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19/04/2026

एत्मादुद्दौला में बड़ी डकैती: चांदी कारीगर को बंधक बना 30 किलो चांदी लूटी

ताजनगरी आगरा में अपराधियों के हौसले इस कदर बुलंद हैं कि अब वे घरों की छतें काटकर वारदातों को अंजाम दे रहे हैं। ताजा मामला थाना एत्मादुद्दौला क्षेत्र के नगला छदामी (मंगल विहार कॉलोनी) का है, जहाँ शुक्रवार-शनिवार की दरम्यानी रात आधा दर्जन नकाबपोश बदमाशों ने एक चांदी कारीगर के घर में घुसकर जमकर तांडव मचाया। बदमाशों ने बुजुर्ग गृहस्वामी को हथियारों के बल पर बंधक बना लिया और घर में रखी करीब 30 किलो चांदी व अन्य कीमती सामान लूटकर रफूचक्कर हो गए।

छत काटकर घर में दाखिल हुए बदमाश :

जानकारी के अनुसार, यह वारदात चांदी कारीगर रामदत्त के घर पर हुई। घटना के वक्त परिवार के अन्य सदस्य किसी काम से बाहर गए हुए थे और घर पर केवल उनके बुजुर्ग पिता राधेश्याम अकेले थे। बदमाशों ने फिल्म 'ओए लकी लकी ओए' की तर्ज पर वारदात की योजना बनाई थी। वे पड़ोसी के मंदिर की दीवार के सहारे छत पर चढ़े और ग्राइंडर से लिंटर के सरिया काटकर घर के अंदर दाखिल हुए।

तमंचे की नोक पर बंधक बनाया :

घर में घुसते ही दो नकाबपोश बदमाशों ने सो रहे राधेश्याम के ऊपर तमंचे तान दिए और उन्हें हिलने-डुलने पर जान से मारने की धमकी दी। इसके बाद बदमाशों ने घर का मुख्य दरवाजा खोलकर अपने तीन-चार अन्य साथियों को भी अंदर बुला लिया। बदमाशों ने उस कमरे का ताला तोड़ा जहाँ चांदी रखी हुई थी। अलमारी और बक्सों को खंगालते हुए वे करीब 30 किलोग्राम चांदी और महिलाओं के जेवरात समेट लिए।

CCTV का DVR भी साथ ले गए लुटेरे :

शातिर अपराधी अपने साथ साक्ष्य मिटाने के लिए घर में लगे सीसीटीवी कैमरों का डीवीआर भी उखाड़ ले गए, ताकि पुलिस को उनकी पहचान का कोई सुराग न मिल सके। वारदात को अंजाम देने के बाद बदमाश आराम से फरार हो गए। बदमाशों के जाने के बाद पीड़ित ने शोर मचाया, जिसके बाद कॉलोनी के लोग और पुलिस मौके पर पहुंची

पुलिस की जांच और सुरक्षा पर सवाल :

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस के आला अधिकारी, डॉग स्क्वायड और फोरेंसिक टीम के साथ मौके पर पहुंचे। हालांकि, पुलिस इस मामले को शुरुआत में 'नकबजनी' के तौर पर देख रही है, जबकि स्थानीय लोगों में इसे 'डकैती' मानकर भारी रोष है। पुलिस पीड़ित कारीगर से चांदी के बिल और उसके स्रोत के बारे में भी पूछताछ कर रही है।

शहर के बीचों-बीच हुई इस बड़ी वारदात ने पुलिस गश्त और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। थाना एत्मादुद्दौला पुलिस का कहना है कि संदिग्धों की तलाश की जा रही है और जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।।

19/04/2026

परशुराम चौक विवाद: पुलिस ने 4 मुख्य आरोपियों को किया गिरफ्तार

आगरा के आवास विकास कॉलोनी स्थित परशुराम चौक पर हुए हालिया विवाद में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 4 मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। डॉक्टर भीमराव अंबेडकर जयंती के दौरान हुई इस घटना ने शहर में सांप्रदायिक तनाव और आक्रोश पैदा कर दिया था, जिसके बाद पुलिस लगातार आरोपियों की तलाश में जुटी थी।

घटना का पूरा विवरण :

विवाद की शुरुआत 14 अप्रैल को अंबेडकर जयंती के अवसर पर निकाली गई एक बाइक रैली के दौरान हुई थी। आरोप है कि सेक्टर-10 स्थित परशुराम चौक पर रैली में शामिल कुछ अराजक तत्वों ने धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला कृत्य किया। वायरल हुए वीडियो में कुछ युवक जूते-चप्पल पहनकर चौक की प्रतिमा पर चढ़ते और वहां नीला झंडा फहराते हुए देखे गए थे।

इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने के बाद ब्राह्मण समाज में भारी आक्रोश फैल गया। समाज के विभिन्न संगठनों ने सिकंदरा थाने का घेराव किया और आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग को लेकर 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया था। प्रदर्शनकारियों ने मांग की थी कि धार्मिक स्थल का अपमान करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाए।

पुलिस की कार्रवाई और गिरफ्तारी :

मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस कमिश्नर दीपक कुमार ने तुरंत जांच के आदेश दिए थे। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और सोशल मीडिया पर उपलब्ध वीडियो के आधार पर आरोपियों की पहचान की। रविवार को पुलिस ने दबिश देकर इस मामले के 4 मुख्य चेहरों को गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस के अनुसार, पकड़े गए युवकों पर धार्मिक भावनाओं को भड़काने और सार्वजनिक स्थल पर अशांति फैलाने की धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि अन्य संदिग्धों की भी पहचान की जा रही है और किसी भी हाल में शहर का माहौल बिगड़ने नहीं दिया जाएगा।

शांति की अपील और सुरक्षा व्यवस्था :

तनाव को देखते हुए परशुराम चौक और आसपास के क्षेत्रों में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। पुलिस प्रशासन ने परशुराम चौक पर एक स्थायी पुलिस चौकी बनाने का भी आश्वासन दिया है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके। स्थानीय नेताओं और गणमान्य नागरिकों ने जनता से शांति बनाए रखने और किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है।

19/04/2026

अक्षय तृतीया पर आगरा के मंदिरों में उमड़ा जनसैलाब

ताजनगरी में आज अक्षय तृतीया और परशुराम जयंती का पर्व बेहद हर्षोल्लास और भक्तिभाव के साथ मनाया जा रहा है। सुबह के ब्रह्म मुहूर्त से ही शहर के प्रमुख शिवालयों और विष्णु मंदिरों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। मान्यता है कि इस दिन किया गया दान और पूजा अक्षय फल प्रदान करती है, इसी आस्था के साथ आज आगरा 'हर-हर महादेव' और 'जय श्री विष्णु' के जयघोष से गुंजायमान रहा।

प्रमुख मंदिरों में विशेष आयोजन :

आगरा के ऐतिहासिक मनकामेश्वर मंदिर में सुबह तड़के ही भक्तों की लंबी कतारें देखी गईं। भगवान शिव का विशेष श्रृंगार किया गया और पंचामृत अभिषेक के साथ सुख-समृद्धि की कामना की गई। वहीं, दयालबाग स्थित खुशहाली देवी मंदिर में सुबह 6 बजे से ही धार्मिक अनुष्ठानों का सिलसिला शुरू हुआ, जिसमें विष्णु सहस्त्रनाम यज्ञ और सुंदरकांड का पाठ मुख्य आकर्षण रहा।

शहर के अन्य प्राचीन मंदिरों जैसे राजेश्वर महादेव, बल्केश्वर, पृथ्वीनाथ और कैलाश मंदिर में भी हजारों श्रद्धालुओं ने शीश नवाया। यमुना किनारे के घाटों पर भी सुबह से ही स्नान और दान-पुण्य करने वालों का तांता लगा रहा। भीषण गर्मी के बावजूद श्रद्धालुओं के उत्साह में कोई कमी नहीं दिखी।

सर्राफा बाजार में 'गोल्डन' चमक :

अक्षय तृतीया को खरीदारी के लिए सबसे शुभ मुहूर्त माना जाता है। इसी का असर आगरा के सर्राफा बाजारों में साफ तौर पर देखा जा रहा है। किनारी बाजार, चौबे जी का फाटक और एमजी रोड स्थित शोरूम्स में सुबह से ही गहनों और सिक्कों की खरीदारी के लिए लोग पहुंच रहे हैं। जौहरियों के अनुसार, इस साल सोने और चांदी के सिक्कों के साथ-साथ पारंपरिक आभूषणों की भी काफी डिमांड है। डिजिटल गोल्ड और लाइटवेट ज्वेलरी युवाओं की पहली पसंद बनी हुई है।

सुरक्षा और यातायात व्यवस्था :

भारी भीड़ को देखते हुए आगरा पुलिस प्रशासन ने पुख्ता इंतजाम किए हैं। प्रमुख मंदिरों के बाहर पुलिस बल तैनात है और सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की जा रही है। मंदिरों के आसपास यातायात व्यवस्था को सुचारू रखने के लिए कुछ रूटों पर डायवर्जन भी किया गया है।

दान-पुण्य का विशेष महत्व :

