13/05/2020
आज फाइनेंस मिनिस्टर की प्रेस कॉन्फ्रेंस शब्दों के मसले और आंकड़ों की वजह से बेहद कठिन रही इसलिए उसके कुछ पॉइंट्स को आप सभी के सामने रखना चाहूंगा।
1. सबसे पहले ये जान लीजिए कि MSME का मतलब Micro, Small and Medium Enterprises होता है। अब इस MSME को भारत सरकार ने आज 3 लाख करोड़ रुपये का बिना गारंटी के कर्ज उपलब्ध कराने का भरोसा दिया है। ये इसलिए भी जरूरी था क्योंकि गाँव और कस्बे के कई उद्योग इसी के अंदर आते हैं। मोटे तौर पर इससे 45 लाख छोटी यूनिट्स को लाभ होगा।
2. यह लोन चार साल के लिये दिया जाएगा और चूंकि लगभग 2 महीने से सबकी आर्थिक हालात खराब है इसलिए इन छोटे और मझोले व्यापारियों को पहले 12 महीने तक मूल राशि के भुगतान से भी राहत दी जाएगी। करीब 2 लाख MSME की ऐसी यूनिट्स थीं जो कर्ज नहीं चुका पा रहीं थीं। हालांकि भारत सरकार फरवरी में इनके साथ सख्ती से पेश आने की कोशिशों में थीं लेकिन इस वक्त सबकी परेशानियों को ध्यान में रखते हुए कर्ज नहीं चुका पा रही इन MSME इकाइयों के लिए भी कुल 20,000 करोड़ रुपये के कर्ज की सुविधा दे दी गयी है।
3. कोरोना के समय सभी को बेहतर अवसर मिल सके इसलिए MSME की परिभाषा भी बदल दी गयी है। इसके तहत अब एक करोड़ रुपये तक के इन्वेस्टमेंट वाली इकाइयां सूक्ष्म इकाई, 10 करोड़ रुपये के इनवेस्टमेंट वाली लघु तथा 20 करोड़ रुपये के इन्वेस्टमेंट वाले मझोले उद्यम कहलाएंगे। अब तक यह सीमा 25 लाख रुपये, 5 करोड़ रुपये और 10 करोड़ रुपये थी।
4. TDS और TCS की दर में 31 मार्च 2021 तक के लिये 25 प्रतिशत की कटौती की गयी है।
5. सभी सरकारी एजेंसियां सभी ठेकेदारों को निर्माण कराने, माल देने और कॉन्ट्रैक्ट पूरा करने के लिये छह महीने की समय सीमा बढ़ाएंगी। रियल एस्टेट के डेवलपरों के लिए भी रजिस्ट्रेशन और उन्हें पूरा करने की सीमा छह महीने के बढ़ा दी गयी है।
6. इन्कम टैक्स और दूसरे रिटर्न भरने की तारीख अब 30 नवंबर 2020 कर दी गयी है।
7. अगर आप ऐसी कम्पनी चलाते हैं जिसमें 100 से कम कर्मचारी हैं तो आपकी EPF जिसे कर्मचारी भविष्य निधि कहते हैं, में योगदान से राहत का समय तीन महीने के लिये बढ़ा दिया गया है।
8. ऐसी फाइनेंस कम्पनियाँ जो बैंकिंग नहीं करती जैसे NBFC या HFC या लोन देने वाले संस्थानों के लिये सरकार ने 30,000 करोड़ रुपये की विशेष नकदी दी है।
9. आय की कमी और बकाया से जूझ रही बिजली कंपनियों को भी राहत देने के लिये सरकार ने 90,000 करोड़ रुपये उपलब्ध कराए हैं।
10. PM Cares Fund ट्रस्ट ने कोरोना से लड़ाई के लिए 3100 करोड़ रुपये जारी किए हैं। इस राशि में से 2,000 करोड़ का इस्तेमाल वेंटिलेटर खरीदने, 1,000 करोड़ का इस्तेमाल प्रवासी मजदूरों के लिए और 100 करोड़ रुपये वैक्सीन विकसित करने के लिए खर्च होंगे