14/10/2020
#नायेहालअच्छाहै
ना ये हाल अच्छा है,
ना ये साल अच्छा है,
फिर भी मुस्कुरा रहे हो,
ये कमाल अच्छा है।
ख्वाहिशें तो बहुत हैं,
फेहरिस्त लंबी नहीं है,
हर पल को जी रहे हो,
ये ख़्याल अच्छा है।
पुरानी बातें याद आकर,
सीने पर चढ़ रही हैं,
क्या लिखूँ, क्या मिटा दूँ
ये सवाल अच्छा है।
जाने दो उन्हें अब,
जो जाना चाहते हैं,
सब नहीं हैं दोस्ती के काबिल,
ये मलाल अच्छा है।
देखा है हमने अक्सर,
सच को अकेले चलते,
ना तसल्ली,ना फिकर है,
ये जंजाल अच्छा है।
ये हमें भी पता है,
गुमराह किसी ने किया है,
सवाल ही तो पूछा था,
ये इस्तेमाल अच्छा है...