अक्षय तृतीया पर आज दान का विशेष महत्व है। भक्तों द्वारा मंदिरों के बाहर गरीबों को भोजन, जल, सत्तू और मिट्टी के घड़े दान किए जा रहे हैं। साथ ही आज ही के दिन से चारधाम यात्रा का भी शुभारंभ हो गया है, जिससे धार्मिक पर्यटन से जुड़े लोगों में भी काफी उत्साह है।

कुल मिलाकर, 2026 की यह अक्षय तृतीया आगरावासियों के लिए आस्था, उमंग और नई शुरुआत का संदेश लेकर आई है।

18/04/2026

स्मार्ट मीटर से बढ़ी परेशानी: बैलेंस होने पर भी कटी बिजली

ताजनगरी में भीषण गर्मी की शुरुआत के साथ ही स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं की मुश्किलें बढ़ गई हैं। आगरा के विभिन्न क्षेत्रों से यह शिकायतें आम हो गई हैं कि मीटर में पर्याप्त बैलेंस होने के बावजूद बिजली अचानक कट रही है। उपभोक्ताओं का आरोप है कि बिजली विभाग के सर्वर और स्मार्ट मीटर के बीच तालमेल की कमी के कारण उन्हें बिना किसी गलती के अंधेरे में रात गुजारनी पड़ रही है।

क्या है पूरा मामला?

आगरा के लोहामंडी, शाहगंज, दयालबाग और आवास विकास जैसे घने बसे इलाकों में शनिवार को दर्जनों शिकायतें सामने आईं। उपभोक्ताओं का कहना है कि उनके मोबाइल ऐप पर बैलेंस 'पॉजिटिव' दिखा रहा है, फिर भी मीटर से बिजली की सप्लाई अपने आप कट हो रही है।

एक पीड़ित उपभोक्ता ने बताया, "मेरे खाते में 500 रुपये से ज्यादा का बैलेंस था, लेकिन अचानक रात 2 बजे बिजली गुल हो गई। हेल्पलाइन नंबर 1912 पर कॉल करने पर बताया गया कि सर्वर अपडेट नहीं होने के कारण मीटर ने सप्लाई काट दी है।"

तकनीकी खामी या लापरवाही?

जानकारों के मुताबिक, यह समस्या अक्सर तब आती है जब उपभोक्ता रिचार्ज करता है लेकिन सर्वर की सुस्ती के कारण वह जानकारी मीटर तक तुरंत नहीं पहुँच पाती। नियम के अनुसार, बैलेंस खत्म होने से पहले उपभोक्ताओं को चेतावनी संदेश मिलना चाहिए, लेकिन आगरा के मामले में बिना किसी सूचना के कनेक्शन काट दिए जा रहे हैं।

विभागीय प्रतिक्रिया :

दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम के अधिकारियों का कहना है कि कुछ क्षेत्रों में स्मार्ट मीटर के कम्युनिकेशन मॉड्यूल में तकनीकी खराबी आई है। विभाग ने तकनीकी टीम को अलर्ट पर रखा है और दावा किया है कि जल्द ही सिस्टम को दुरुस्त कर लिया जाएगा। हालांकि, ग्राउंड जीरो पर स्थिति इसके उलट है; लोग घंटों बिजली दफ्तरों के चक्कर काटने को मजबूर हैं।

18/04/2026

भ्रष्टाचार पर वार: फोर्ट डिपो में रिश्वत मांगने वाला लिपिक निलंबित

उत्तर प्रदेश सरकार की भ्रष्टाचार के विरुद्ध 'जीरो टॉलरेंस' की नीति का असर आगरा में धरातल पर दिखाई दे रहा है। ताजा मामला ताजनगरी के फोर्ट डिपो से सामने आया है, जहाँ काम के बदले रिश्वत की मांग करने वाले एक लिपिक (क्लर्क) को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।

क्या है पूरा मामला?

मिली जानकारी के अनुसार, फोर्ट डिपो में तैनात एक लिपिक पर आरोप था कि वह विभाग से जुड़े कार्यों को निपटाने के एवज में अवैध रूप से धन की मांग कर रहा था। बताया जा रहा है कि एक पीड़ित व्यक्ति, जो काफी समय से अपने काम के लिए दफ्तर के चक्कर काट रहा था, उससे लिपिक ने 'सुविधा शुल्क' की डिमांड की।

पीड़ित ने इसकी शिकायत उच्च अधिकारियों से की और साक्ष्य के तौर पर कुछ पुख्ता सबूत भी पेश किए। मामले की गंभीरता को देखते हुए, विभाग ने त्वरित जांच बिठाई।

प्रशासन की त्वरित कार्रवाई :

