Kahani Aapki Zubani

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नमस्कार दोस्तों, कहानी आपकी जुबानी पेज के माध्यम से आपको लोगों की लाइफ के खट्टे मीठे अनुभव की, परिवार के लिए प्यार कि, जिन्दगी में संघर्ष से सक्सेस की और आम जीवन से लेकर अध्यात्म तक की कहानियाँ सुनने को मिलेगी।
जिससे हमें जिन्दगी जीने कि सही राह मिल सके।

16/02/2026

हम भी कुछ जल्दी में थे। #फॉलोअर

26/01/2026

Solitude is the key to self-awareness......

26/01/2026

समस्त देशवासियों को गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ। आइए, इस पावन अवसर पर अपने संविधान के आदर्शों को आत्मसात करें और एक सशक्त, समृद्ध व विकसित भारत के निर्माण में योगदान दें। जय हिंद! कुछ नशा तिरंगे की आन का है, कुछ नशा मातृभूमि की शान का है हम लहराएंगे हर जगह ये तिरंगा, नशा ये हिंदुस्तान की शान का है।

25/12/2025
21/10/2025

Happy Diwali 🪔

18/10/2025

आप सभी सपरिवार दिवाली की हार्दिक शुभकामनाएं 🪔💐 🙏💕🧨

18/08/2025

Tarot: Unlock Your Destiny | रहस्यमयी टैरो के साथ भूत और भविष्य की परछाइयाँ | Tarot Talks With Nancy

“मत कर यकीन अपने हाथों की लकीरों पर, नसीब उनके भी होते हैं, जिनके हाथ नहीं होते।”
ये लाइन बस कहावत नहीं, धवल खत्री की ज़िंदगी की सच्चाई है।

2003 में, अहमदाबाद के 14 वर्षीय धवल एक पतंग के पीछे भागते हुए हाई वोल्टेज तारों की चपेट में आ गए। तेज़ करंट ने उनके दोनों हाथ छीन लिए। स्कूल ने भी साथ छोड़ दिया। लेकिन धवल ने हार नहीं मानी। उन्होंने अपनी मां को प्रेरणा बनाया, दर्द को ताकत में बदला — और बना डाली ऐसी कला, जिसे देखकर दुनिया हैरान रह जाए।

कटे हुए हाथों से पेंसिल पकड़ना सीखा, पढ़ाई की, खुद से हर परीक्षा लिखी, और फिर पेंटिंग करना शुरू किया। आज धवल न सिर्फ सैकड़ों से ज्यादा पेंटिंग बना चुके हैं, बल्कि अब्दुल कलाम, अमिताभ बच्चन, सचिन तेंडुलकर से लेकर प्राकृतिक दृश्यों और जीवन की विविधताओं तक, उनकी कूंची ने हर रंग को ज़िंदा किया है।

धवल को देख लगता है कि शरीर नहीं, आत्मा चित्र बनाती है। वो कई लाइव इवेंट में भी बिना किसी बाहरी सहारे के पेंटिंग कर चुके हैं — और हर दर्शक को ये सोचने पर मजबूर कर चुके हैं कि इंसान अगर ठान ले, तो क्या नहीं कर सकता।

यह सिर्फ एक कलाकार की कहानी नहीं है — यह एक जंग है, जज़्बे की, आत्मविश्वास की और ज़िंदगी को गले लगाने की। धवल हमें सिखाते हैं कि जो कुछ छिन गया, वही अंत नहीं होता। असली कहानी तो वहीं से शुरू होती है।

#DhavalKhatri #Inspiration #NoLimits #RealHero #DisabilityIsPower  #Motivation #IndianArtist 01/08/2025

“मत कर यकीन अपने हाथों की लकीरों पर, नसीब उनके भी होते हैं, जिनके हाथ नहीं होते।” ये लाइन बस कहावत नहीं, धवल खत्री की ज़िंदगी की सच्चाई है। 2003 में, अहमदाबाद के 14 वर्षीय धवल एक पतंग के पीछे भागते हुए हाई वोल्टेज तारों की चपेट में आ गए। तेज़ करंट ने उनके दोनों हाथ छीन लिए। स्कूल ने भी साथ छोड़ दिया। लेकिन धवल ने हार नहीं मानी। उन्होंने अपनी मां को प्रेरणा बनाया, दर्द को ताकत में बदला — और बना डाली ऐसी कला, जिसे देखकर दुनिया हैरान रह जाए। कटे हुए हाथों से पेंसिल पकड़ना सीखा, पढ़ाई की, खुद से हर परीक्षा लिखी, और फिर पेंटिंग करना शुरू किया। आज धवल न सिर्फ सैकड़ों से ज्यादा पेंटिंग बना चुके हैं, बल्कि अब्दुल कलाम, अमिताभ बच्चन, सचिन तेंडुलकर से लेकर प्राकृतिक दृश्यों और जीवन की विविधताओं तक, उनकी कूंची ने हर रंग को ज़िंदा किया है। धवल को देख लगता है कि शरीर नहीं, आत्मा चित्र बनाती है। वो कई लाइव इवेंट में भी बिना किसी बाहरी सहारे के पेंटिंग कर चुके हैं — और हर दर्शक को ये सोचने पर मजबूर कर चुके हैं कि इंसान अगर ठान ले, तो क्या नहीं कर सकता। यह सिर्फ एक कलाकार की कहानी नहीं है — यह एक जंग है, जज़्बे की, आत्मविश्वास की और ज़िंदगी को गले लगाने की। धवल हमें सिखाते हैं कि जो कुछ छिन गया, वही अंत नहीं होता। असली कहानी तो वहीं से शुरू होती है। #DhavalKhatri #Inspiration #NoLimits #RealHero #DisabilityIsPower #Motivation #IndianArtist

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