यालय परिसर में थर्मल टेस्टिंग यंत्र व टनिल मशीन की व्यवस्था की गई ।
10. कुलपति महोदय आपका कोरोना काल में एक बयान आता है कि जितने बड़े लोग हैं उन्होंने अपना टीकाकरण करवा लिया, मैंने भी करवा लिया और आप सब भी करवा लीजिए आप इलाहाबाद विश्वविद्यालय की कुलपति हैं क्या आप की नैतिक जिम्मेदारी नहीं बनती है कि इलाहाबाद विश्वविद्यालय में पढ़ने वाले सभी छात्र छात्राओं को टीकाकरण करवाया जाए कुलपति छात्रों का अभिभावक होता है और अभिभावक की नैतिक जिम्मेदारी होती है कि अपनी मूलभूत सुविधाओं से पहले अपने बच्चों का ध्यान दें अपने बच्चो के मूलभूत सुविधाओं को पूर्ण करें किंतु कोविड टीकाकरण को लेकर आपको सैकड़ों ज्ञापन मेरे द्वारा दिया गया लेकिन आज तक इलाहाबाद विश्वविद्यालय में टीकाकरण सेंटर नहीं खोला गया
11. इलाहाबाद विश्वविद्यालय में दीक्षांत समारोह आपके द्वारा आयोजित किया जाता है उस दीक्षांत समारोह में सम्मिलित होने के लिए न तो शिक्षकों को अनुमति थी, और न ही छात्र छात्राओं को वहीं दूसरी तरफ उसी दीक्षांत समारोह में अनपढ़ मंत्रियों को बैठाया गया बीजेपी के कई बड़े नेताओं को बैठाया गया जिसका विश्वविद्यालय से दूर-दूर तक कोई लेना-देना नहीं था साथ ही साथ इलाहाबाद विद्यालय के सीनेट हाल गरिमा तब तार-तार हो गई जब उस ऐतिहासिक सीनेट हाल में चल रहे दीक्षांत समारोह में एक लूकरगंज का पार्षद भी बैठा मिला।
12. इलाहाबाद विश्वविद्यालय कि कुलपति महोदया को आजान से खलबली मचती है किंतु इलाहाबाद विश्वविद्यालय परिसर के छात्रसंघ भवन पर आज विगत 497 दिनों से छात्र गांधीवादी तरीके से, अहिंसात्मक तरीके से धरने पर बैठे हैं किंतु आज तक कुलपति महोदया के कान में जूं तक नहीं रेंगा।
13. इलाहाबाद विश्वविद्यालय में दीक्षांत समारोह के नाम पर एक विशेष पार्टी के लोगों को बुलाना,इलाहाबाद विश्वविद्यालय को छावनी में तब्दील करा देना, गांधीवादी तरीके, अहिंसात्मक तरीके धरने पर बैठे छात्रों पर बर्बरता पूरक लाठीचार्ज करवाना छात्रों को पुलिस के हिरासत में ढकेल देना आपका यह क्रूरता वादी आचरण ही आपकी साल भर की उपलब्धि रही है।
14. इलाहाबाद में बढ़ते डेंगू के प्रकोप से बचने के लिए कुलपति महोदया को कई बार ज्ञापन के माध्यम से अवगत कराया गया की महिला छात्रावास समेत सभी छात्रावासों में, विश्वविद्यालय परिसर में, शिक्षक आवासों में, कर्मचारी आवासों, में फागिंग की व्यवस्था कराई जाए किंतु आज कुलपति महोदया ना तो मेरे पत्र को संज्ञान में लिया गया और न ही किसी छात्रावासों में फागिंग कराई गई, अंततः मेरे द्वारा ही सभी छात्रावासों कर्मचारी आवासों में फागिंग कराई गई
कुलपति महोदय हमारी बहुत इच्छा थी कि हम आपको अपनी शुभकामनाएं देते । पर आपने कुलपति की गरिमा का न सिर्फ पतन किया है बल्कि आपने आम छात्रों की तरफ से भी मुंह मोड़ लिया है। याद रखिएगा कि आने वाला इतिहास बहुत कठोरता से आपका मूल्यांकन करेगा। और आपकी एक-एक बात को हम सारे छात्र हमेशा याद रखेंगे। अभी भी आपके पास वक्त है अपने कार्य प्रणाली में सुधार कीजिए और इलाहाबाद विश्वविद्यालय के पुराने गौरव को वापस लाने के लिए सच्चे दिल से प्रयास कीजिए । अगर आप छात्रों की तरफ एक कदम बढ़ाएंगे तो हम आपके और सौ कदम बढ़ाएंगे ।