शिकायत की प्रारंभिक जांच में आरोप सही पाए जाने पर, क्षेत्रीय प्रबंधक (RM) ने सख्त रुख अपनाते हुए आरोपी लिपिक को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। प्रशासन के इस कड़े रुख से पूरे विभाग में हड़कंप मच गया है।

"भ्रष्टाचार किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सरकारी सेवा का अर्थ जनता की सेवा है, न कि अवैध वसूली। दोषी कर्मचारी के खिलाफ विभागीय जांच शुरू कर दी गई है और कड़ी दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।"

जनता के लिए कड़ा संदेश :

यह कार्रवाई उन लोगों के लिए एक चेतावनी है जो अपनी कुर्सी का इस्तेमाल निजी फायदे के लिए करते हैं। आगरा के परिवहन विभाग ने स्पष्ट कर दिया है कि यदि कोई भी कर्मचारी ईमानदारी की मर्यादा लांघता है, तो उसके लिए विभाग में कोई जगह नहीं है।

इस निलंबन के बाद डिपो परिसर में पारदर्शिता लाने के लिए कुछ और कड़े नियम लागू किए जा रहे हैं, ताकि भविष्य में कोई भी कर्मचारी इस तरह की हिम्मत न कर सके।

18/04/2026

आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज में पहली बार मुफ्त हार्ट बाईपास सर्जरी

आगरा के स्वास्थ्य क्षेत्र में आज एक नया स्वर्णिम अध्याय जुड़ गया है। डॉ. भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय से संबद्ध सरोजनी नायडू मेडिकल कॉलेज के सुपर स्पेशियलिटी विंग में पहली बार हार्ट बाईपास सर्जरी सफलतापूर्वक संपन्न हुई। यह सर्जरी न केवल संस्थान के लिए एक बड़ी उपलब्धि है, बल्कि ताजनगरी और आसपास के जिलों के गरीब मरीजों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है, क्योंकि यह पूरी प्रक्रिया पूरी तरह मुफ्त रही।

लाखों का इलाज अब अपनों के शहर में मुफ्त :

निजी अस्पतालों में जिस बाईपास सर्जरी के लिए 3 से 5 लाख रुपये तक का खर्च आता है, वह अब एसएन मेडिकल कॉलेज में आयुष्मान भारत और मुख्यमंत्री राहत कोष जैसी योजनाओं के तहत निशुल्क उपलब्ध है। जिन मरीजों के पास कार्ड नहीं है, उनके लिए भी यहां की दरें बेहद रियायती रखी गई हैं, जो निजी अस्पतालों की तुलना में महज एक छोटा हिस्सा हैं।

विशेषज्ञों की टीम और अत्याधुनिक तकनीक :

प्राचार्य डॉ. प्रशांत गुप्ता की देखरेख और सीटीवीएस विभाग के डॉ. सुशील सिंघल के नेतृत्व में अनुभवी सर्जनों, कार्डियक एनेस्थेटिस्ट और नर्सिंग स्टाफ की टीम ने इस जटिल ऑपरेशन को अंजाम दिया। हाल ही में कॉलेज में स्थापित की गई 2.25 करोड़ रुपये की हार्ट-लंग मशीन और आधुनिक मॉड्यूलर ओटी ने इस सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

मरीजों को मिली नई जिंदगी :

इस पहली सर्जरी के लिए एक ऐसे मरीज का चयन किया गया था, जो लंबे समय से ब्लॉकेज की समस्या से जूझ रहा था और आर्थिक तंगी के कारण निजी अस्पतालों में इलाज कराने में असमर्थ था। सफल ऑपरेशन के बाद मरीज को 12 बेड के विशेष कार्डियक आईसीयू में शिफ्ट किया गया है, जहाँ उसकी हालत स्थिर बनी हुई है।

पंजीकरण की प्रक्रिया :

मेडिकल कॉलेज प्रशासन के अनुसार, अब तक 40 से अधिक मरीज बाईपास सर्जरी के लिए पंजीकरण करा चुके हैं। आने वाले दिनों में हर हफ्ते नियमित रूप से ये ऑपरेशन किए जाएंगे।

18/04/2026

सावधान आगरा! लोन के नाम पर ठगी: महिलाओं से लाखों रुपये हड़पने वाला गिरोह सक्रिय

ताजनगरी में इन दिनों एक ऐसा शातिर गिरोह सक्रिय है, जो आर्थिक रूप से कमजोर और मध्यम वर्गीय महिलाओं को अपना निशाना बना रहा है। "आसान किस्तों और बिना गारंटी के लोन" का लालच देकर यह गिरोह अब तक शहर की दर्जनों महिलाओं से लाखों रुपये की ठगी कर चुका है।

कैसे जाल बिछाता है यह गिरोह?

