📖 हिंदी स्वर (Swar) और English Vowels
हिंदी स्वर:
अ (A), आ (AA), इ (I), ई (EE), उ (U), ऊ (OO), ऋ (RI), ए (E), ऐ (AI), ओ (O), औ (AU), अं (AN), अः (AH)
English Vowels:
A, E, I, O, U
तुलना (Comparison):
अ → A
आ → AA
इ → I
ई → EE
उ → U
ऊ → OO
ऋ → RI
ए → E
ऐ → AI
ओ → O
औ → AU
अं → AN
अः → AH
Usha Devi Public School Shiksha Samiti
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उषा देवी पब्लिक स्कूल शिक्षा समिति" का उद्देश्य है
समाज के गरीब, असहाय और बेरोज़गार बच्चों को शिक्षा, संस्कार और तकनीकी ज्ञान देकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना
हम Class 1 से 12 तक के विद्यार्थियों को AI (कृत्रिम बुद्धिमत्ता) के माध्यमसे आधुनिक शिक्षा देते हैं
काल (Tense) के तीन प्रकार होते हैं —
1️⃣ वर्तमान काल (Present Tense)
2️⃣ भूत काल (Past Tense)
3️⃣ भविष्यत् काल (Future Tense)
प्रत्येक काल के चार उपप्रकार होते हैं —
इस प्रकार कुल 12 प्रकार के वाक्य (Tense forms) बनते हैं। 👇
🌿 1. वर्तमान काल (Present Tense)
सामान्य वर्तमान काल — मैं पढ़ता हूँ।
अपूर्ण वर्तमान काल — मैं पढ़ रहा हूँ।
पूर्ण वर्तमान काल — मैं पढ़ चुका हूँ।
पूर्ण अपूर्ण वर्तमान काल — मैं पढ़ता आ रहा हूँ।
🌿 2. भूत काल (Past Tense)
सामान्य भूत काल — मैं पढ़ा। / मैंने पढ़ा।
अपूर्ण भूत काल — मैं पढ़ रहा था।
पूर्ण भूत काल — मैं पढ़ चुका था।
पूर्ण अपूर्ण भूत काल — मैं पढ़ता आ रहा था।
🌿 3. भविष्यत् काल (Future Tense)
सामान्य भविष्यत् काल — मैं पढ़ूँगा।
अपूर्ण भविष्यत् काल — मैं पढ़ रहा होऊँगा।
पूर्ण भविष्यत् काल — मैं पढ़ चुका होऊँगा।
पूर्ण अपूर्ण भविष्यत् काल — मैं पढ़ता आ रहा होऊँगा।
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🕒 1. TIME (समय)
Main Concepts / मुख्य बातें:
Reading the clock (घड़ी पढ़ना) – Hours, Minutes, Seconds
AM and PM (पूर्वाह्न और अपराह्न)
Conversion of time –
→ 1 hour = 60 minutes
→ 1 minute = 60 seconds
Days, Weeks, Months, Years
12-hour and 24-hour clock
Calculating duration between two times
(Example: From 9:15 AM to 12:00 Noon = 2 hours 45 minutes)
Example / उदाहरण:
1 hour = 60 minutes
3 hours = ? minutes
→ 3 × 60 = 180 minutes
If school starts at 8:30 AM and ends at 2:00 PM →
Duration = 5 hours 30 minutes
💰 2. MONEY (पैसे / धन)
Main Concepts / मुख्य बातें:
Understanding rupees (₹) and paise (p)
1 Rupee = 100 Paise
Addition and subtraction of money
Multiplication and division in word problems
Making bills and receipts
Example / उदाहरण:
₹25.50 + ₹13.75 = ₹39.25
5 pencils cost ₹7 each → Total = 5 × 7 = ₹35
If a student has ₹100 and buys a notebook for ₹36.50 →
Remaining = ₹100 - ₹36.50 = ₹63.50
📊 3. DATA HANDLING (आँकड़ों का प्रबंधन)
Main Concepts / मुख्य बातें:
Collecting data (डेटा एकत्र करना)
Organizing in tables and charts
Reading pictographs and bar graphs
Drawing simple bar graphs
Example / उदाहरण:
Fruit Number of Students
Apple 10
Mango 15
Orange 5
Class 4 – Chapter 1
