Ankit Sengar

Ankit Sengar

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A slow but good learner

23/12/2023

भर्ती परीक्षा निकालने में देरी आपने की और अब आपकी गलतियों का भुगतान एक गरीब और जरूरतमंद परिवारों के बच्चें करेंगे। पिछली भर्ती से प्रेरित होकर तैयारी करने वाले छात्रों को छलने के अलावा आपने कुछ नहीं किया है। उम्र सीमा पार करने वालों के लिए कुछ बेहतर विकल्प दिए जा सकते हैं। शर्म करिए और सुधार करिए।

इस पोस्ट को पढ़ने वाले आप सभी से निवेदन है कि इस प्रकरण पर मुखर होकर बच्चों के साथ खड़े हों।
जय हिन्द। #उत्तर_प्रदेश_पुलिस_कांस्टेबल_भर्ती_परीक्षा

24/11/2023

26000+ पदों के लिए

17/09/2023

रिलैक्स बॉयज यह ट्राई बॉल थी 🤣🤣🤣

27/08/2023

आजकल बच्चों की पिटाई करना (शारीरिक दंड) तो दूर की बात है। अगर डाँट भी दो तो अभिभावक शिकायत ले कर आ जाते हैं । PTM में ऐसे भी case आते हैं -
"sir वो हिंदी वाली mam ने बच्चों को डाँटा होगा। तो ये डर गई है। स्कूल आने में अब डरती है। "
"बेटा आपको भी डाँटा था mam ने ?"
नहीं सर् ..
तो फिर ?
"सर् बताया तो, ये उनको देख कर डर गई थी।"
"Sir अगली बार कंप्लेंट करनी पड़ेगी उनकी! आप बात करना उनसे ।"

एक हमारा बचपन था । स्कूल में सुताई हुई, और इस सुताई की बात घर में पता चल गयी कि स्कूल में सूता गया है तो घर पर अलग से कैडी वाली सुताई कंफर्म है। ज़रूर कुछ किया होगा तूने ही।

बुरी तरह पीट देना जो हमारे टाइम में होता था वो गलत था। लेकिन अभी सरकार और अभिभावकों ने मिल कर अनुशासन की एकदम बत्ती बनाई हुई है ।

इतना cozy cozy विलायती बनाए रहो बच्चों को कि हल्का सा डांटने से ही उनका ego हर्ट हो जाए ।

टीचर को जब ये पता है कि फटकार लगाने से, डाँटने से, हाथ ऊपर करवा देने से उसकी नौकरी पर बन आएगी तो वो पहले अपनी नौकरी बचाता है।
बच्चा पढ़े ना पढ़े, उद्दंड बने तो बने। उसका तो आपने डर और प्रभाव ही समाप्त कर दिया।

फिर एक दिन उन्हीं अभिभावकों का कहना कि आजकल के बच्चे अनुशासन में नहीं है। घर में माँ बाप की नहीं सुनते। स्कूल में टीचर की नहीं सुनते।

सुन रहे हो मास्टर ! बहुत झोल है bhai 😄

श्रेय -Mukesh Joshi

01/08/2023

उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की विश्व प्रसिद्ध परीक्षा का विज्ञापन प्रकाशित

25/07/2023

भगत सिंह के साथ असेंबली में बम फेंकने वाले बटुकेश्वर दत्त को भी फांसी हो गई होती तो ज्यादा अच्छा था !

1947 में आजादी के पश्चात बटुकेश्वर को रिहाई मिली। लेकिन इस वीर सपूत को वो दर्जा कभी ना मिला जो हमारी सरकार और भारतवासियों से इन्हें मिलना चाहिए था।

आज़ाद भारत में बटुकेश्वर नौकरी के लिए दर-दर भटकने लगे। कभी सब्जी बेची तो कभी टूरिस्ट गाइड का काम करके पेट पाला। कभी बिस्किट बनाने का काम शुरू किया लेकिन सब में असफल रहे।

कहा जाता है कि एक बार पटना में बसों के लिए परमिट मिल रहे थे ! उसके लिए बटुकेश्वर दत्त ने भी आवेदन किया ! परमिट के लिए जब पटना के कमिश्नर के सामने इस 50 साल के अधेड़ की पेशी हुई तो उनसे कहा गया कि वे स्वतंत्रता सेनानी होने का प्रमाण पत्र लेकर आएं..!!! भगत के साथी की इतनी बड़ी बेइज़्ज़ती भारत में ही संभव है।

हालांकि बाद में राष्ट्रपति राजेंद्र प्रसाद को जब यह बात पता चली तो कमिश्नर ने बटुकेश्वर से माफ़ी मांगी थी ! 1963 में उन्हें विधान परिषद का सदस्य बना दिया गया । लेकिन इसके बाद वो राजनीति की चकाचौंध से दूर गुमनामी में जीवन बिताते रहे । सरकार ने इनकी कोई सुध ना ली।
1964 में जीवन के अंतिम पड़ाव पर बटुकेश्वर दिल्ली के सरकारी अस्पतालों में कैंसर से जूझ रहे थे तो उन्होंने अपने परिवार वालों से एक बात कही थी।

"कभी सोचा ना था कि जिस दिल्ली में मैंने बम फोड़ा था उसी दिल्ली में एक दिन इस हालत में स्ट्रेचर पर पड़ा होऊंगा।"

मै देशवासियों का ध्यान इनकी ओर दिलाया चाहता हूँ कि-"किस तरह एक क्रांतिकारी को जो फांसी से बाल-बाल बच गया जिसने कितने वर्ष देश के लिए कारावास भोगा , वह आज नितांत दयनीय स्थिति में अस्पताल में पड़ा एड़ियां रगड़ रहा है और उसे कोई पूछने वाला नहीं है।"

जब भगतसिंह की माँ अंतिम वक़्त में उनसे मिलने पहुँची तो भगतसिंह की माँ से उन्होंने सिर्फ एक बात कही-"मेरी इच्छा है कि मेरा अंतिम संस्कार भगत की समाधि के पास ही किया जाए। उनकी हालत लगातार बिगड़ती गई।

17 जुलाई को वे कोमा में चले गये और 20 जुलाई 1965 की रात एक बजकर 50 मिनट पर उनका देहांत हो गया !