पुलिस और स्थानीय सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, इस गिरोह के सदस्य खुद को फर्जी फाइनेंस कंपनियों या सरकारी योजनाओं के एजेंट बताकर मोहल्लों में पैठ बनाते हैं। इनका काम करने का तरीका बेहद शातिर है:

1. लुभावने ऑफर: महिलाओं को समूह लोन या व्यक्तिगत लोन दिलाने का झांसा दिया जाता है, जिसमें ब्याज दर बहुत कम बताई जाती है।

2. फाइल चार्ज के नाम पर वसूली: लोन पास कराने के नाम पर महिलाओं से 'फाइल चार्ज', 'प्रोसेसिंग फीस' या 'बीमा राशि' के तौर पर 2,000 से 10,000 रुपये तक की मांग की जाती है।

3. विश्वास जीतना: गिरोह के सदस्य शुरू में कुछ महिलाओं को छोटा लाभ दिखाकर पूरे मोहल्ले का विश्वास जीत लेते हैं, ताकि बड़ी रकम इकट्ठी की जा सके।

4. फरार होना: जैसे ही एक बड़ी राशि हाथ लगती है, ये जालसाज अपने दफ्तर बंद कर और मोबाइल स्विच ऑफ करके शहर से रफूचक्कर हो जाते हैं।

ताजा घटनाक्रम :

आगरा के डौकी और शमशाबाद क्षेत्रों से हाल ही में ऐसी शिकायतें सामने आई हैं, जहां एक फर्जी 'महिला उत्थान' नामक संस्था ने करीब 50 महिलाओं से लाखों रुपये हड़प लिए। पीड़ित महिलाओं का कहना है कि उन्हें सिलाई मशीन और लघु उद्योग के लिए 1 लाख रुपये का लोन देने का वादा किया गया था।

आगरा पुलिस की अपील: रहें सावधान :

साइबर सेल और स्थानीय पुलिस ने नागरिकों के लिए एडवाइजरी जारी की है:

अग्रिम भुगतान न करें: किसी भी वैध बैंक या फाइनेंस कंपनी में लोन मिलने से पहले कोई नकद राशि नहीं मांगी जाती।

दस्तावेजों की जांच: किसी भी संस्था को अपने आधार कार्ड या बैंक विवरण देने से पहले उसकी आधिकारिक वेबसाइट और रजिस्ट्रेशन नंबर की जांच जरूर करें।

प्रलोभन में न आएं: बाजार दर से बहुत कम ब्याज पर लोन देने का दावा करने वालों से दूरी बनाएं।

तुरंत सूचना दें: यदि कोई संदिग्ध व्यक्ति आपके क्षेत्र में लोन बांटने का झांसा दे, तो तुरंत नजदीकी थाने या हेल्पलाइन नंबर 112 पर सूचित करें।

पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए संदिग्ध ठिकानों पर दबिश देना शुरू कर दिया है और सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं।

18/04/2026

आगरा से ग्वालियर का सफर हुआ आसान, इनर रिंग रोड पर सरपट दौड़ेंगी गाड़ियाँ

ताजनगरी आगरा के इंफ्रास्ट्रक्चर में एक और बड़ा अध्याय जुड़ गया है। आगरा से ग्वालियर जाने वाले मुसाफिरों के लिए आज का दिन बड़ी राहत लेकर आया है। आगरा इनर रिंग रोड के तीसरे चरण के विधिवत संचालन के साथ ही अब ग्वालियर रोड (NH-44) की कनेक्टिविटी सीधे यमुना एक्सप्रेसवे और लखनऊ एक्सप्रेसवे से हो गई है।

शहर के जाम से मिलेगी मुक्ति :

अब तक नोएडा या लखनऊ की ओर से आने वाले वाहनों को ग्वालियर जाने के लिए आगरा शहर के भीतर से होकर गुजरना पड़ता था। एमजी रोड, रोहता नहर और सदर जैसे इलाकों में भारी ट्रैफिक के कारण यात्रियों का घंटों समय बर्बाद होता था। लेकिन अब, इनर रिंग रोड के जरिए वाहन शहर के बाहर-बाहर ही ग्वालियर रोड पर निकल सकेंगे।

प्रमुख विशेषताएं और लाभ:

समय की बड़ी बचत: इस नए रूट के शुरू होने से आगरा से ग्वालियर के बीच यात्रा के समय में करीब 30 से 45 मिनट की कमी आएगी।

ईंधन की बचत: ट्रैफिक सिग्नल और जाम न मिलने के कारण वाहनों की औसत रफ्तार बेहतर होगी, जिससे ईंधन की खपत कम होगी।