English: How the Dog Found Himself a New Master
Summary / सारांश:
एक कुत्ता अपने पुराने मालिक से खुश नहीं था।
उसने सोचा कि एक नया मालिक ढूंढेगा जो उसका ख्याल रखे।
पहले उसने राजा को अपना मालिक बनाया, लेकिन राजा सिर्फ आदेश देता था।
फिर उसने चोर को अपना मालिक बनाया, लेकिन चोर भी सही नहीं था।
अंत में उसने एक गरीब लड़के को अपना मालिक बनाया, जो उससे प्यार करता था और उसकी देखभाल करता था।
Moral / शिक्षा: सच्चा मालिक वही है जो प्यार और देखभाल करता है, न कि ताकत या धन।
Important Words / महत्वपूर्ण शब्द:
Master – मालिक
Loyal – वफादार
Care – देखभाल
Love – प्यार
Greedy – लालची
Hindi: पहेली और समाधान / पाठ
Chapter 1 – पाठ 1:
पाठ का नाम: ऊँट चला (यदि NCERT Hindi Book – Class 4)
सारांश:
एक ऊँट अपने मालिक के साथ जंगल में जाता है।
ऊँट धीरे-धीरे चलता है और अपने मालिक की बात नहीं सुनता।
अंत में ऊँट और मालिक के बीच समझदारी होती है।
शिक्षा: धैर्य और समझदारी से काम लेना चाहिए।
मुख्य शब्द / शब्दावली:
ऊँट – Camel
मालिक – Master
जंगल – Forest
धैर्य – Patience
🌺 माँ शेरावाली की आरती (जय माता दी) 🌺 — जो माँ दुर्गा के शेर वाले स्वरूप की बहुत प्रसिद्ध आरती है👇
🕉️ शेरावाली माता की आरती 🕉️
जय माता दी, जय माता दी, जय माता दी।
भक्तन के सुखदाता, दु:खन हरता, जय माता दी॥
तेरे दरबार में आया भगत बड़ा भोला,
माँ तू ही तो है उसकी नैया की अकेली डोला॥
तेरे चरणों में पड़ा है, माँ अब दया कर दी,
जय माता दी, जय माता दी, जय माता दी॥
शेर पे सवार होके, आई रे तू जगदम्बा,
तेरे हाथ में खड्ग खप्पर, सिंह की तू रम्भा॥
माँ तेरे दर से कोई खाली ना गया कभी,
जय माता दी, जय माता दी, जय माता दी॥
तेरे भक्त जनों ने गाया, तेरा गुणगान,
माँ तेरी महिमा न्यारी, नहीं कोई जान॥
जो भी तेरा नाम ले, माँ उसकी बिगड़ी बने,
जय माता दी, जय माता दी, जय माता दी॥
🌹 अंत में प्रार्थना:
माँ! तेरे चरणों में शीश झुकाएँ,
हम सब दुखियों पर दया बरसाएँ॥
तेरी कृपा से कटे अंधियारा,
जय जय जय जय माँ शेरावाली प्यारा॥
जय माता दी 🙏
🌺 जय अम्बे गौरी आरती 🌺
जय अम्बे गौरी, मैया जय श्यामा गौरी।
तुमको निशदिन ध्यावत, हरि ब्रह्मा शिवरी॥ जय अम्बे गौरी॥
मांग सिंदूर विराजत, टीको मृगमद को।
ऊपर से दुगला शोभित, कोटि रतन जोत को॥ जय अम्बे गौरी॥
कन्हेरी के फूल सुहावें, चंदन का टीका।
गलगले में माला शोभे, कुंडल झलकती झीका॥ जय अम्बे गौरी॥
लाल रंग की साड़ी ओढ़े, देवन छवि न्यारी।
सोन चाँदी के आभूषण, लगे झूमक प्यारी॥ जय अम्बे गौरी॥
देव-सभा में बैठी, तुम्हें देखत नर-नारी।
तुम बिन यज्ञ न होते, नर बिन यश भारी॥ जय अम्बे गौरी॥
भक्त जनों पर दया करो, माई दुख हारी।
माता तुम्ह बिन कौन करे, संकट भारी॥ जय अम्बे गौरी॥
तुम ही जग की माता, तुम ही हो भव-तारी।
तुम बिन कौन दयालु, दीनन उबारी॥ जय अम्बे गौरी॥
जो कोई तुमको ध्यावत, नित फल पावत भारी।
धन-धान्य से परिपूर्ण रहे, तन में सुख सारी॥ जय अम्बे गौरी॥
🙏 आरती समाप्ति श्लोक:
जय अम्बे गौरी, मैया जय श्यामा गौरी।
तुमको निशदिन ध्यावत, हरि ब्रह्मा शिवरी॥ जय अम्बे गौरी॥
Hanuman Chalisa
दोहा
श्रीगुरु चरन सरोज रज, निज मनु मुकुरु सुधारि।
बरनउँ रघुबर बिमल जसु, जो दायकु फल चारि॥1॥
