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01/04/2022
28/02/2022

स्पीयरमैन का G तत्व ( G Factor ) का सिद्धांत :–

स्पीयर मैन के अनुसार G कारक हमें सभी मानसिक कार्यों में सहायता करता है इसलिए सिर्फ G कारक का ही स्थानांतरण होगा ।



S कारक प्रत्येक व्यक्ति का समान नहीं है अतः दूसरा स्थानांतरण नहीं होगा ।

G कारक S कारक

जन्मजात अर्जित

सार्वभौमिक खास विशिष्ट

मात्रा में अलग – अलग प्रकार एवम मात्रा

Ex – Ex–

तर्क शक्ति , ग्रहण शक्ति वकील , वैज्ञानिक





अधिगम का स्थानांतरण :–

एक जगह सीखे गए अधिगम का दूसरी जगह प्रयोग करना या दूसरे अधिगम में सहायक होना अधिगम का स्थानांतरण कहलाता है ।

अधिगम स्थानांतरण के सिद्धांत :–

थार्नडाइक का स्थानांतरण का समान अवयव का सिद्धांत :–

पहले और बाद के अधिगम में जहां तक समानता होगी स्थानांतरण सिर्फ वही तक होगा ।

Ex– A B C समान तत्व A B C D

कोहलर ( सुलतान ) का अधिगम स्थानांतरण का आरोपण का सिद्धांत :–

प्रयोग संख्या = 1 प्रयोग संख्या = 2

छड़ी संख्या = 1 छड़ी की संख्या = 2

पहले और बाद में अधिगम में जितने तत्व समान होंगे आरोपण सिर्फ वही तक माना जाएगा ।

चार्ल्स वुड का अधिगम स्थानांतरण का सामान्यीकरण (उभयनिष्ठ का तत्व का सिद्धांत ) :–

पहले और बाद के अधिगम में जो तत्व उभयनिष्ठ हो स्थानांतरण से फोन तक होगा ।

Ex– एक ही सूत्र पर आधारित 10 सवाल लगाने की जगह एवं सभी सूत्र को याद कर लेना ।

अधिगम स्थानांतरण के प्रकार :–

1 – शून्य या जीरो स्थानांतरण :–



जब पहले का अधिगम बाद के अधिगम में कोई सहायता ना करें तो सोने स्थानांतरण होगा ।

Ex – क्रिकेट खेलना सीकर अंग्रेजी बोलना सीखना ।

2 – नकारात्मक स्थानांतरण :–

जब पहले का अधिगम बाद के अधिगम या बाद का अधिगम पहले के अधिगम में बाधा उत्पन्न करें तो इसे नकारात्मक स्थानांतरण कहेंगे ।

Ex– पांचवी तक हिंदी माध्यम से सीखने वाले विद्यार्थी का छठवीं कक्षा से अंग्रेजी माध्यम द्वारा सीखना ।

3 – सकारात्मक या धनात्मक स्थानांतरण :–

जब पहले का अधिगम बाद के अधिगम में सहायक सिद्ध हो तो उसे सकारात्मक स्थानांतरण कहेंगे ।

Ex– संस्कृत व्याकरण सीकर हिंदी व्याकरण सीखना ।

4 – ऊर्ध्वाधर या लंबवत स्थानांतरण :–

जब निम्न स्तर पर सीखा गया अधिगम अत्यंत उच्च स्तर पर प्रयोग कर दिया जाए तो उसे ऊर्ध्वाधर स्थानांतरण कहा जाएगा ।

Ex – न्यूटन का सेब का गिरना देखकर गुरुत्वाकर्षण का पता लगाना ।

नोट :– हर ऊर्ध्वाधर स्थानांतरण सकारात्मक स्थानांतरण जरूर होगा लेकिन हर सकारात्मक स्थानांतरण ऊर्ध्वाधर हो यह जरूरी नहीं है ।

5 – क्षैतिज स्थानांतरण :–

जब दो प्रकार के अधिगम आपस में कोई भी सीधा संबंध ना रखते हो फिर भी एक का प्रयोग दूसरे में हो जाए तो इसे क्षैतिज स्थानांतरण कहते हैं ।

Ex– गणित के सूत्रों का बहुत ही किया रसायन विज्ञान में प्रयोग ।

रसायन = भौतिक = गणित

इसी को हम क्षैतिज स्थानांतरण कहते हैं ।

6– पार्श्विक स्थानांतरण :–

जब एक जगह सीखे गया निगम का उसी का मिलते जुलते अधिगम में इस्तेमाल हो जाए तो इसे पार्श्विक स्थानांतरण कहते हैं ।

Ex – 7 + 3 = 10 यह जानने वाले विद्यार्थी का उस प्रश्न को हल कर देना जिसमें राम के पास 7 और श्याम के पास 3 किताबें हैं और उसे कुल किताबों की संख्या बतानी है ।

7 – द्विपार्श्विक स्थानांतरण :–

जब एक अन्याय क्षेत्र में सीखा गया अधिगम उसी कुशलता के साथ दूसरे अन्य क्षेत्र में निपुणता दिला दें तो विषय अधिगम का द्विपार्श्विक स्थानांतरण कहेंगे ।