[11/30, 5:01 PM] अजय यादव सम्राट: अनशन कारियों ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय के कुलपति के कार्य पद्धति पर उठा दिए सवाल 135 वर्षों में पहली कुलपति महिला कुलपति से छात्राओं की थी बहुत उम्मीद पर हाथ लगी निराशा छात्र हित तो दूर छात्र उत्प्रीड़क निकाली कुलपति
प्रकाशनार्थ इलाहाबाद विश्वविद्यालय में छात्रसंघ भवन पर छात्रसंघ बहाली की मांग को लेकर चल रहे संयुक्त संघर्ष समिति के नेतृत्त्व में छात्र नेता अजय यादव सम्राट के अगुवाई में छात्रसंघ बहाली के आंदोलन का 497वां दिन भी जारी रहा।
1 साल पूरा करने पर इलाहाबाद विश्वविद्यालय की अलोकप्रिय, अलोकतांत्रिक और तानाशाह कुलपति प्रो संगीता श्रीवास्तव को हमारी तरफ से हार्दिक बधाई । 29 लाख की इनोवा क्रेटा Z प्लस मॉडल पर चलने वाली और इलाहाबाद विश्वविद्यालय में अपने ही जाति को बढ़ावा देने वाली, छात्रों को राक्षस कहने वाली और इलाहाबाद विश्वविद्यालय को मुर्दा विश्वविद्यालय कहने वाली कुलपति महोदय प्रोफ़ेसर संगीता श्रीवास्तव को हमारी तरफ से हार्दिक बधाई । कोरोना में छात्रों को मरने के लिए छोड़ देने वाली कुलपति को बधाई । मैड़म जी हम तो उम्मीद करते हैं कि आप कुलपति के गौरवशाली आसन का सम्मान बचाएं रखेंगी और भविष्य में छात्रों से संवाद करेंगे । और कोई भी ऐसा फैसला नहीं लेंगे जिससे हम हजारों छात्रों को कष्ट सहना पड़े।
30 नवंबर 2020 को प्रोफेसर संगीता श्रीवास्तव ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय के कुलपति का दायित्व संभाला था। हम 1 साल बाद आम छात्रों की तरफ से आप का रिपोर्ट कार्ड प्रस्तुत करना चाहते हैं और साथ में कुलपति के चमचों से उम्मीद करते हैं कि अगर हमारे आरोप झूठे हैं तो इन आरोपों का खंडन करें।
कुलपति महोदय पर हमारे आरोप ....
1.पहला आरोप 135 वर्षों में इलाहाबाद विश्वविद्यालय की पहली महिला कुलपति बनने का आपको गौरव हासिल हुआ सबसे ज्यादा उम्मीदें छात्राओं को थी की महिला हैं आप महिला का दुख दर्द समझेंगे लेकिन सबसे घोर निराशा महिला छात्रावास में रहने वाली छात्राओं को हुआ है जो कि अपने ही छात्रावास में पेयजल और भोजन की खराब व्यवस्था से जूझ रही हैं वह इलाहाबाद में आकर अपने रिश्तेदारों के यहां रह रही हैं लेकिन अपने ही छात्रावासों में रहने के लिए उनको आपके तुगलकी फरमानो के द्वारा इजाजत नहीं दी गई दुर्भाग्य है कि आज तक आपने इलाहाबाद विश्वविद्यालय में पढ़ने वाले छात्राओं के लिए आज तक कुछ नहीं किया
