उत्तर प्रदॆश के अवध परिक्षेत्र कॆ अन्तर्गत राम के चरणों का प्रक्षालन करने वाली परम पावन सलिला सरयू के तट पर फैजाबाद जनपद का पूर्वाचल क्षेत्र, वर्तमान में अम्बेडकर नगर जनपद का सीमान्त क्षेत्र रामनगर उत्तम शिक्षा की दृष्टि से उपेक्षित एंव पिछड़ा हुआ क्षेत्र रहा । इस क्षेत्र को शिक्षा के क्षेत्र में विकसित करने का दृढ् संकल्प लिए हूए स्व० श्री विक्रमाजीत वर्मा जी ने क्षेत्रीय संभ्रान्त व्यक्तियों के
सहयोग से जयबजरंग बाल विद्या मन्दिर राम नगर साकेत के नाम से १ जुलाई सन १९८२ को विद्यालय सस्थापित किया. प्रारम्भ मे शिशु कक्षा से सचालित होकर यह विद्यालय अभिभावको के आग्रह व सह्-योग से उत्त्तरोत्तर विकास करता हुआ इण्टरमिडिएट की मधामिक शिक्षा परिषद् उत्तेर प्रदेश से मान्यता प्राप्त किया और यह संस्थान गुणवता युक्त शिक्षण के माध्यम से बोर्ड की परीक्षाओ में अपना गौरव पूर्ण स्थान बना रहा है । उत्तर प्रदेश हाईस्कूल बोर्ड में भैया राजेश यादव ने मेरित सुची में नवं स्थान प्राप्त कर विद्यालय और जनपद का गौरव बढाया ।
विकास के इसी क्रम में इंटर विज्ञान वर्ग का शिक्षण सत्र २००४-०५ में प्रारंभ किया गया जिसमें विद्यालय के प्रधानाचार्य माननीय श्री राजेंद्र सिंह जी के नेतृत्व में विज्ञान प्रयोगशालाओ, कंप्यूटर एवं अत्याधुनिक उपकरणों की व्यवस्था सुनिश्चित की गयी । इसी के साथ दूर से आये हुए जिज्ञासु एवं मेधावी छात्रों के आवास एंव अध्ययन के लिए छात्रावास की वयवस्था है । समय-समय पर अतिरिक्त शिक्षण की भी व्यवस्था की जाती है ।
इस प्रकार अल्प क्षात्रो एवं विपिन्न्ताओ से प्रगति करता हुआ यह विद्यालय आधुनिक सुविधाओ से युक्त होकर सुयोग्य आचार्यो के अथक परिश्रम द्वारा मा० प्रधानाचार्य जी के नेतृत्व में एवं प्रतियोगी शिक्षा के द्वारा अपने विकास की प्रमारणिकता सिधद कर रहा है।
विद्यालय का परिवेश स्वास्थ्यवर्धक एवं संस्कार प्रद है । यहाँ बालको में प्रकृति व प्रकृति नियंता के प्रति उपकार भाव, मानव जीवन मूल्यों के प्रति आस्था, देश प्रेम, माता पिता, आचार्यों, संतों, फकीरों एवं महापुरषों के प्रति आदर भाव आदि सद्गगुणों का विकास होता है।