Panchsheel inter college Agra

Panchsheel inter college Agra

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Panchsheel Inter collegeAgra is a premier educational institution, having the largest and the most

14/04/2026

“जय भीम!”
डॉ. B. R. Ambedkar जी की जयंती पर हम उनके विचारों को याद करें और उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लें।
उन्होंने हमें समानता, स्वतंत्रता और बंधुत्व का जो संदेश दिया, वही हमारे समाज की असली ताकत है।
“शिक्षित बनो, संगठित रहो, संघर्ष करो” – यह उनका अमर संदेश आज भी हमें आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है।
इस पावन अवसर पर आइए, हम सब मिलकर एक ऐसे समाज का निर्माण करें जहां हर व्यक्ति को सम्मान और अधिकार मिले।

12/05/2025

शांति और करुणा के दूत भगवान बुद्ध को कोटिश: नमन व सभी देशवासियों को बुद्ध पूर्णिमा की हार्दिक शुभकामनाएं

26/02/2024

Meaning of panchsheel 🙏🙏🙏

05/05/2023

बुद्ध पूर्णिमा का दिन दुनिया में इतना महत्वपूर्ण क्यों है?
• त्रि-गुण पावन वैशाख पूर्णिमा
• उपोसथ उपवास का दिन
• ध्यान साधना व दान का दिन
यह पावन दिन विशेष महत्व का होता है क्योंकि पूर्णिमा के दिन चन्द्रमा पूर्णत्व को प्राप्त होता है इसीलिए पूर्णिमा आनंद दायक पर्व के रूप में मनाई जाती है. हर पूर्णिमा बुद्ध के जीवन की किसी न किसी घटना को दर्शाती है.
बुद्ध पूर्णिमा त्रिविध, त्रिगुण पावन पर्व है. वैशाख (वैसाक) पूर्णिमा सम्यक सम्बुद्ध भगवान बुद्ध के जीवन की तीन महत्वपूर्ण घटनाओं से संबंधित है.
1. जन्म-
563 ईसा पूर्व वैशाख पूर्णिमा के दिन तथागत बुद्ध का राजकुमार सिद्धार्थ के रूप में कपिलवस्तु गणराज्य के लुम्बिनी वन में शालवृक्ष के नीचे जन्म हुआ था .
2. बुद्धत्व प्राप्ति-
528 ईसा पूर्व वैशाख पूर्णिमा के दिन 35 वर्ष की आयु में बोधगया में बोधिवृक्ष पीपल के नीचे शाक्यपुत्र सिद्धार्थ को बोधित्व ज्ञान की प्राप्ति हुई थी .
3. महापरिनिर्वाण-
483 ईसा पूर्व वैशाख पूर्णिमा के दिन ही तथागत बुद्ध को कुशीनगर में शालवृक्ष के नीचे महापरिनिर्वाण की प्राप्ति हुई .
संसार में इस प्रकार की तीन घटनाएं किसी भी महान पुरूष के साथ एक ही दिन नहीं घटी. इन तीन घटनाओं के कारण ही बुद्ध पूर्णिमा को त्रिविध या त्रिगुण पावन पर्व कहते है. इस प्रकार बुद्ध पूर्णिमा पवित्र है और मंगलकारी है.
पूर्णिमा के दिन उपासक उपासिकाओं द्वारा उपोसथ व्रत रखा जाता है व ध्यान साधना का अभ्यास किया जाता है. सुबह जल्दी उठकर स्नान कर बुद्ध की प्रतिमा के सम्मुख सपरिवार बुद्ध वंदना करें, तथागत के प्रति कृतज्ञता प्रकट करें कि उन्होंने मानव कल्याण के लिए जगत को अनमोल रत्न 'धम्म' दिया.
बुद्ध का वंदन करें लेकिन कोई कर्मकांड न करें. करुणा के सागर की कृतज्ञता प्रकट करें. पंचशीलों का पालन करने का दृढ़ निश्चय करें. 'धम्मपद' और 'बुद्ध व उनका धम्म' को पढे.
बुद्ध पूर्णिमा के उपोसथ व्रत के दिन सुबह नाश्ता और दोपहर को भोजन करें लेकिन रात को कुछ भी नहीं खाएं, क्योंकि पूर्णिमा की रात उपवास, वंदना और ध्यान भावना करने की विशेष रात मानी जाती है.
पूर्णिमा की रात बड़ी पावन, मंगलमय, धम्म तरंगों से ओतप्रोत मानी जाती है. रात्रि को उपवास रखकर ध्यान साधना द्वारा सृष्टि की धम्म तरंगों में शरीर और मन को समाविष्ट करने से सुख की प्राप्ति होती है.
धम्म में दान का बड़ा महत्व होता है इसलिए पूर्णिमा के दिन अपने सामर्थ्य अनुसार भोजन, फल, वस्त्र, बच्चों को पाठ्य सामग्री, बुद्ध साहित्य आदि का दान भी करते है. यह भी कि इन परम्पराओं के पालन में कहीं भी कर्मकांड व अंधश्रद्धा नहीं हो. मानवतावादी व वैज्ञानिक सोच का पालन हो.
सुखो बुद्धानं उप्पादो... अर्थात संसार में बुद्धों का जन्म लेना सुखदायक है. सुखकारी है बुद्धों का जन्म लेना.
भवतु सब्बं मंगलं..सभी प्राणी सुखी हो