2.मेरा दूसरा आरोप इलाहाबाद विश्वविद्यालय में संविदा कर्मी की नियुक्ति में दो करोड़ के लेन देन का वीडियो वायरल हुआ उस वीडियो में एक प्राइवेट एजेंसी के व्यक्ति के द्वारा आपके ऊपर दो करोड़ रुपए लेने का आरोप लगा आप से पूछना चाहता हूं की आपने सन फैसिलिटी प्राइवेट लिमिटेड सर्विसेज को टेंडर दिया जोकि उस कंपनी की लेबर लाइसेंस की अवधि समाप्त हो चुकी थी टेंडर अप्लाई करने वालों की शॉर्ट लिस्टिंग की गई जिसमें से छह योग्य थे तो आपने ऐसे भ्रष्ट, फ्रॉड गिरी करने वाली सन फैसिलिटी प्राइवेट लिमिटेड सर्विसेज को टेंडर क्यों एलार्ट कर दिया
जबकि उस कंपनी के पास शैक्षणिक संस्थानों के लिए 3 सालों का अनुभव सर्टिफिकेट भी नहीं था
3.मेरा तीसरा आरोप है कि आप विश्वविद्यालय के चंद चाटुकारों से घिरी हुई है। आप आज चाटुकार मंडली के अलावा किसी से मिलना नहीं चाहती है । ना किसी छात्र से किसी प्रकार से संवाद करना चाहती हैं।
4.मेरा चौथा आरोप है कि आप की अक्षमता के कारण इलाहाबाद विश्वविद्यालय एनआईआरएफ की टॉप 200 की रैंकिंग से भी बाहर है. क्या आप इस का नैतिक दायित्व लेंगी
5. हमारा पांचवा आरोप है कि आप सिर्फ अपनी सुविधाओं का ध्यान रखती हैं आप 29 लाख की इनोवा क्रेटा टॉप जेड प्लस मॉडल पर चलती है पर इस बात की चिंता नहीं करती हैं कि छात्रावासों में मेष भी चलता है या नहीं । छात्रावासों के वाटर कूलर से साफ पानी आता है कि नहीं। कुलपति महोदय आप सिर्फ अपनी छवि चमकाने के लिए प्रयासरत रहती हैं । और प्रोफेसर रतनलाल हंगलू के किए गए कार्यों का फीता काट काटकर इसका श्रेय लेती है। आपने पिछले 1 साल में कौन से काम किए हैं ।। यह सारे छात्र आपसे जानना चाहते हैं
6. जब विश्वविद्यालय के हजारों छात्र डीएसडब्ल्यू ऑफिस के सामने आज 9 दिनों से धरना प्रदर्शन करते हैं. कड़कड़ाती ठंड में भी रात रात भर छात्र डीएसडब्ल्यू के सामने सोए रहते हैं फिर भी आप हॉस्टल की मनमानी फीस को वापस क्यों नहीं लेती हैं ।
7.हम आप पर आरोप लगाते हैं की आपके पास नीति निर्णय पालिसी डिसीजन का कोई अनुभव नही है। कोरोना काल में विश्वविद्यालय में न परीक्षाएं ढंग से हो पाई न ऑनलाइन तरीके से कक्षाएं संपन्न हो पाए। आप ने हजारों छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया है ।
8.क्या आप इस बात से इनकार करेंगे कि आपने इलाहाबाद विश्वविद्यालय के सारे प्रशासनिक पदों पर अपनी ही जाति के लोगों को भर दिया है । प्रॉक्टर से लेकर osd तक और मेडिकल बोर्ड के चेयरमैन से लेकर डीन सीडीसी तक क्या आप की जाति के ही लोग मिले आपको।
9.कोरोना काल में आपके कारण विश्वविद्यालय के हजारों छात्र को हॉस्टल से निकाल कर सड़क पर फेंक दिया गया । क्या आप इसकी जिम्मेदारी लेंगे कुलपति महोदया जी । आपने कोरोना में सिर्फ मीठी मीठी बातें कि, कोरोना काल में मेरे द्वारा कई ज्ञापन आपको दिया गया परंतु आज तक छात्र छात्राओं के लिए न तो कोविड सेंटर खोलने की व्यवस्था की गई और न ही विश्वविद्यालय परिसर में थर्मल टेस्टिंग यंत्र व टनिल मशीन की व्यवस्था की गई ।
