15/01/2020
मकर संक्रांति को #ब्रज क्षेत्र के गांवों में संकरात के नाम भी पुकारा जाता है। इस पर्व से एक सप्ताह पहले ही भाई अपनी बहनों के यहां संकरात देने के लिए जाते हैं। संकरात देने के दौरान बहनों के लिए गजक, दाल, चाल, मिठाई के साथ पैसे देने का रिवाज है। वहां जाकर उन्हें इस पर्व पर घर आने का निमंत्रण देकर आते हैं। इस पर्व पर पूरे दिन उत्सव सा घर में रहता है। घरों में पकवान बनाए जाते हैं। घरों में बहनों व रिश्तेदारों के आने पर मांगलिक गीत गाए जाते हैं।
#बुजुर्ग करने लगते हैं नाराजगी प्रकट
मकर संक्रांति से दो दिन पहले ही घर के बुजुर्ग या कोई बड़ा रिश्तेदार घर वालों से रूठना शुरू कर देता है और नाराजगी प्रकट करने लगता है। जैसे उसे परिवार के किसी सदस्य की बात बुरी लग गई हो। संक्रात वाले दिन वह बुजुर्ग घर से दूर किसी चौपाल, मंदिर या कहीं और जाकर बैठ जाते हैं। जिन्हें घर की बहु व अन्य महिलाएं लोक गीत गाते हुए बैंड बाजों के साथ जाती हैं और उपहार देकर मनाती हैं। इसके अलावा महिलाएं इस पर्व पर तड़के ही देवरों की जेब भरने का भी रिवाज निभाती हैं। महिलाएं देवरों की जेब में मूंगफली, रेवडी के अलावा पैसे भरकर उन्हें मनाती हैं। यह पर्व बेहद ही हर्षोल्लास से मनाया जाता है।