बुद्धिहीन तनु जानिके, सुमिरौं पवन-कुमार।
बल बुद्धि विद्या देहु मोहिं, हरहु कलेश विकार॥2॥
चौपाई
जय हनुमान ज्ञान गुण सागर।
जय कपीस तिहुँ लोक उजागर॥1॥
राम दूत अतुलित बल धामा।
अंजनि पुत्र पवनसुत नामा॥2॥
महाबीर बिक्रम बजरंगी।
कुमति निवार सुमति के संगी॥3॥
कंचन बरन बिराज सुबेसा।
कानन कुण्डल कुंचित केसा॥4॥
हाथ बज्र औ ध्वजा बिराजै।
काँधे मूँज जनेऊ साजै॥5॥
शंकर सुवन केसरी नंदन।
तेज प्रताप महा जग बंदन॥6॥
विद्यावान गुनी अति चातुर।
राम काज करिबे को आतुर॥7॥
प्रभु चरित्र सुनिबे को रसिया।
राम लखन सीता मन बसिया॥8॥
सूक्ष्म रूप धरि सियहिं दिखावा।
विकट रूप धरि लंक जरावा॥9॥
भीम रूप धरि असुर संहारे।
रामचंद्र के काज संवारे॥10॥
लाय सजीवन लखन जियाये।
श्रीरघुबीर हरषि उर लाये॥11॥
रघुपति कीन्ही बहुत बढ़ाई।
तुम मम प्रिय भरतहि सम भाई॥12॥
सहस बदन तुम्हरो यश गावैं।
अस कहि श्रीपति कंठ लगावैं॥13॥
सनकादिक ब्रह्मादि मुनीसा।
नारद सारद सहित अहीसा॥14॥
जम कुबेर दिगपाल जहाँ ते।
कवि कोविद कहि सके कहाँ ते॥15॥
तुम उपकार सुग्रीवहिं कीन्हा।
राम मिलाय राजपद दीन्हा॥16॥
तुम्हरो मन्त्र विभीषण माना।
लंकेस्वर भए सब जग जाना॥17॥
जुग सहस्र जोजन पर भानू।
लील्यो ताहि मधुर फल जानू॥18॥
प्रभु मुद्रिका मेलि मुख माहीं।
जलधि लाँघि गए अचरज नाहीं॥19॥
दुर्गम काज जगत के जेते।
सुगम अनुग्रह तुम्हरे तेते॥20॥
राम दुआरे तुम रखवारे।
होत न आज्ञा बिनु पैसारे॥21॥
सब सुख लहै तुम्हारी सरना।
तुम रक्षक काहू को डरना॥22॥
आपन तेज सम्हारो आपै।
तीनों लोक हाँक ते कांपै॥23॥
भूत पिशाच निकट नहिं आवै।
महाबीर जब नाम सुनावै॥24॥
नासै रोग हरै सब पीरा।
जपत निरंतर हनुमत बीरा॥25॥
संकट तें हनुमान छुड़ावै।
मन क्रम बचन ध्यान जो लावै॥26॥
सब पर राम तपस्वी राजा।
तिनके काज सकल तुम साजा॥27॥
और मनोरथ जो कोई लावै।
सोइ अमित जीवन फल पावै॥28॥
चारों जुग परताप तुम्हारा।
है परसिद्ध जगत उजियारा॥29॥
साधु संत के तुम रखवारे।
असुर निकंदन राम दुलारे॥30॥
अष्टसिद्धि नौ निधि के दाता।
अस बर दीन जानकी माता॥31॥
राम रसायन तुम्हरे पासा।
सदा रहो रघुपति के दासा॥32॥
तुम्हरे भजन राम को पावै।
जनम जनम के दुख बिसरावै॥33॥
अंत काल रघुबर पुर जाई।
जहाँ जन्म हरि-भक्त कहाई॥34॥
और देवता चित्त न धरई।
हनुमत सेइ सर्ब सुख करई॥35॥
संकट कटै मिटै सब पीरा।
जो सुमिरै हनुमत बलबीरा॥36॥
जय जय जय हनुमान गोसाईं।
कृपा करहु गुरु देव की नाईं॥37॥
जो शत बार पाठ कर कोई।
छूटहि बंदि महा सुख होई॥38॥
जो यह पढ़ै हनुमान चालिसा।
होय सिद्धि साखी गौरीसा॥39॥
तुलसीदास सदा हरि चेरा।
कीजै नाथ हृदय महँ डेरा॥40॥
दोहा
पवनतनय संकट हरन, मंगल मूरति रूप।
राम लखन सीता सहित, हृदय बसहु सुर भूप॥
Hanuman Arti
आरती
जय हनुमान ज्ञान गुन सागर।
जय कपीस तिहुँ लोक उजागर॥
राम दूत अतुलित बलधामा।
अंजनि पुत्र पवनसुत नामा॥
महाबीर बिक्रम बजरंगी।
कुमति निवार सुमति के संगी॥
कंचन बरन बिराज सुबेसा।
कानन कुंडल कुँचित केसा॥
हाथ बज्र औ ध्वजा बिराजै।
काँधे मूँज जनेऊ साजै॥
शंकर सुवन केसरी नंदन।
तेज प्रताप महा जग बंदन॥
सदाकाल हनुमान भक्त जन की सेवा।
दीनबंधु संकट मोचन, संकट से छुड़ावे॥
जय हनुमान, जय हनुमान।
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