19/08/2026
🏫 उत्तर प्रदेश के स्कूलों में सुविधाओं और गुणवत्ता सुधार को लेकर शासन के कड़े निर्देश
उत्तर प्रदेश शासन ने बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा के विद्यालयों में अवस्थापना सुविधाओं, स्वच्छता, सुरक्षा और शिक्षा की गुणवत्ता बेहतर करने के लिए महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किए हैं। मुख्य सचिव एस०पी० गोयल के हस्ताक्षर से जारी शासनादेश संख्या 3956/68-5-2026, दिनांक 19 अगस्त 2026 में मंडलायुक्तों और जिलाधिकारियों को निर्देशों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित कराने को कहा गया है।
🎯 सरकार का लक्ष्य है—हर बच्चे को स्वच्छ, सुरक्षित, सुविधायुक्त और गुणवत्तापूर्ण शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराना।
✅ विद्यालयों में 19 बिंदुओं पर होगा विशेष फोकस
ऑपरेशन कायाकल्प के तहत बेसिक विद्यालयों में आवश्यक अवस्थापना सुविधाओं को सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया है। इनमें—
✅साफ एवं सुरक्षित पेयजल की व्यवस्था
✅बालक-बालिकाओं के लिए अलग-अलग शौचालय
✅हाथ धोने की समुचित व्यवस्था
✅ब्लैक बोर्ड एवं अन्य शैक्षिक सुविधाएं
✅स्मार्ट किचन
✅बिजली कनेक्शन एवं आवश्यक उपकरण
✅विद्यालय परिसर की साफ-सफाई और बेहतर रखरखाव
जैसी सुविधाओं को प्राथमिकता दी जाएगी।
🏫 माध्यमिक विद्यालयों में ‘प्रोजेक्ट अलंकार’
माध्यमिक शिक्षा के विद्यालयों में अवस्थापना सुविधाओं को मजबूत करने के लिए प्रोजेक्ट अलंकार के तहत आवश्यक निर्माण एवं सुविधाओं के विस्तार पर जोर दिया गया है।
📚 बच्चों को समय पर मिलेंगी जरूरी सामग्री
शासन ने विद्यालयों में नियमित पठन-पाठन के साथ-साथ विद्यार्थियों को आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया है।
✅कंपोजिट ग्रांट की धनराशि का उपयोग
✅पाठ्य-पुस्तकों की उपलब्धता
✅जूते-मोजे की उपलब्धता
✅विद्यालयी गणवेश की व्यवस्था
✅नियमित एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षण कार्य
सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
🌧️ बारिश के मौसम में विशेष स्वच्छता अभियान
वर्षा ऋतु को देखते हुए विद्यालय परिसरों में जलभराव, गंदगी और झाड़ियों की समस्या को गंभीरता से लिया गया है।
✅जलभराव की समस्या का समाधान
✅विद्यालय परिसर की सफाई
✅झाड़ियों एवं अनावश्यक वनस्पति की कटाई
✅स्वच्छ एवं सुरक्षित वातावरण बनाए रखना
के लिए विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं।
👧 कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों पर विशेष ध्यान
कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों में छात्राओं की सुरक्षा और स्वास्थ्य को लेकर भी विशेष निर्देश दिए गए हैं।
✅सुरक्षित एवं अनुकूल वातावरण
✅महिला वार्डेन की व्यवस्था
✅स्वास्थ्य सुविधाएं
✅समय-समय पर महिला चिकित्सकों द्वारा स्वास्थ्य परीक्षण
सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया है।
🛣️ सड़क, बाउंड्री वॉल और जल निकासी की व्यवस्था
विद्यालयों तक बेहतर संपर्क और सुरक्षा के लिए संबंधित विभागों एवं पंचायत निधियों के माध्यम से आवश्यक कार्य कराने पर जोर दिया गया है।
✅विद्यालय तक सड़क की उपलब्धता
✅बाउंड्री वॉल
✅जल निकासी की व्यवस्था
✅खतरनाक विद्युत तारों को सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट करना
जैसे कार्य प्राथमिकता से किए जाने हैं।
👥 SMC को बनाया जाएगा सक्रिय
School Management Committee (SMC) को विद्यालय के दैनिक रखरखाव और व्यवस्थाओं में सक्रिय भूमिका निभाने के निर्देश दिए गए हैं। विद्यालय की छोटी-बड़ी आवश्यकताओं के समाधान में SMC की भागीदारी महत्वपूर्ण होगी।
🍲 PM POSHAN में गुणवत्ता और सुरक्षा
मध्याह्न भोजन यानी PM POSHAN योजना के तहत विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण एवं सुरक्षित भोजन उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया गया है।
इसके साथ ही बच्चों की सुरक्षा, निजता और शिक्षकों की गरिमा का भी ध्यान रखने के निर्देश दिए गए हैं।
👨👩👧 PTA और बच्चों की प्रगति पर फोकस
विद्यालयों में नियमित Parent-Teacher Meeting (PTM) आयोजित करने तथा Holistic Progress Card (HPC) के माध्यम से बच्चों की शैक्षिक एवं समग्र प्रगति की जानकारी अभिभावकों तक पहुंचाने पर जोर दिया गया है।
इससे अभिभावक अपने बच्चे की पढ़ाई और विकास में अधिक प्रभावी भूमिका निभा सकेंगे।
📱 सोशल मीडिया से आने वाली शिकायतों की होगी जांच
विद्यालयों से संबंधित सोशल मीडिया या अन्य माध्यमों पर सामने आने वाली शिकायतों को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा।
✅शिकायतों की तत्काल जांच
✅तथ्यों की पुष्टि
✅जिला अधिकारी के माध्यम से वास्तविक स्थिति प्रस्तुत करना
✅भ्रामक सूचनाओं का तथ्यात्मक खंडन
करने के निर्देश दिए गए हैं।
🎯 आखिर क्यों महत्वपूर्ण है यह शासनादेश?
यह निर्देश केवल विद्यालयों में भवन और सुविधाएं बढ़ाने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि स्वच्छता, सुरक्षा, शिक्षा की गुणवत्ता, छात्र स्वास्थ्य, अभिभावक सहभागिता और विद्यालय प्रबंधन को एक साथ मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं।
अगर इन निर्देशों का प्रभावी ढंग से धरातल पर अनुपालन होता है, तो प्रदेश के विद्यालयों में बच्चों के लिए बेहतर और सुरक्षित शैक्षणिक वातावरण तैयार किया जा सकता है।
📌 अब सबसे महत्वपूर्ण सवाल यही है कि इन निर्देशों का जिलों और विद्यालयों में कितना प्रभावी अनुपालन होता है।
आपके जिले में विद्यालयों की इन सुविधाओं की स्थिति कैसी है? कमेंट में अपने जिले का नाम जरूर बताएं। 👇