Ex – दाएं हाथ से लिखने वाले विद्यार्थी का उसी निपुणता के साथ बाएं हाथ से लिखना ।

महत्वपूर्ण प्रश्न और उत्तर

27/02/2022

दिव्यांगता के प्रकार :–

दिव्यांग जनों के अधिकार अधिनियम ने दिव्यांगता के कुल 21 प्रकार बताए हैं –

दिव्यांगता में शारीरिक रूप से दिव्यांग बालक

दृष्टि बाधित बालक

पूर्ण रूप से दृष्टि बाधित बालक

श्रवण दृष्टि दोष युक्त बालक

मूक बधिर बालक

हकलाने तुतलाने वाले बालक

कम सुनने वाले बालक इत्यादि को शामिल किया जाता है ।



दिव्यांगों की शिक्षा के लिए विशेष प्रबंध :–

1– पिछले कुछ वर्षों में दिव्यांग जनों की शिक्षा एवं रोजगार के अवसरों में भारतीय सरकार ने कई प्रशंसा करने योग्य प्रयास किए हैं ।

2– खासकर 2016 में लाए गए दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम को लगाने के बाद इनकी शिक्षा और रोजगार को सरकार ने गंभीरता से लिया है ।

3– लेकिन सच्चाई यह भी है कि भारत में दिव्यांग जनों की शिक्षा में अभी भी काफी खामियां हैं ।

दिव्यांगों की शिक्षा के विशेष प्रावधान :–

1 – शारीरिक रूप से दिव्यांग बालक :–

ऐसे दिव्यांगों में केवल शारीरिक दिव्यांगता होती है ऐसे बालकों को कक्षा में बैठने के लिए उचित बैठक व्यवस्था दें उन्हें पूरी तरह से सामान्य कक्षा में समावेशित किया जा सकता है सरकारी जिला चिकित्सालय में ऐसे बालकों को दिव्यांगता का परीक्षण करके उन्हें प्रमाण पत्र भी दिया जाता है तथा वे स्कूल आराम से जा सके उसके लिए 3 पहिया वाहन भी मुफ्त में भी प्रदान किया जाता है ।

2– दृष्टि बाधित बालक :–

इस समूह में दो प्रकार के बालक आते हैं –

A– साफ ना देख पाने वाले बालक अधिक दृष्टि दोष वाले बालक :–

ऐसे बालकों को या तो साफ देखने में सहायक चश्मे प्रदान करें या फिर कक्षा में इन्हें आगे बढ़ाएं जिला चिकित्सालय समय-समय पर विद्यालयों में कैंप लगाकर ऐसे बालकों की आंखों की जांच कर के उपचार एवं मुफ्त में चश्मा प्रदान करता है ।

B – पूर्ण रूप से अंधे बालक :–

ऐसे बालकों को ब्रेल लिपि की सहायता से सिखाया जाता है ब्रेल लिपि के आविष्कारक फ्रांस के लुइस ब्रेल हैं भारतीय ब्रेल लिपि में कुल 6 बिंदु होते हैं ।

3 – श्रवण दृष्टि दोष युक्त बालक :–

इनको भी दो भागों में बांटा जाता है –

A – कम सुनने वाले बालक :–

ऐसे बालक जो सुनते तो हैं पर उन्हें कम सुनने वाले बालक या आंशिक श्रवण क्षमता वाले बालक कहा जाता है ऐसे बालकों को आवाज बढ़ा कर सुनाने वाली मशीन या करण यंत्र दिया जाए या फिर इन्हें कक्षा म आगे बैठाया जाए ।

B – मूक बधिर बालक :–

वे बालक जो बिल्कुल भी नहीं सुन सकते हैं ऐसे बालकों को मूक बधिर बालक कहा जाता है ऐसे बालकों को ऐसी जगह बैठाये जहां से यह शिक्षक को अच्छे से देख सके वैसे इनके लिए संकेत भाषा का बेहतर प्रयोग किया जाता है ।

4– हकलाने या तुतलाने वाले बालक :–

हकलाना तुतलाना कोई बीमारी नहीं है बल्कि विकार है इस समय रहते दूर किया जा सकता है खासकर हकलाने वाले बालकों के लिए संवर्धित वाक ( Prolonged Speech )। की व्यवस्था की गई है ।

दिव्यांगजन अधिनियम 2016 के कुछ प्रमुख प्रावधान :–

1 – सरकारी नौकरियों एवं शैक्षिक क्षेत्र में आरक्षण पाने के लिए न्यूनतम 40 % दिव्यांगता मानकों के अनुसार होनी चाहिए ।

2 – इस अधिनियम से सरकारी नौकरियों में दिव्यांगों का आरक्षण 3% से बढ़ाकर 4% कर दिया गया है और शिक्षा में यह आरक्षण 5 % करने का प्रावधान है ।

3 – इस अधिनियम के द्वारा दिव्यांगों के लिए सुगम्य पुस्तकालय की स्थापना की गई है जैसे दिव्यांगजन ऑनलाइन मोड से गुणवत्ता युक्त पुस्तकों का अध्ययन कर सकते हैं ।

4 – सरकार द्वारा चलाई जा रही स्वालंबन योजना द्वारा 2022 तक 25 लाख दिव्यांग छात्रों एवं व्यक्तियों को कौशल प्रशिक्षण दिया जाना है ।

दिव्यागों से संबंधित सभी प्रकार के प्रश्न और उत्तर

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