10. कुलपति महोदय आपका कोरोना काल में एक बयान आता है कि जितने बड़े लोग हैं उन्होंने अपना टीकाकरण करवा लिया, मैंने भी करवा लिया और आप सब भी करवा लीजिए आप इलाहाबाद विश्वविद्यालय की कुलपति हैं क्या आप की नैतिक जिम्मेदारी नहीं बनती है कि इलाहाबाद विश्वविद्यालय में पढ़ने वाले सभी छात्र छात्राओं को टीकाकरण करवाया जाए कुलपति छात्रों का अभिभावक होता है और अभिभावक की नैतिक जिम्मेदारी होती है कि अपनी मूलभूत सुविधाओं से पहले अपने बच्चों का ध्यान दें अपने बच्चो के मूलभूत सुविधाओं को पूर्ण करें किंतु कोविड टीकाकरण को लेकर आपको सैकड़ों ज्ञापन मेरे द्वारा दिया गया लेकिन आज तक इलाहाबाद विश्वविद्यालय में टीकाकरण सेंटर नहीं खोला गया
11. इलाहाबाद विश्वविद्यालय में दीक्षांत समारोह आपके द्वारा आयोजित किया जाता है उस दीक्षांत समारोह में सम्मिलित होने के लिए न तो शिक्षकों को अनुमति थी, और न ही छात्र छात्राओं को वहीं दूसरी तरफ उसी दीक्षांत समारोह में अनपढ़ मंत्रियों को बैठाया गया बीजेपी के कई बड़े नेताओं को बैठाया गया जिसका विश्वविद्यालय से दूर-दूर तक कोई लेना-देना नहीं था साथ ही साथ इलाहाबाद विद्यालय के सीनेट हाल गरिमा तब तार-तार हो गई जब उस ऐतिहासिक सीनेट हाल में चल रहे दीक्षांत समारोह में एक लूकरगंज का पार्षद भी बैठा मिला।
12. इलाहाबाद विश्वविद्यालय कि कुलपति महोदया को आजान से खलबली मचती है किंतु इलाहाबाद विश्वविद्यालय परिसर के छात्रसंघ भवन पर आज विगत 497 दिनों से छात्र गांधीवादी तरीके से, अहिंसात्मक तरीके से धरने पर बैठे हैं किंतु आज तक कुलपति महोदया के कान में जूं तक नहीं रेंगा।
13. इलाहाबाद विश्वविद्यालय में दीक्षांत समारोह के नाम पर एक विशेष पार्टी के लोगों को बुलाना,इलाहाबाद विश्वविद्यालय को छावनी में तब्दील करा देना, गांधीवादी तरीके, अहिंसात्मक तरीके धरने पर बैठे छात्रों पर बर्बरता पूरक लाठीचार्ज करवाना छात्रों को पुलिस के हिरासत में ढकेल देना आपका यह क्रूरता वादी आचरण ही आपकी साल भर की उपलब्धि रही है।
14. इलाहाबाद में बढ़ते डेंगू के प्रकोप से बचने के लिए कुलपति महोदया को कई बार ज्ञापन के माध्यम से अवगत कराया गया की महिला छात्रावास समेत सभी छात्रावासों में, विश्वविद्यालय परिसर में, शिक्षक आवासों में, कर्मचारी आवासों, में फागिंग की व्यवस्था कराई जाए किंतु आज कुलपति महोदया ना तो मेरे पत्र को संज्ञान में लिया गया और न ही किसी छात्रावासों में फागिंग कराई गई, अंततः मेरे द्वारा ही सभी छात्रावासों कर्मचारी आवासों में फागिंग कराई गई
कुलपति महोदय हमारी बहुत इच्छा थी कि हम आपको अपनी शुभकामनाएं देते । पर आपने कुलपति की गरिमा का न सिर्फ पतन किया है बल्कि आपने आम छात्रों की तरफ से भी मुंह मोड़ लिया है। याद रखिएगा कि आने वाला इतिहास बहुत कठोरता से आपका मूल्यांकन करेगा। और आपकी एक-एक बात को हम सारे छात्र हमेशा याद रखेंगे। अभी भी आपके पास वक्त है अपने कार्य प्रणाली में सुधार कीजिए और इलाहाबाद विश्वविद्यालय के पुराने गौरव को वापस लाने के लिए सच्चे दिल से प्रयास कीजिए । अगर आप छात्रों की तरफ एक कदम बढ़ाएंगे तो हम आपके और सौ कदम बढ़ाएंगे ।।
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