पर्यटन को बढ़ावा: दिल्ली-नोएडा से ग्वालियर और ओरछा जाने वाले पर्यटकों के लिए अब आगरा "हब" के रूप में और अधिक सुविधाजनक हो गया है।

भारी वाहनों का डायवर्जन: शहर के अंदर भारी वाहनों का प्रवेश कम होगा, जिससे स्थानीय निवासियों को प्रदूषण और जाम से राहत मिलेगी।

ग्वालियर रोड पर बढ़ेगी रफ्तार :

इनर रिंग रोड का यह हिस्सा फतेहाबाद रोड से शुरू होकर देवरी रोड होते हुए सीधे ग्वालियर रोड (NH-44) को जोड़ता है। सड़क की गुणवत्ता और चौड़ाई को देखते हुए इसे आधुनिक मानकों पर तैयार किया गया है। रात के समय भी सफर को सुरक्षित बनाने के लिए यहाँ अत्याधुनिक स्मार्ट एलईडी लाइट्स और सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं।

व्यापार और लॉजिस्टिक्स को नई दिशा :

आगरा के जूता उद्योग और ग्वालियर के स्टोन/लॉजिस्टिक्स सेक्टर के बीच माल की आवाजाही अब तेज होगी। कम समय में माल पहुँचने से ट्रांसपोर्टेशन की लागत में भी गिरावट आने की संभावना है।

18/04/2026

आगरा: सीएम ग्रिड योजना में बड़ी लापरवाही, धूल उड़ाने पर लगा 5 लाख का भारी जुर्माना

ताजनगरी में मुख्यमंत्री ग्रीन रोड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट योजना के तहत चल रहे विकास कार्यों में बड़ी लापरवाही सामने आई है। शहर को 'मॉडल रोड' की सौगात देने वाली इस महत्वाकांक्षी योजना में पर्यावरण नियमों की धज्जियां उड़ाने पर नगर निगम और जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। निर्माण स्थल पर धूल नियंत्रण के इंतजाम न करने और वायु प्रदूषण फैलाने के आरोप में संबंधित कार्यदायी संस्था पर 5 लाख रुपये का भारी जुर्माना लगाया गया है।

क्या है पूरा मामला? आगरा के हरीपर्वत से राजा मंडी स्टेशन और टेढ़ी बगिया से कालिंदी विहार मार्ग पर सीएम ग्रिड योजना के तहत सड़कों को आधुनिक बनाने का काम युद्ध स्तर पर चल रहा है। शुक्रवार को निरीक्षण के दौरान पाया गया कि निर्माण स्थल पर न तो पानी का छिड़काव किया जा रहा था और न ही धूल को रोकने के लिए 'ग्रीन नेट' या पर्दे लगाए गए थे। इसके कारण पूरे क्षेत्र में धूल का गुबार छाया हुआ था, जिससे स्थानीय निवासियों और राहगीरों को सांस लेने में भारी कठिनाई का सामना करना पड़ रहा था।

प्रशासन की सख्त कार्रवाई आगरा नगर आयुक्त ने मामले का संज्ञान लेते हुए तत्काल प्रभाव से कार्रवाई के निर्देश दिए। अधिकारियों के मुताबिक, निर्माण एजेंसी को पहले भी कई बार चेतावनी दी गई थी कि ताज ट्रेपेजियम ज़ोन (TTZ) के संवेदनशील नियमों का पालन किया जाए, लेकिन ठेकेदार की मनमानी जारी रही। लापरवाही की पराकाष्ठा को देखते हुए नगर निगम ने 5 लाख रुपये का चालान काटते हुए सख्त चेतावनी दी है कि यदि 24 घंटे के भीतर धूल शमन के मानक पूरे नहीं किए गए, तो काम को तुरंत रोक दिया जाएगा।

जनता की सेहत से खिलवाड़ नहीं: अधिकारी जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि "मुख्यमंत्री जी की मंशा शहर को बेहतर सड़कें और हरा-भरा वातावरण देने की है। सीएम ग्रिड योजना का उद्देश्य शहर का सौंदर्यीकरण है, न कि प्रदूषण फैलाना। किसी भी स्तर पर भ्रष्टाचार या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।"

बता दें कि सीएम ग्रिड योजना के तहत आगरा की 5 प्रमुख सड़कों को मॉडल रोड के रूप में विकसित किया जा रहा है, जिसमें अंडरग्राउंड यूटिलिटी डक्ट, फुटपाथ और हरियाली का विशेष प्रावधान है। लेकिन निर्माण के दौरान बरती जा रही यह लापरवाही सरकार की छवि को धूमिल कर रही है।