01/11/2022

दु:खद !
महान समाजसेवी रामचरण भास्कर जी आज हमारे बीच नहीं रहे !!!
भावभीनी श्रद्धांजलि

A poet in the classroom 08/07/2022

A poet in the classroom The city’s first children’s literature festival is a month-long event, featuring talks, panel discussions, workshops, theatre and music. It will also encourage children to write, and be published

14/04/2022

बाबा साहब की जयंती पर सबको जय भीम।


31/03/2022
21/03/2022

इस सिग्नेचर के आधार पर साइन करने वाले का नाम बताइए.
Photo : Social Media Viral

10/02/2022

ये है स्मार्ट लाइब्रेरी, जिसे SP हाथरस श्री सर ने थाना चंदपा में तैयार कराया है।
इसका उद्देश्य ग्रामीण एवं गरीब बच्चों को सुगमता से अच्छा वातावरण और पुस्तकें उपलब्ध करना है।
लाइब्रेरी में 1000 से अधिक आध्यात्मिक,विज्ञान,साहित्य,लॉ एवं प्रतियोगी पुस्तकें उपलब्ध हैं।

03/01/2022

!!!!! धन्य धन्य सावित्रीबाई !!!!!

धन्य धन्य सावित्रीबाई जिसने ज्ञान की जोत जलाई
नारी को शिक्षित कर जिसने देश की आधी कौम जगाई
नारी की शिक्षा के हक में जिसने थी आवाज उठाई
नर नारी की बराबरी की जिसने पहले बात बताई

तीन जनवरी उस सावित्री का जन्मदिन आता है - 2
इस दिन को पूरा भारत अब शिक्षक दिवस मनाता है - 2

धन्य धन्य सावित्री जो लड़ती रही तूफान में
वह सावित्री झुकी नहीं जो धमकी और अपमान में
वह सावित्री खड़ी रही जो नारी के सम्मान में
सारी दुनिया नतमस्तक है जिस सावित्री की शान में

तीन जनवरी उस सावित्री का जन्मदिन आता है - 2
इस दिन को पूरा भारत अब शिक्षक दिवस मनाता है - 2

धन्य धन्य सावित्री जिसने शिक्षा का अधिकार दिया
बनकर एक मसीहा जिसने एक नया संसार दिया
जिसने विद्यालय खुलवाकर नारी शक्ति को तार दिया
जिसने कष्ट सहे खुद लेकिन हमको प्यार दुलार दिया

तीन जनवरी उस सावित्री का जन्मदिन आता है - 2
इस दिन को पूरा भारत अब शिक्षक दिवस मनाता है – 2

धन्य धन्य सावित्री जिसने भारत का निर्माण किया
सदियों से शोषित मानव का जिसने है कल्याण किया
खुद ने विष पाया पर सबको अमृत का वरदान दिया
मरते दम तक जिसने भारतजन के हित का काम किया

तीन जनवरी उस सावित्री का जन्मदिन आता है - 2
इस दिन को पूरा भारत अब शिक्षक दिवस मनाता है – 2

- संजय श्रमण

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