भारत पाकिस्तान सीमा के पास पंजाब के हुसैनीवाला स्थान पर भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु की समाधि के साथ ये गुमनाम शख्स आज भी सोया हुआ है।

मुझे लगता है भगत ने बटुकेश्वर से पूछा तो होगा- दोस्त मैं तो जीते जी आज़ाद भारत में सांस ले ना सका, तू बता आज़ादी के बाद हम क्रांतिकारियों की क्या शान है भारत में।"
😥😥

14/07/2023

Are you guys ready n excited to witness this Journey 🎉😎🥳

भारत का चंद्रयान-3 मिशन लॉन्च के लिए तैयार, अगर दक्षिणी ध्रुव पर लैंडर की सॉफ्ट लैंडिग होती है, तो भारत दक्षिणी ध्रुव पर पहुंचने वाला विश्व का पहला देश बन जाएगा भारत

इस मिशन को दें अपनी शुभकामनाएं 🚩

10/07/2023

सावन के प्रथम सोमवार की आप सभी को हार्दिक शुभकामनाएं और बधाइयां... शिव - पार्वती जी से आप सभी के उत्तम स्वास्थ्य और सफलता कीकामना करता हूं।
ॐ नमः पार्वती पतये हर हर महादेव 🚩🚩
#सावनसोमवार #हरहरमहादेव

जटाटवीगलज्जल प्रवाहपावितस्थले
गलेऽवलम्ब्य लम्बितां भुजंगतुंगमालिकाम्‌।
डमड्डमड्डमड्डमनिनादवड्डमर्वयं
चकार चंडतांडवं तनोतु नः शिवः शिवम ॥

05/07/2023

मिडल क्लास लड़के बेचारे...🥺🫡

पढ़ना कुछ और चाहते हैं , पढ़ाया कुछ और जाता है , बन कुछ और जाते हैं !

पसन्द किसी और को करते हैं, प्यार किसी और का मिलता है शादी किसी और से हो जाती है !

चाय बना लेते हैं, कर्ज़ लेने और देने में जरा सी भी देरी नही करते ! रिश्तेदारों को शहर घुमाने की जिम्मेदारी यही निभाते हैं !
4जी फोन लेने में इन्हें साल भर लगता है ! गैस भरवाने की जिम्मेदारी , सुबह दूध और शाम की सब्जी लाने जैसा कठिन और दर्दनाक काम भी यही करते हैं !

खुद की प्रेमिका की शादी में 'नागिन डांस' करने का गौरव केवलः इन्हें ही प्राप्त है ! आइसक्रीम की टेस्ट से इन्हें शादी में हुए खर्चों का अंदाजा लग जाता है !

लुसेंट इनकी जिंदगी में उस गर्लफ्रेंड की तरह होती है जो साथ तो रहती है लेकिन समझ कभी नही आती !

रीजनिंग के प्रश्न चुटकी में हल कर देने वाले ये मिडल क्लास लौंडे खुद की जिंदगी की समस्याओं में उलझे रह जाते हैं !

घर और अपनी 'जान' से किसी लायक बनने का वादा करके निकले ये मिडल क्लास लौंडे जब तक लायक हो के घर लौटते हैं तब तक उनकी जान 'दो चार जानो' की 'जननी' बन चुकी होती है !

पापा की बेइज्जती इन्हें कतई पसन्द नही आती,पापा से खूब डरते भी है ! मम्मी से अक्सर रुडली बात करने के बावजूद माँ के गोद मे सर रख कर रोने वाले ये लौंडे बहुत कमजोर भी होते हैं !

जिम्मेदारियां जल्दी निभाना सीख जाते हैं , रिश्तेदारों के तमाम अड़ंगों के बावजूद मां-बाप का विश्वास कैसे बनाये रखना है इन्हें बखूबी आता है !

चीटिंग कभी कर नही पाते क्योंकि मौका ही नही मिलता !
इश्क़ करने की औकात ही नही क्योंकि रिजेक्शन झेलने की हिम्मत नही ! कोई इनपर 'यु आर चीप' का आरोप नही लगाता क्योंकि ये किसी भी लड़की के साथ सोए नही होते हैं ! अजी सोना छोड़िए, ये किसी लड़की के साथ जागे तक नही होते हैं !

इनकी शादियाँ अक्सर अरेंज्ड ही होती हैं, ऑफकोर्स रिश्तेदारों द्वारा...
इनका इश्क़ अक्सर अधूरा रह जाता है, इनके सपने, इनकी जिंदगी सब अधूरी....

पर ये बेहया लड़के किसी को एहसास तक नही होने देते..
पहले पापा-मां के सपने फिर सोशायटी मेंटेन करना और उसके बाद अरेंज्ड मैरिज वाली बीबी की एक्सपेक्टेशंस पूरी करते हैं ये अधूरे लड़के!

सबको पूरा करने के चक्कर मे अधूरे रह जाते हैं ये मिडल क्लास लड़के👏🏻🥺

#मेरे_भाई

20/06/2023

लगभग 53000 पुलिस सिपाही भर्ती की गति तेज..
तैयारी की गति धीमे ना कर देना शेरों

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