ठेकेदारों में मचा हड़कंप इस भारी जुर्माने के बाद शहर में चल रहे अन्य विकास कार्यों की कार्यदायी संस्थाओं में भी हड़कंप मच गया है। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि विकास के नाम पर जनता की सेहत और पर्यावरण से खिलवाड़ करने वालों पर इसी तरह की कठोर दंडात्मक कार्रवाई जारी रहेगी।

18/04/2026

आगरा: 23 अप्रैल को धूमधाम से निकाली जाएगी भगवान परशुराम की भव्य शोभायात्रा

आगरा। ताजनगरी आगरा अपनी साझा संस्कृति और भव्य आयोजनों के लिए जानी जाती है। इसी कड़ी में, आगामी 23 अप्रैल 2026 को अक्षय तृतीया और भगवान श्री परशुराम जन्मोत्सव के पावन अवसर पर शहर में एक विशाल और भव्य शोभायात्रा निकाली जाएगी। इस आयोजन को लेकर सकल ब्राह्मण समाज और विभिन्न धार्मिक संगठनों ने तैयारियां तेज कर दी हैं।

भक्ति और शक्ति का अनूठा संगम :

भगवान परशुराम, जिन्हें भगवान विष्णु का छठा अवतार माना जाता है, उनके जन्मोत्सव पर निकलने वाली यह शोभायात्रा आगरा के सांस्कृतिक कैलेंडर का एक अहम हिस्सा बन चुकी है। आयोजकों के मुताबिक, इस वर्ष की शोभायात्रा पिछले सभी रिकॉर्ड तोड़ने वाली होगी। इसमें न केवल आगरा शहर, बल्कि आसपास के ग्रामीण इलाकों से भी हजारों की संख्या में श्रद्धालु शामिल होंगे।

शोभायात्रा का मार्ग और मुख्य आकर्षण :

शोभायात्रा का शुभारंभ शहर के प्रमुख मंदिर से विधि-विधान से पूजन और आरती के बाद किया जाएगा।

झांकियां: यात्रा में लगभग 50 से अधिक सजीव और विद्युत चालित झांकियां शामिल होंगी, जो भगवान परशुराम के जीवन चरित्र, रामायण और महाभारत के प्रसंगों को जीवंत करेंगी।

बैंड और अखाड़े: नासिक के ढोल, स्थानीय बैंड और पारंपरिक अखाड़ों के कलाकार अपने कौशल का प्रदर्शन करते हुए शोभायात्रा की रौनक बढ़ाएंगे।

पुष्प वर्षा: पूरे मार्ग में जगह-जगह सामाजिक और व्यापारिक संगठनों द्वारा स्वागत द्वार बनाए जा रहे हैं, जहां से श्रद्धालुओं पर पुष्प वर्षा की जाएगी।

सुरक्षा और व्यवस्था के कड़े इंतजाम :

इतने बड़े आयोजन को देखते हुए आगरा पुलिस और प्रशासन भी अलर्ट मोड पर है। रूट डायवर्जन प्लान तैयार किया जा रहा है ताकि आम जनता को आवागमन में असुविधा न हो। शोभायात्रा के मार्ग पर सीसीटीवी कैमरों और ड्रोन से निगरानी रखी जाएगी। साथ ही, स्वयंसेवक भी व्यवस्था संभालने में पुलिस का सहयोग करेंगे।

आयोजन समिति की अपील :

आयोजन समिति के पदाधिकारियों ने एक बैठक के दौरान कहा, "भगवान परशुराम केवल एक समाज के नहीं, बल्कि पूरी मानवता के लिए न्याय और तपस्या के प्रतीक हैं। हम सभी आगरा वासियों को इस उत्सव में शामिल होने का निमंत्रण देते हैं।" उन्होंने अपील की है कि सभी श्रद्धालु अनुशासन के साथ यात्रा में शामिल हों और स्वच्छता का विशेष ध्यान रखें।

23 अप्रैल को होने वाले इस भव्य आयोजन ने अभी से ही ताजनगरी के माहौल को भक्तिमय बना दिया है। मंदिरों में विशेष साज-सज्जा की जा रही है और घर-घर में दीपोत्सव की तैयारियां चल रही हैं।

18/04/2026

यमुना सफाई अभियान: 'वर्ल्ड हेरिटेज डे' पर घाटों पर श्रमदान

विश्व विरासत दिवस के अवसर पर ताजनगरी आगरा में आज एक अलग ही उत्साह देखने को मिला। अमूमन लोग इस दिन स्मारकों की सैर करते हैं, लेकिन आज आगरा के जागरूक नागरिकों, स्वयंसेवी संस्थाओं और प्रशासन ने मिलकर एक नई मिसाल पेश की। 'यमुना सफाई अभियान' के तहत शहर के विभिन्न घाटों पर विशाल 'श्रमदान' कार्यक्रम आयोजित किया गया।

विरासत के संरक्षण के साथ प्रकृति का सम्मान :

आगरा की पहचान केवल पत्थरों से बनी इमारतों से नहीं, बल्कि यहाँ बहने वाली जीवनदायिनी यमुना से भी है। इसी सोच के साथ आज सुबह 7 बजे से ही एत्मादुद्दौला घाट, हाथी घाट और कैलाश घाट पर सैकड़ों लोग हाथों में दस्ताने और झाड़ू थामे नजर आए।

इस अभियान का मुख्य उद्देश्य यह संदेश देना था कि यदि यमुना स्वच्छ नहीं होगी, तो हमारी ऐतिहासिक विरासतों की चमक भी फीकी पड़ जाएगी।

श्रमदान की मुख्य झलकियाँ:

जन-भागीदारी: स्कूल-कॉलेज के छात्र-छात्राओं से लेकर बुजुर्गों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने मिलकर नदी किनारे से भारी मात्रा में प्लास्टिक कचरा, पॉलीथिन और पुरानी सामग्री को बाहर निकाला।

प्रशासनिक सहयोग: नगर निगम की टीमों ने एकत्रित किए गए कचरे के निस्तारण के लिए तुरंत गाड़ियों की व्यवस्था की।

जागरूकता संवाद: घाटों पर मौजूद लोगों को शपथ दिलाई गई कि वे भविष्य में यमुना में कचरा नहीं फेंकेंगे और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करेंगे।

हमारा संकल्प :

विश्व विरासत दिवस पर यह पहल हमें याद दिलाती है कि हमारी जिम्मेदारी केवल इतिहास को सहेजने तक सीमित नहीं है, बल्कि उस पर्यावरण को बचाने की भी है जो इन विरासतों को जीवित रखता है। अगर आप भी आगरा से प्यार करते हैं, तो अगली बार यमुना किनारे जाते समय उसे स्वच्छ रखने का संकल्प जरूर लें।

#विश्वविरासतदिवस #यमुनासफाईअभियान

18/04/2026

विश्व विरासत दिवस: ताजमहल और आगरा किला में विशेष आयोजन

आज 18 अप्रैल 2026 को दुनिया भर में 'विश्व विरासत दिवस' मनाया जा रहा है। इस अवसर पर ताजनगरी आगरा में पर्यटकों के लिए एक खास तोहफा है। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण ने ताज महल, आगरा किला और फतेहपुर सीकरी सहित देश के सभी संरक्षित स्मारकों में पर्यटकों के लिए मुफ्त प्रवेश की घोषणा की है।

प्रमुख आकर्षण और आयोजन :

नि:शुल्क प्रवेश: आज सूर्योदय से सूर्यास्त तक ताज महल, आगरा किला, एतमादुद्दौला और सिकंदरा जैसे ऐतिहासिक स्थलों पर कोई प्रवेश शुल्क नहीं लगेगा। पर्यटकों के लिए टिकट विंडो बंद रहेंगी।

ताजमहल के मुख्य मकबरे का नियम: हालांकि प्रवेश मुफ्त है, लेकिन ताजमहल के मुख्य गुंबद को देखने के लिए पर्यटकों को निर्धारित 200 रुपये का अतिरिक्त टिकट लेना होगा। यह व्यवस्था भीड़ नियंत्रण के उद्देश्य से की गई है।

विशेष जागरूकता कार्यक्रम: एएसआई द्वारा स्मारकों पर स्वच्छता अभियान और विरासत संरक्षण को लेकर जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। स्कूलों और कॉलेजों के छात्रों के लिए 'हेरिटेज वॉक' का भी आयोजन किया गया है।

वर्ष 2026 की थीम :

इस वर्ष विश्व विरासत दिवस की थीम "संघर्षों और आपदाओं के संदर्भ में जीवित विरासत के लिए आपातकालीन प्रतिक्रिया" रखी गई है। इसका उद्देश्य जलवायु परिवर्तन और अन्य आपदाओं से अपनी ऐतिहासिक धरोहरों को सुरक्षित रखने के प्रति लोगों को जागरूक करना है।

पर्यटकों की भारी भीड़ :

मुफ्त प्रवेश की घोषणा के चलते शनिवार की सुबह से ही स्मारकों पर पर्यटकों का तांता लगा हुआ है। सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस प्रशासन ने भी कड़े इंतजाम किए हैं ताकि पर्यटकों को कोई असुविधा न हो।

अगर आप भी अपनी ऐतिहासिक विरासत को करीब से देखना चाहते हैं, तो आज का दिन आगरा के इन विश्व प्रसिद्ध स्थलों की यात्रा के लिए सबसे उत्तम है।

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